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मुफलिसी की इंतेहा: चंदे से नसीब हुआ कफन

Fri, 03 Jul 2015 11:34 PM IST
शाहजहांपुर।
शाहजहांपुर। Updated Fri, 03 Jul 2015 11:34 PM IST
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 Muflisi the Inteha: contributions were fated shroud
शहर के मोहल्ला अजीजगंज में बृहस्पतिवार को रामरतन और उनके बेटे की विषाक्त भोजन खाने से मौत हो गई थी। दो बेटे जवान होने बावजूद रामरतन का परिवार मुफलिसी में जी रहा था। तंगहाली के चलते रामरतन और उनके बेटे सुमित का अंतिम संस्कार करने के लिए घरवालों के पास धेला नहीं था। मोहल्ले वालों ने चंदा करके अंतिम संस्कार का इंतजाम किया।
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रामरतन के परिवार की मुफलिसी उनके घर की रसोई ही बयां कर रही है। कंडों से चूल्हे पर खाना बनता था। आठ लोगों के परिवार के लिए 250 ग्राम दाल आती थी। इसी से सबको पेट भरना होता था। रोज कमाने और खाने वाले रामरतन के घर में चूल्हा तभी जलता जब राशन आ जाता था। गरीबी की इंतेहा शुक्रवार को रामरतन और उनके बेटे का शव घर लाए जाने के बाद सामने आई। घर में शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए भी कुछ नहीं था। इसकी चर्चा हुई तो दुख की इस घड़ी में आसपास के लोगों ने चंदा एकत्र करके बांस, कफन और अन्य चीजें लाएं। इसके बाद ही शवों का अंतिम संस्कार हो किया गया।
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परिवार को मिलेगी आर्थिक सहायता
बाप-बेटे की मौत होने पर जांच के लिए मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर एवं प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट आदित्य प्रकाश श्रीवास्तव ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता दिलाए जाने का भरोसा दिया। कहा कि पारिवारिक लाभ योजना के अंतर्गत 30 हजार रुपये का सहायता देने का नियम है। इसकी संस्तुति होने के 48 घंटे में मुआवजा राशि का चेक मिल जाता है। जवान बेटे की मौत हो जाने से परिवार बिखर गया है। मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता दिलाए जाने के लिए पत्र मुख्यमंत्री कार्यालय भेजा जाएगा।
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छाया को मिली अस्पताल से छुट्टी
किशोरी छाया की हालत में पहले से काफी सुधार है। डॉक्टर ने उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी। घर पहुंची छाया पिता और भाई की मौत की खबर सुनकर बेसुध हो गई। बमुश्किल लोगों ने उसे ढांढस बंधाया।

एक साथ उठीं पिता-पुत्र की अर्थी
शाहजहांपुर। रामरतन और उनके बेटे रोहित की मौत में बमुश्किल आधा घंटे का अंतर रहा। वहीं दोनों की अर्थी भी घर से एक साथ उठीं। इससे परिवार में कोहराम मच गया और समूचे गांव में मातम छा गया। मुन्नी देवी की हालत तो विक्षिप्त जैसी हो गई थी। शुक्रवार को दिनभर रामरतन के घर में आने जाने वालों का तांता लगा रहा।


मृतकों का विसरा सुरक्षित
शाहजहांपुर। रामरतन और उनके बेटे रोहित की विषाक्त भोजन खाने से हुई मौत के बाद शुक्रवार को उनका पोस्टमॉर्टम किया गया। जहर की पहचान और उसकी तीव्रता जानने के लिए मृतकों का विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। इसे जांच के लिए लखनऊ फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा। यह जानकारी सीएमएस डॉ. केशव स्वामी और कोतवाली इंस्पेक्टर केके तिवारी ने संयुक्त रूप से दी। फॉरेंसिंक टीम के संजय सिंह और सीएमएस के मुताबिक, जहर जो भी रहा लेकिन वह बहुत तीव्र किस्म का था। ऐसा इसलिए कि खाना खाने के कुछ देर बाद ही दोनों की मौत हो गई। सीएमएस के मुताबिक, रामकतन की बेटी छाया को भी काफी जद्दोजहद के बाद ही बचाया जा सका है। दरअसल उसने खाना भी कम खाया था।
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