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Shahjahanpur News: दान की जमीन पर कब्जे के विरोध में अनशन पर बैठे मौनी बाबा रामनाथ
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बंडा। आश्रम के नाम दान की गई जमीन को शिष्य द्वारा अपने और पत्नी के नाम दर्ज कराने से नाराज संत रामनाथ उर्फ मौनी बाबा ने अधिकारियों के स्तर से कोई सुनवाई नहीं होने पर मंगलवार से अनशन शुरू कर दिया। इस कारण उनके तमाम शिष्य व ग्राम वासी मौनी बाबा की सेहत को लेकर परेशान हैं।
कढै़र चौरा गांव के रहने वाले संत रामनाथ ने बताया कि उन्होंने ढका घनश्याम गांव में खेती की कुछ जमीन गांव के ही सार सत्य गुरु आश्रम को दान में दी थी और वह कढेरचौरा के एक मंदिर पर पूजा-अर्चना करने लगे। आश्रम पर रह रहे उनके एक शिष्य ने दान में दी गई जमीन का कुछ हिस्सा राजस्व अभिलेखाें में अपने और पत्नी के नाम करा लिया। अधिकारियों से शिकायत करने पर पुलिस ने आरोपी शिष्य को बुलाया, लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
इसी के विरोध में वह मंगलवार को सुबह ढका घनश्यामपुर जाकर मार्ग के किनारे अनशन पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक फर्जी तरीके से अपने नाम कराई गई जमीन को आश्रम के नाम वापस नहीं कराई जाएगी, तब तक वह अनशन से नहीं हटेंगे। एसडीएम चित्रा निर्वाल के अनुसार जमीन के इस मामले की उन्हें जानकारी नहीं है। इसलिए तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए हैं।
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कढै़र चौरा गांव के रहने वाले संत रामनाथ ने बताया कि उन्होंने ढका घनश्याम गांव में खेती की कुछ जमीन गांव के ही सार सत्य गुरु आश्रम को दान में दी थी और वह कढेरचौरा के एक मंदिर पर पूजा-अर्चना करने लगे। आश्रम पर रह रहे उनके एक शिष्य ने दान में दी गई जमीन का कुछ हिस्सा राजस्व अभिलेखाें में अपने और पत्नी के नाम करा लिया। अधिकारियों से शिकायत करने पर पुलिस ने आरोपी शिष्य को बुलाया, लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
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इसी के विरोध में वह मंगलवार को सुबह ढका घनश्यामपुर जाकर मार्ग के किनारे अनशन पर बैठ गए। उनका कहना है कि जब तक फर्जी तरीके से अपने नाम कराई गई जमीन को आश्रम के नाम वापस नहीं कराई जाएगी, तब तक वह अनशन से नहीं हटेंगे। एसडीएम चित्रा निर्वाल के अनुसार जमीन के इस मामले की उन्हें जानकारी नहीं है। इसलिए तहसीलदार को मौके पर जाकर जांच के निर्देश दिए हैं।
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