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Shahjahanpur News: 100 ज्यादा मरीजों को निकला डायरिया
Sun, 19 May 2024 04:44 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 19 May 2024 04:44 AM IST
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शाहजहांपुर। गर्मी बढ़ने के साथ ही डायरिया और बुखार के मरीजों में बढ़ोतरी हुई है। इस सप्ताह दस प्रतिशत तक डायरिया के मरीज बढ़ गए हैं। उन्हें बेड तक मिलना मुश्किल हो रहा है। बेड नहीं मिलने पर नोकझोंक की स्थिति हो रही है। दूसरी ओर अस्पताल में ठंडा पानी तक मिलना मुश्किल हो रहा।
राजकीय मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में शनिवार को करीब 502 मरीजों का परीक्षण किया गया। इसमें सौ से ज्यादा मरीज डायरिया से पीड़ित थे। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ.सलीम बताते हैं कि बुखार, डायरिया, टाइफाइड, पेट दर्द के मरीज बढ़े हैं। पूर्व के मुकाबले अब डायरिया के मरीजों में इजाफा हुआ है।
दूसरी ओर बेड को लेकर मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। हालत यह है कि मरीज को लाने से पहले तीमारदार बेड के बारे में स्टाफ से जानकारी लेते हैं। शनिवार को एक नर्स अपने मरीज को भर्ती कराने पहुंचीं तो बेड नहीं मिला। उसकी स्टाफ से नोकझोंक हो गई। उच्च अधिकारियों तक बात पहुंचने से पहले वह अपना मरीज लेकर दूसरी अस्पताल में चली गईं। वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार पर्याप्त बेड होने की बात कह रहे हैं।
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इधर, अस्पताल में पानी तक के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। वाटर कूलर से ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा। ग्राउंड फ्लोर पर वॉटर कूलर लगा है। पानी ठंडा न होने से बर्तन धोने का काम आ रहे हैं। इसी तरह प्रशासनिक भवन के पास वाटर कूलर से ठंडा पानी नहीं मिल रहा।
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-मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी अस्पताल में अभी बेड फुल नहीं हुए हैं। मरीज के स्वस्थ होने पर उन्हें छुट्टी दी जा रही है। पानी के लिए वॉटर कूलर लगे हैं। मशीनें पुरानी होने के चलते पानी अधिक ठंडा नहीं हो पा रहा है।
डॉ.नेपाल सिंह, सीएमएस
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राजकीय मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में शनिवार को करीब 502 मरीजों का परीक्षण किया गया। इसमें सौ से ज्यादा मरीज डायरिया से पीड़ित थे। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ.सलीम बताते हैं कि बुखार, डायरिया, टाइफाइड, पेट दर्द के मरीज बढ़े हैं। पूर्व के मुकाबले अब डायरिया के मरीजों में इजाफा हुआ है।
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दूसरी ओर बेड को लेकर मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। हालत यह है कि मरीज को लाने से पहले तीमारदार बेड के बारे में स्टाफ से जानकारी लेते हैं। शनिवार को एक नर्स अपने मरीज को भर्ती कराने पहुंचीं तो बेड नहीं मिला। उसकी स्टाफ से नोकझोंक हो गई। उच्च अधिकारियों तक बात पहुंचने से पहले वह अपना मरीज लेकर दूसरी अस्पताल में चली गईं। वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार पर्याप्त बेड होने की बात कह रहे हैं।
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इधर, अस्पताल में पानी तक के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। वाटर कूलर से ठंडा पानी नहीं मिल पा रहा। ग्राउंड फ्लोर पर वॉटर कूलर लगा है। पानी ठंडा न होने से बर्तन धोने का काम आ रहे हैं। इसी तरह प्रशासनिक भवन के पास वाटर कूलर से ठंडा पानी नहीं मिल रहा।
-मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी अस्पताल में अभी बेड फुल नहीं हुए हैं। मरीज के स्वस्थ होने पर उन्हें छुट्टी दी जा रही है। पानी के लिए वॉटर कूलर लगे हैं। मशीनें पुरानी होने के चलते पानी अधिक ठंडा नहीं हो पा रहा है।
डॉ.नेपाल सिंह, सीएमएस