UP Floods: शाहजहांपुर में बाढ़ ने ली मां-बेटी की जान, 18 घंटे बाद मिला मासूम का शव; पानी में बह गई थीं दोनों
शाहजहांपुर के मिर्जापुर क्षेत्र में जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर रविवार को बाढ़ के पानी में बाइक सवार दंपती दो बच्चियों समेत बह गए थे। ग्रामीणों ने युवक और उसकी बड़ी बेटी को बचा लिया, लेकिन पत्नी और छोटी बेटी की डूबकर मौत हो गई।
विस्तार
शाहजहांपुर के मिर्जापुर थाना क्षेत्र में गंगा नदी की बाढ़ में डूबी चार साल की मासूम बच्ची का शव गोताखोर को मिल गया है। रविवार को गुटेटी उत्तर गांव के समीप जलालाबाद-शमशाबाद स्टेट हाईवे पर बाइक सवार दंपती अपने दो बेटियों समेत बाढ़ के पानी में बह गए थे। हाईवे पर मौजूद लोगों ने बाइक चालक और उसकी एक बेटी को बचा लिया था, लेकिन पत्नी व उसकी चार साल की बेटी पानी में बह गए थे।
महिला का शव कुछ देर बाद मिल गया था। मासूम बच्ची की तलाश की जा रही थी। सोमवार को उसका शव भी मिल गया। मां-बेटी की मौत से परिवार में कोहराम मचा है। उधर, बाढ़ के पानी में मां-बेटी के बह जाने के बाद प्रशासन ने रास्ते को बंद करा दिया है। अफसरों ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। दोनों ओर बैरिकेडिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं।
कासगंज जिले के थाना पटियाली क्षेत्र के चौकी गांव निवासी 35 वर्षीय पाल सिंह रक्षाबंधन पर पत्नी रोली देवी (34 वर्ष), पांच वर्षीय बेटी सोनम, चार वर्षीय बेटी काजू के साथ मिर्जापुर थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव में ससुराल आए थे। रविवार दोपहर करीब तीन बजे पाल सिंह पत्नी-बच्चों को लेकर बाइक से अपने घर वापस जा रहे थे।
यह भी पढ़ें- बाढ़ का कहर: बदायूं में गंगा का रौद्र रूप, साल 2023 का टूटा रिकॉर्ड, खेत डूबे-घरों में पानी, 39 गांव प्रभावित
तेज बहाव के कारण हुआ हादसा
स्टेट हाईवे पर बाढ़ के पानी का तेज बहाव है। पाल सिंह ने पानी से निकलने का प्रयास किया। तेज बहाव के चलते उनकी बाइक अनियंत्रित हो गई। वह पत्नी-बच्चों समेत पानी में बह गए। रोली और बेटी काजू डूब गईं थीं। पाल सिंह और संगीता को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। पुलिस ने रोली के शव को रविवार को ही पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
घटना के बाद पुलिस और गोताखोरों की टीम काजू के शव को खोज रही थी। सोमवार को लगभग 18 घंटे की तलाश के बाद गोताखोर अयूब को काजू का शव घटनास्थल से 500 मीटर दूर गन्ने के खेत में लगे तारों में फंसा मिला। कलान के प्रभारी तहसीलदार सृजित कुमार ने बताया कि बच्ची का शव बरामद हो गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
त्योहार की खुशियां मातम में बदलीं
रक्षाबंधन मनाकर घर लौट रहे पाल सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी और बेटी की मौत पर पाल सिंह के आंखों से आंसू नहीं थम रहे थे। पत्नी और बच्ची के पानी में बह जाने पर पाल सिंह सदमे में आ गए थे। पत्नी के शव को देखकर वह बिलख पड़े। बोले कि पत्नी व बच्ची कहां चले गए। ग्रामीणों ने उसे सांत्वना देकर शांत कराया।
अफसरों ने किया निरीक्षण
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार सोमवार को एसपी ग्रामीण भंवरे दीक्षा अरुण के साथ मिर्जापुर पहुंचे। स्टेट हाईवे पर मिर्जापुर-जरियनपुर से ढाईघाट को जाने वाले मुख्य मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि इस मार्ग पर आसपास के नदी-नालों एवं बाढ़ के पानी का अत्यधिक दबाव है। इसके कारण पानी सड़क पर तेज बहाव के साथ भर गया है। इस परिस्थिति में सामान्य आवागमन करने वाले राहगीरों, ग्रामीणों एवं वाहनों के फिसलने या बहाव में फंसने का गंभीर खतरा है।
एडीएम ने मार्ग को तत्काल प्रभाव से आमजन के लिए पूरी तरह से बंद करा दिया। साथ ही मार्ग के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। यहां पर पुलिस की ड्यूटी भी लगाई गई है। इसके अलावा एसडीआरएफ टीम को आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी रखने, आपातकालीन बचाव उपकरणों के साथ तत्पर रहने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति में त्वरित राहत कार्य के लिए निर्देशित किया गया।
बाढ़ के पानी से दूर रहने की अपील
एडीएम ने ग्रामीणों से अपील की है कि बाढ़ के पानी वाले क्षेत्रों से दूर रहें। अनावश्यक यात्रा न करें और अफवाहों पर ध्यान न दें। किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 पर अथवा नज़दीकी पुलिस थाने/प्रशासनिक अधिकारी को तत्काल सूचित करें। एडीएम अरविंद कुमार ने बताया कि फर्रुखाबाद के प्रशासनिक अधिकारियों से भी संपर्क कर उनके क्षेत्र में आने वाले मार्ग पर आवागमन प्रतिबंधित करने का अनुरोध भी किया गया है।