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Shahjahanpur News: खेत बेचकर मिली पूरी रकम हड़पना चाहता था मोहित
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शाहजहांपुर में पोस्टमार्टम हाउस पर रोती भाग्यवती की बेटी नन्हीं देवी। संवाद
निगोही (शाहजहांपुर)। मोहित दादी भाग्यवती को जमीन बेचकर मिली सारी रकम हड़पना चाहता था। हालांकि सात लाख रुपये कर्जा चुकाने के बाद साढ़े तीन लाख रुपये वह उसे दे भी चुकी थीं। उनके पास केवल साढ़े तीन लाख रुपये ही बचे थे। यह रुपये उन्होंने बुढ़ापे में अपनी गुजर बसर के लिए रखे थे लेकिन इन रुपयों पर भी मोहित की नीयत खराब हो गई थी।
जब दादी ने रुपये देने से इन्कार कर दिया तो उसने अपनी मां के साथ मिलकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। चूंकि उसके पिता भी नहीं चाहते थे कि मोहित को रुपये दिए जाएं तो उसने उनकी भी हत्या कर दी।
भाग्यवती ने छह बीघा जमीन श्यामपाल के नाम कर दी थी। सात बीघा जमीन गांव के लाल बहादुर को 14 लाख रुपये में बेच दी थी। भाग्यवती के ऊपर तीन बैंकों का लोन भी था। उन्होंने सात लाख रुपये से बैंकों का लोन अदा किया था। बाकी रुपये खाते में जमा कर दिए थे।
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भाग्यवती की बेटी नन्हीं देवी के मुताबिक भतीजे मोहित की नजर उनके रुपयों पर थी। वह रुपयों के लिए आए दिन घर में झगड़ा करता था। साढ़े तीन लाख रुपये भाग्यवती ने मोहित को दिए भी थे। इसके बाद भी वह दादी और पिता को रुपयों के लिए परेशान कर रहा था।
नन्हीं ने बताया कि रुपयों के लिए मोहित ने अपनी मां सदावती के साथ मिलकर दोनों की हत्या की योजना बनाई। बृहस्पतिवार सुबह पुराने मकान से भाग्यवती और श्यामलाल लौटे तो मोहित हमलावर हो गया। उसने पहले दादी को गोली मार दी फिर अपने पिता की भी हत्या कर दी।
दोनों की हत्या करने के बाद आरोपी अपनी मां सदावती के साथ पड़ोसी की बाइक लेकर भाग गया। ग्रामीणों ने बताया कि 2008 में श्यामलाल ने अपने पिता प्यारेलाल की हत्या कर दी थी। पुलिस की जांच में अवैध संबंधों के चलते हत्या की बात सामने आई थी।
बीस दिन पहले मोहित ने की थी कोर्ट मैरिज
- श्यामलाल के इकलौता पुत्र मोहित बेरोजगार था। खेत बेचने के बाद दादी को मिले रुपयों से ही वह अपना खर्चा चला रहा था। 20 दिन पहले ही उसने पीलीभीत जिले के सोहालिया की युवती से कोर्ट मैरिज की थी। शादी के बाद कुछ दिन वह बरेली में रहा था। इसके बाद गांव लौट आया। बुधवार को मोहित पत्नी को ननिहाल में छोड़कर आया था। इसके बाद से वह दादी से रुपये मांग रहा था।
पुलिस ने मकान पर ताला डाला
- हत्याकांड की सूचना के बाद एसपी एस. आनंद व एसपी देहात संजीव कुमार वाजपेयी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने नमूने जुटाए। पुलिस ने मकान में ताला डाल दिया है। चाबी भी पुलिस अपने साथ ले गई है।
जमीन नाम कराने का भी बनाया था दबाव
- नन्हीं देवी ने बताया कि श्यामपाल के नाम पर छह बीघा जमीन थी। सात बीघा जमीन भाग्यवती के पास थी। जब तक भाग्यवती ने जमीन बेची नहीं थी मोहित दादी पर जमीन उसके नाम करने का दबाव बनाता था मगर वह इन्कार कर देती थीं। उन्हें डर था कि मोहित जमीन बेचकर रुपये उड़ा देगा।
फसल चर गए जानवर पर खेत देखने तक नहीं गया
- श्यामपाल लंबे समय से हाथ में दर्द के चलते परेशान थे। 15 दिन पहले उन्होंने बहन नन्हीं देवी को फोन किया था। बताया था कि पत्नी सदावती ने तीन दिन से खाना नहीं बनाया है। उसे भूखा रहना पड़ रहा है। मां भी कहीं गई हुई है। इस पर उसने श्यामपाल को अपने घर कांट के गांव इकनौरा में बुला लिया था। नन्हीं देवी ने बताया कि भाई के घर पर रुकने के दौरान गेहूं की फसल को जानवर चर गए थे, जबकि वह मोहित से खेत की देखभाल को कहकर आए थे।
श्यामपाल पर पिता की हत्या का था आरोप
ग्रामीणों के मुताबिक श्यामपाल ने वर्ष 2008 में अपने पिता प्यारेलाल की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। अवैध संबंधों के चलते हत्याकांड को अंजाम दिया था। तब श्यामपाल जेल भी गया था मगर सबूतों के अभाव में वह बरी हो गया था। लोगों का कहना है कि श्यामपाल ने जो अपने पिता के साथ किया था, वह उसके बेटे ने उसके साथ किया।
मोहित व उसकी मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
- दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले मोहित मौर्या व उसकी मां सदावती के खिलाफ तिलहर थाने में केस दर्ज किया गया। मृतक श्यामपाल के बहनोई रंजीत मौर्य ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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जब दादी ने रुपये देने से इन्कार कर दिया तो उसने अपनी मां के साथ मिलकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। चूंकि उसके पिता भी नहीं चाहते थे कि मोहित को रुपये दिए जाएं तो उसने उनकी भी हत्या कर दी।
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भाग्यवती ने छह बीघा जमीन श्यामपाल के नाम कर दी थी। सात बीघा जमीन गांव के लाल बहादुर को 14 लाख रुपये में बेच दी थी। भाग्यवती के ऊपर तीन बैंकों का लोन भी था। उन्होंने सात लाख रुपये से बैंकों का लोन अदा किया था। बाकी रुपये खाते में जमा कर दिए थे।
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भाग्यवती की बेटी नन्हीं देवी के मुताबिक भतीजे मोहित की नजर उनके रुपयों पर थी। वह रुपयों के लिए आए दिन घर में झगड़ा करता था। साढ़े तीन लाख रुपये भाग्यवती ने मोहित को दिए भी थे। इसके बाद भी वह दादी और पिता को रुपयों के लिए परेशान कर रहा था।
नन्हीं ने बताया कि रुपयों के लिए मोहित ने अपनी मां सदावती के साथ मिलकर दोनों की हत्या की योजना बनाई। बृहस्पतिवार सुबह पुराने मकान से भाग्यवती और श्यामलाल लौटे तो मोहित हमलावर हो गया। उसने पहले दादी को गोली मार दी फिर अपने पिता की भी हत्या कर दी।
दोनों की हत्या करने के बाद आरोपी अपनी मां सदावती के साथ पड़ोसी की बाइक लेकर भाग गया। ग्रामीणों ने बताया कि 2008 में श्यामलाल ने अपने पिता प्यारेलाल की हत्या कर दी थी। पुलिस की जांच में अवैध संबंधों के चलते हत्या की बात सामने आई थी।
बीस दिन पहले मोहित ने की थी कोर्ट मैरिज
- श्यामलाल के इकलौता पुत्र मोहित बेरोजगार था। खेत बेचने के बाद दादी को मिले रुपयों से ही वह अपना खर्चा चला रहा था। 20 दिन पहले ही उसने पीलीभीत जिले के सोहालिया की युवती से कोर्ट मैरिज की थी। शादी के बाद कुछ दिन वह बरेली में रहा था। इसके बाद गांव लौट आया। बुधवार को मोहित पत्नी को ननिहाल में छोड़कर आया था। इसके बाद से वह दादी से रुपये मांग रहा था।
पुलिस ने मकान पर ताला डाला
- हत्याकांड की सूचना के बाद एसपी एस. आनंद व एसपी देहात संजीव कुमार वाजपेयी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने नमूने जुटाए। पुलिस ने मकान में ताला डाल दिया है। चाबी भी पुलिस अपने साथ ले गई है।
जमीन नाम कराने का भी बनाया था दबाव
- नन्हीं देवी ने बताया कि श्यामपाल के नाम पर छह बीघा जमीन थी। सात बीघा जमीन भाग्यवती के पास थी। जब तक भाग्यवती ने जमीन बेची नहीं थी मोहित दादी पर जमीन उसके नाम करने का दबाव बनाता था मगर वह इन्कार कर देती थीं। उन्हें डर था कि मोहित जमीन बेचकर रुपये उड़ा देगा।
फसल चर गए जानवर पर खेत देखने तक नहीं गया
- श्यामपाल लंबे समय से हाथ में दर्द के चलते परेशान थे। 15 दिन पहले उन्होंने बहन नन्हीं देवी को फोन किया था। बताया था कि पत्नी सदावती ने तीन दिन से खाना नहीं बनाया है। उसे भूखा रहना पड़ रहा है। मां भी कहीं गई हुई है। इस पर उसने श्यामपाल को अपने घर कांट के गांव इकनौरा में बुला लिया था। नन्हीं देवी ने बताया कि भाई के घर पर रुकने के दौरान गेहूं की फसल को जानवर चर गए थे, जबकि वह मोहित से खेत की देखभाल को कहकर आए थे।
श्यामपाल पर पिता की हत्या का था आरोप
ग्रामीणों के मुताबिक श्यामपाल ने वर्ष 2008 में अपने पिता प्यारेलाल की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। अवैध संबंधों के चलते हत्याकांड को अंजाम दिया था। तब श्यामपाल जेल भी गया था मगर सबूतों के अभाव में वह बरी हो गया था। लोगों का कहना है कि श्यामपाल ने जो अपने पिता के साथ किया था, वह उसके बेटे ने उसके साथ किया।
मोहित व उसकी मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
- दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने वाले मोहित मौर्या व उसकी मां सदावती के खिलाफ तिलहर थाने में केस दर्ज किया गया। मृतक श्यामपाल के बहनोई रंजीत मौर्य ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

शाहजहांपुर में पोस्टमार्टम हाउस पर रोती भाग्यवती की बेटी नन्हीं देवी। संवाद

शाहजहांपुर में पोस्टमार्टम हाउस पर रोती भाग्यवती की बेटी नन्हीं देवी। संवाद

शाहजहांपुर में पोस्टमार्टम हाउस पर रोती भाग्यवती की बेटी नन्हीं देवी। संवाद

शाहजहांपुर में पोस्टमार्टम हाउस पर रोती भाग्यवती की बेटी नन्हीं देवी। संवाद

शाहजहांपुर में पोस्टमार्टम हाउस पर रोती भाग्यवती की बेटी नन्हीं देवी। संवाद