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Shahjahanpur News: विधायक निधि के दुरुपयोग के सवाल पर असहज हुए प्रभारीमंत्री
Sun, 26 Mar 2023 02:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sun, 26 Mar 2023 02:31 AM IST
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शाहजहांपुर। विकास भवन में सरकार की उपलब्धियां गिनाते वक्त प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री नरेंद्र कश्यप जिले में विधायक निधि के दुरुपयोग से जुड़े सवाल पर असहज हो उठे। उनसे यह जानने का प्रयास किया गया कि गत तीन वित्त वर्षों में पांच विधानसभा क्षेत्रों में 81.6 फीसदी विधायक निधि सिर्फ प्रकाश व्यवस्था पर खर्च करने का क्या औचित्य है।
मंत्री ने उखड़े लहजे में सवाल को अप्रासंगिक करार दिया तो उनकी तरफदारी में विधायक समेत कई अधिकारी भी बोलने लगे। पत्रकारों से बातचीत की शुरुआत प्रभारी मंत्री ने सरकार की उपलब्धियों की सूची पढ़कर की। करीब दस मिनट तक उन्होंने सुशासन, विकास और रोजगार के आंकड़े गिनाए। कहा कि वर्ष 2017 से पहले तक सूबे की पहचान गुंडा प्रदेश और बीमारू राज्य के तौर पर होती थी, लेकिन योगी सरकार ने छह वर्ष में व्यापक बदलाव किए। हाल ही में लखनऊ में हुई ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में 40 देशों के 25 हजार औद्योगिक घरानों द्वारा 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हस्ताक्षरित करना राज्य के बदलते परिवेश का प्रमाण है।
इसके बाद पत्रकारों ने सवाल पूछे तो मंत्री माथे पर बल पड़ने लगे। उनसे पूछा गया कि वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में शहर विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर शेष पांचों क्षेत्रों को जारी 30 करोड़ रुपये की विधायक निधि में 24.39 करोड़ रुपये सिर्फ हाईमास्ट लगाने पर ही खर्च क्यों किए गए। इस पर प्रभारी मंत्री बोले, यह मौका ऐसे सवालों के लिए नहीं है और बेहतर होगा कि कुछ ऐसे सुझाव दें कि सरकार को 130 सूत्री संकल्पपत्र पूरा करने में मदद मिल सके।
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पुवायां विधायक चेतराम चर्चा में हस्तक्षेप कर बोले: विधायक निधि से कई अन्य काम भी हुए हैं। ये बातें सभी विधायक बाद में भी बैठकर कर लेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि प्रकाश व्यवस्था की अपनी अहमियत है, क्योंकि गांवों में सड़कों पर रोशनी जयादा होने से अपराध कम होते हैं।
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मंत्री ने उखड़े लहजे में सवाल को अप्रासंगिक करार दिया तो उनकी तरफदारी में विधायक समेत कई अधिकारी भी बोलने लगे। पत्रकारों से बातचीत की शुरुआत प्रभारी मंत्री ने सरकार की उपलब्धियों की सूची पढ़कर की। करीब दस मिनट तक उन्होंने सुशासन, विकास और रोजगार के आंकड़े गिनाए। कहा कि वर्ष 2017 से पहले तक सूबे की पहचान गुंडा प्रदेश और बीमारू राज्य के तौर पर होती थी, लेकिन योगी सरकार ने छह वर्ष में व्यापक बदलाव किए। हाल ही में लखनऊ में हुई ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट में 40 देशों के 25 हजार औद्योगिक घरानों द्वारा 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर एमओयू हस्ताक्षरित करना राज्य के बदलते परिवेश का प्रमाण है।
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इसके बाद पत्रकारों ने सवाल पूछे तो मंत्री माथे पर बल पड़ने लगे। उनसे पूछा गया कि वित्त वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 में शहर विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर शेष पांचों क्षेत्रों को जारी 30 करोड़ रुपये की विधायक निधि में 24.39 करोड़ रुपये सिर्फ हाईमास्ट लगाने पर ही खर्च क्यों किए गए। इस पर प्रभारी मंत्री बोले, यह मौका ऐसे सवालों के लिए नहीं है और बेहतर होगा कि कुछ ऐसे सुझाव दें कि सरकार को 130 सूत्री संकल्पपत्र पूरा करने में मदद मिल सके।
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पुवायां विधायक चेतराम चर्चा में हस्तक्षेप कर बोले: विधायक निधि से कई अन्य काम भी हुए हैं। ये बातें सभी विधायक बाद में भी बैठकर कर लेंगे। एक अधिकारी ने कहा कि प्रकाश व्यवस्था की अपनी अहमियत है, क्योंकि गांवों में सड़कों पर रोशनी जयादा होने से अपराध कम होते हैं।