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Shahjahanpur News: माता अनसुइया ने डाल दिया पालना...
Fri, 18 Apr 2025 01:16 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Fri, 18 Apr 2025 01:16 AM IST
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गांव मलिका में कथा सुनाते इंदुशेखर पांडे। संवाद
खुटार। गांव मलिका के रामदरबार मंदिर परिसर में चल रही कथा में कथाव्यास इंदुशेखर पांडे ने सती अनुसुइया का प्रसंग सुनाया।
कथाव्यास ने कहा कि एक बार नारद ने माता लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती को अत्रि मुनि की पत्नी अनुसुइया के असाधारण पतिव्रता के बारे में बताया। तीनों देवियों को अनुसुइया के प्रति ईर्ष्या होने लगी। तीनों देवियों ने ब्रह्मा, विष्णु और शंकर से अनुसुइया के पतिव्रता को खंडित करने के लिए कहा। अत्रि ऋषि आश्रम से कहीं बाहर गए थे, तब ब्रह्मा, विष्णु और शंकर ने संन्यासियों का भेष धारण किया और अनुसुइया से कहा कि जब तुम निर्वस्त्र होकर भोजन परोसोगी, तभी हम भोजन करेंगे। अनुसुइया ने अपने तप बल से तीनों देवों को बालक रूप में कर दिया और उनको भोजन कराया। बाद में माता लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती और अन्य देवताओं के विनय पर बालकों को फिर से पुराने रूप में कर दिया।
आयोजकों ने बताया कि बृहस्पतिवार को भंडारा होना था, लेकिन कार्यक्रम आगे बढ़ जाने के कारण अब पूर्णाहुति, कन्या भोज और भंडारा शुक्रवार को होगा। संवाद
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कथाव्यास ने कहा कि एक बार नारद ने माता लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती को अत्रि मुनि की पत्नी अनुसुइया के असाधारण पतिव्रता के बारे में बताया। तीनों देवियों को अनुसुइया के प्रति ईर्ष्या होने लगी। तीनों देवियों ने ब्रह्मा, विष्णु और शंकर से अनुसुइया के पतिव्रता को खंडित करने के लिए कहा। अत्रि ऋषि आश्रम से कहीं बाहर गए थे, तब ब्रह्मा, विष्णु और शंकर ने संन्यासियों का भेष धारण किया और अनुसुइया से कहा कि जब तुम निर्वस्त्र होकर भोजन परोसोगी, तभी हम भोजन करेंगे। अनुसुइया ने अपने तप बल से तीनों देवों को बालक रूप में कर दिया और उनको भोजन कराया। बाद में माता लक्ष्मी, सरस्वती और पार्वती और अन्य देवताओं के विनय पर बालकों को फिर से पुराने रूप में कर दिया।
आयोजकों ने बताया कि बृहस्पतिवार को भंडारा होना था, लेकिन कार्यक्रम आगे बढ़ जाने के कारण अब पूर्णाहुति, कन्या भोज और भंडारा शुक्रवार को होगा। संवाद