फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Most outbreak of mosquitoes in Rosa and Jamuka

Shahjahanpur News: स्टेट हाईवे और सड़कें जलमग्न, अब नाव ही सहारा

Sun, 20 Aug 2023 01:06 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 20 Aug 2023 01:06 AM IST
विज्ञापन
Most outbreak of mosquitoes in Rosa and Jamuka
मिर्ज़ापुर के बाढ़ग्रस्त ग्राम आजाद नगर से नाव पर शेल्टर होम ग्राम ढाई आ रहे बाढ़ पीड़ित। बाढ़ पीड़
मिर्जापुर। गंगा की बाढ़ से जलालाबाद-ढाईघाट स्टेट हाईवे सहित किनारे की सभी सड़कें जलमग्न हैं। अब ग्रामीणों के पास सिर्फ नावों का ही सहारा बचा है। लगभग डेढ़ माह से बाढ़ क्षेत्र के गांवों की बिजली सप्लाई बंद है। ढाईगांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बनाए गए आश्रय स्थल में आजाद नगर के लगभग 112 लोग आश्रय लिए हुए हैं। इनके खाने-पीने और रहने की व्यवस्था तहसील प्रशासन कर रहा है।
विज्ञापन

जलालाबाद-ढाईघाट, शमशाबाद, सौरिख, बिधूना स्टेट हाईवे पर जगह-जगह तेज पानी बह रहा है। ढाईगांव से तीन किलोमीटर आगे धीयरपुरा की डिप पर बाढ़ के पानी का बहाव अधिक तेज होने से ढाईघाट तक पहुंचने के लिए नाव का ही सहारा लिया जा रहा है। स्टेट हाईवे के अलावा जलमग्न क्षेत्र में सड़कों और कच्चे रास्तों का कहीं पता नहीं चल रहा है। जरूरतमंद नाव से एक-दूसरे के गांव में जाकर अपनी जरूरत पूरी कर रहे हैं।
विज्ञापन


पीड़ितों को राशन किट और लंच के पैकेट बांटे
राजस्व निरीक्षक सुखवीर सिंह ने बाढ़ चौकी ढाई में समाजसेवी रिजवान अहमद के साथ ग्राम मस्जिद नगला और कटैला नगला के 170 बाढ़ पीड़ितों को राशन किट वितरित कीं। राजस्वकर्मियों ने आश्रय स्थल के अलावा जलमग्न गांवों में नाव से जाकर सड़कों और मकानों की छतों पर शरण लिए लगभग 500 बाढ़ पीड़ितों को लंच पैकेट वितरित किए।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेडिकल कैंप लगाकर की जा रही जांच
सीएचसी जरीयनपुर के प्रभारी डॉ. आदेश रस्तोगी ने आश्रय स्थल पर मेडिकल कैंप लगाकर डॉ. अलीम को टीम के साथ तैनात कर दिया है। कैंप में बीमारों का चेकअप करके दवाई दी जा रही है। काफी संख्या में आसपास के ग्रामीण मेडिकल कैंप में दवा लेने पहुंच रहे हैं। अधिकतर मरीज बुखार, आईफ्लू, त्वचा रोग से पीड़ित हैं।

ग्रामीणों ने सड़कों पर तिरपाल तानकर बनाए आशियाने
ग्राम इस्लामनगर, धींयरपुरा, भरतपुर, पैलानी, गुटेटी, कटैला नगला, पकड़िया नगला, धोबियन नगला, मोती नगला, बटन नगला, अभिचारपुर, बांसखेड़ा, लोहार नगला आदि गांवों के लोगों ने घर खाली करके सड़कों पर तिरपाल तानकर अपने आशियाने बना लिए हैं। उन्हें राजस्व विभाग की टीम ने नाव से लंच पैकेट लेकर वितरित किए। गंगा की बाढ़ से पूरी तरह जलमग्न ग्राम आजाद नगर के बाशिंदे नाव से अपनी गृहस्थी के साथ ढाईगांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बनाए गए शेल्टर होम में शरण लिए हुए हैं। वहीं पैलानी गांव के बाढ़ पीड़ित गांव के अंत्येष्टि स्थल में शरण लिए हुए हैं।


गंगा में तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी और छोड़ा
शाहजहांपुर। शनिवार को फिर से गंगा में तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया है। अगले दो दिन गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ने की संभावना है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष शारदा नहर खंड से जारी रिपोर्ट के अनुसार, गंगा का जलस्तर शुक्रवार को 143.50 गेज था। यह शनिवार को 143.52 गेज हो गया है। रामगंगा, गर्रा और खन्नौत नदी के जलस्तर में गिरावट आई है। नरौरा बैराज से शनिवार को गंगा में 3,11,996 क्यूसेक, रामगंगा में विभिन्न बैराजों में 20,356 क्यूसेक और गर्रा नदी में 2,365 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। संवाद


रामगंगा के निशाने पर खंडहर समेत अल्हागंज क्षेत्र के कई गांव
- गांव मनिहार में सैकड़ों साल पुराना देवी मंदिर भी ढहने के कगार पर
जलालाबाद। क्षेत्र के गांव शेरपुर के पास बहगुल और रामगंगा नदियां मिलकर एक हो जाती हैं। बैराजों से पानी छोड़े जाने से रामगंगा उफनाकर गांव की ओर बढ़ रही है। खंडहर इलाके के अलावा अल्हागंज क्षेत्र के कई गांव नदी के निशाने पर हैं।
फर्रुखाबाद हाईवे पर गांव सुगसुगी के पास उफनाई रामगंगा हाईवे से कुछ सौ मीटर दूर रह गई है। एक सप्ताह में दहेना, मनिहार सुगसुगी में कटान कर रही रामगंगा में कई एकड़ खड़ी फसल पानी की चपेट में आ चुकी है। गांव मनिहार में सैकड़ों साल पुराना देवी मंदिर भी ढहने के कगार पर है। गांव के ऋषिपाल, रूपराम, साहब सिंह आदि ने बताया कि चार साल बाद रामगंगा का जलस्तर काफी बढ़ गया है। प्रशासन ने जल्द ही कोई कदम नहीं उठाया तो हालात खराब हो सकते हैं। संवाद

रामगंगा से कटान न रुका तो आंदोलन करेंगे ग्रामीण



जलालाबाद। अल्हागंज क्षेत्र के कई गांवों से आए ग्रामीणों ने एसडीएम रवींद्र कुमार को ज्ञापन देकर रामगंगा नदी के कटान से गांवों को बचाने की गुहार लगाई है।



ग्रामीणों ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर उनकी समस्या का समाधान न हुआ तो वे लोग बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे जाम कर आंदोलन करने को बाध्य होंगे। गांव गोरा महुआ गॉड, साईपुर, मनिहार, सुगसुगी व कुंदौली से आए अमित कुमार, सुखपाल वर्मा, रामबाबू, हरिओम दिवाकर, देवलाल, रामसुमिरन आदि ने एसडीएम को बताया कि रामगंगा से हो रहे तेजी से कटान के कारण उन लोगों के गांवों का अस्तित्व खतरे में है।




आरोप लगाया कि सिंचाई विभाग द्वारा नदी का रुख मोड़ने को किनारे खुदाई कराई गई थी, लेकिन कोई काम मानक के अनुरूप न होने से स्थिति वैसी ही बनी हुई है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कटान रोकने की दिशा में काम न शुरू हुआ तो वे लोग आंदोलन करेंगे। संवाद

मिर्ज़ापुर के बाढ़ग्रस्त ग्राम आजाद नगर से नाव पर शेल्टर होम ग्राम ढाई आ रहे बाढ़ पीड़ित। बाढ़ पीड़

मिर्ज़ापुर के बाढ़ग्रस्त ग्राम आजाद नगर से नाव पर शेल्टर होम ग्राम ढाई आ रहे बाढ़ पीड़ित। बाढ़ पीड़

मिर्ज़ापुर के बाढ़ग्रस्त ग्राम आजाद नगर से नाव पर शेल्टर होम ग्राम ढाई आ रहे बाढ़ पीड़ित। बाढ़ पीड़

मिर्ज़ापुर के बाढ़ग्रस्त ग्राम आजाद नगर से नाव पर शेल्टर होम ग्राम ढाई आ रहे बाढ़ पीड़ित। बाढ़ पीड़

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed