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रात में तेजी से लुढ़कने लगा पारा, रबी फसलों को मिलेगा लाभ
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शाहजहांपुर। दिवाली के बाद से रात के न्यूनतम तापमान में गिरावट आ रही है। जबकि दिन में धूप निकलने से अधिकतम तापमान बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञ के अनुसार रात के तापमान में गिरावट शीत काल शुरू होने का संकेत है और अगले कुछ दिनों में कोहरा की शुरुआत भी हो जाएगी। इधर, कृषि वैज्ञानिक ने मौसम की इस स्थिति को रबी फसलों की बढ़वार और गन्ना की परिपक्वता के लिए अनुकूल बताया है।
रात में थर्मामीटर का पारा लुढ़कने की शुरुआत रविवार छोटी दिवाली से हो गई लेकिन दिन में धूप निकलने और मध्यम गति से पछुआ हवा चलने से अधिकतम तापमान बढ़ता रहा। बीते दिन तेज धूप निकली तो अधिकतम तापमान करीब दो डिग्री बढ़कर 34 डिग्री सेल्सियस हो गया लेकिन सूर्यास्त के बाद आर्द्रता बढ़ने से पछुआ हवा ने ठंडक बिखेरी तो रात में न्यूनतम तापमान लगभग एक डिग्री घटकर 18.8 डिग्री सेल्सियस हो गया।
बुधवार को भी तापमान में गिरावट जारी रही। रात में ठंडी हवा चलने से न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री घटकर 17 डिग्री सेल्सियस हो गया। सुबह से शाम तक बादलों की धुंध छाई रहने से दिन में धूप हल्की निकली और हवा चलती रही। इस कारण अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री घटकर 31.6 डिग्री सेल्सियस हो गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से अगले 48 घंटे तक धुंध छाई रहेगी और पछुआ हवा चलेगी। इससे रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी।
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तापमान में उतार-चढ़ाव (डिग्री सेल्सियस)
तारीख अधिकतम न्यूनतम
22 अक्तूबर 32.2 19.2
23 अक्तूबर 31.2 19.6
24 अक्तूबर 32.3 19.4
25 अक्तूबर 34.0 18.8
26 अक्तूबर 31.6 17.0
(स्रोत: गन्ना शोध परिषद का मौसम अनुभाग)
गन्ने में बढ़ेगी मिठास और गेहूं में जल्द होगा अंकुरण
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी के अनुसार रात के तापमान में आ रही कमी और दिन में तापमान 30 डिग्री के आसपास बना है जो रबी सीजन की सभी फसलों के लिए अनुकूल माहौल दे रहा है। खेतों की मृदा में पर्याप्त नमी पहले से मौजूद है। इसलिए दिन में धूप से गरमाहट पाकर गेहूं बीज का अंकुरण शीघ्रता से होगा। इससे गेहूं समेत चना, मटर, सरसों आदि फसलों की बढ़वार में भी मदद मिलेगी। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव का कहना है कि गन्ना परिपक्व होने के लिए रात में 16 से 17 डिग्री और दिन में 31 से 33 डिग्री तक तापमान अनुकूल होता है। डीसीओ के अनुसार मौसम में परिवर्तन के संकेत लाभकारी हैं क्योंकि अब गन्ने में मिठास बढ़नी शुरू हो जाएगी। संवाद
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रात में थर्मामीटर का पारा लुढ़कने की शुरुआत रविवार छोटी दिवाली से हो गई लेकिन दिन में धूप निकलने और मध्यम गति से पछुआ हवा चलने से अधिकतम तापमान बढ़ता रहा। बीते दिन तेज धूप निकली तो अधिकतम तापमान करीब दो डिग्री बढ़कर 34 डिग्री सेल्सियस हो गया लेकिन सूर्यास्त के बाद आर्द्रता बढ़ने से पछुआ हवा ने ठंडक बिखेरी तो रात में न्यूनतम तापमान लगभग एक डिग्री घटकर 18.8 डिग्री सेल्सियस हो गया।
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बुधवार को भी तापमान में गिरावट जारी रही। रात में ठंडी हवा चलने से न्यूनतम तापमान 1.8 डिग्री घटकर 17 डिग्री सेल्सियस हो गया। सुबह से शाम तक बादलों की धुंध छाई रहने से दिन में धूप हल्की निकली और हवा चलती रही। इस कारण अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री घटकर 31.6 डिग्री सेल्सियस हो गया। गन्ना शोध परिषद के मौसम वैज्ञानिक डॉ. मनमोहन सिंह के अनुसार बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से अगले 48 घंटे तक धुंध छाई रहेगी और पछुआ हवा चलेगी। इससे रात के तापमान में गिरावट जारी रहेगी।
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तापमान में उतार-चढ़ाव (डिग्री सेल्सियस)
तारीख अधिकतम न्यूनतम
22 अक्तूबर 32.2 19.2
23 अक्तूबर 31.2 19.6
24 अक्तूबर 32.3 19.4
25 अक्तूबर 34.0 18.8
26 अक्तूबर 31.6 17.0
(स्रोत: गन्ना शोध परिषद का मौसम अनुभाग)
गन्ने में बढ़ेगी मिठास और गेहूं में जल्द होगा अंकुरण
कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी अधिकारी एवं वरिष्ठ शस्य वैज्ञानिक डॉ. एनसी त्रिपाठी के अनुसार रात के तापमान में आ रही कमी और दिन में तापमान 30 डिग्री के आसपास बना है जो रबी सीजन की सभी फसलों के लिए अनुकूल माहौल दे रहा है। खेतों की मृदा में पर्याप्त नमी पहले से मौजूद है। इसलिए दिन में धूप से गरमाहट पाकर गेहूं बीज का अंकुरण शीघ्रता से होगा। इससे गेहूं समेत चना, मटर, सरसों आदि फसलों की बढ़वार में भी मदद मिलेगी। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. खुशीराम भार्गव का कहना है कि गन्ना परिपक्व होने के लिए रात में 16 से 17 डिग्री और दिन में 31 से 33 डिग्री तक तापमान अनुकूल होता है। डीसीओ के अनुसार मौसम में परिवर्तन के संकेत लाभकारी हैं क्योंकि अब गन्ने में मिठास बढ़नी शुरू हो जाएगी। संवाद