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मॉक-ड्रिल : ऑक्सीजन कंसंट्रेटर मशीन नहीं शुरू कर सकी नर्स
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राजकीय मेडिकल कॉलेज हुआ माक ड्रिल,। संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज के एलटू आइसोलेशन वार्ड में सोमवार को सीएमओ ओर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) टीम की मौजूदगी में मॉक ड्रिल किया गया। इस दौरान वहां पर मौजूद नर्स ऑक्सीजन नहीं लगा पाईं। ऐसे में डब्ल्यूएचओ टीम ने ट्रेनिंग की आवश्यकता बताई।
इस समय जिले में केवल एक कोरोना संक्रमित मरीज है। तीसरी लहर की आशंका में स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारी कर रहा है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से राजकीय मेडिकल कॉलेज में बने एल-टू आइसोलेशन वार्ड में डब्ल्यूएचओ प्रभारी कुमार कुंजन की मौजूदगी में मॉक ड्रिल किया गया। डब्ल्यूएचओ प्रभारी ने वहां पर मौजूद नर्स से कंसंट्रेटर ऑक्सीजन मशीन स्टार्ट करने के लिए कहा। तब नर्स ने जवाब दिया कि उन्हें इसके बारे में नहीं मालूम। तभी वहां पर सीएमओ डॉ. एसपी गौतम और सीएमएस डॉ. एयूपी सिंहा भी पहुंच गए।
दोनों अधिकारियों के सामने डब्ल्यूएचओ टीम ने कहा कि सब कुछ ठीक है। इसके बाद माक ड्रील को जारी रखते हुए एक कोरोना मरीज को नौ मिनट में घर से आइसोलेशन वार्ड तक लाने का अभ्यास किया। वहां से स्टाफ के माध्यम से मरीज को दो मिनट के अंदर के अदर आइसोलेशन वार्ड के अंदर बेड पर लिटाया गया। वार्ड में तैनात स्टाफ ने एक मिनट में मरीज का ब्लडप्रेशर और सैचुरेशन चेक कर ऑक्सीजन लगा दी। सीएमओ ने कहा कि कोरोना मरीज के प्रति डर को खत्म करें और लगातार मॉक ड्रिल करते रहने की आवश्यकता है।
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विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल होती रहती है। ताकि मरीजों के आने पर स्टाफ की तरफ से उनको जल्द से जल्द से इलाज मुहैया कराया जा सके। - डॉ. एसपी गौतम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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इस समय जिले में केवल एक कोरोना संक्रमित मरीज है। तीसरी लहर की आशंका में स्वास्थ्य विभाग अपनी तैयारी कर रहा है। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से राजकीय मेडिकल कॉलेज में बने एल-टू आइसोलेशन वार्ड में डब्ल्यूएचओ प्रभारी कुमार कुंजन की मौजूदगी में मॉक ड्रिल किया गया। डब्ल्यूएचओ प्रभारी ने वहां पर मौजूद नर्स से कंसंट्रेटर ऑक्सीजन मशीन स्टार्ट करने के लिए कहा। तब नर्स ने जवाब दिया कि उन्हें इसके बारे में नहीं मालूम। तभी वहां पर सीएमओ डॉ. एसपी गौतम और सीएमएस डॉ. एयूपी सिंहा भी पहुंच गए।
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दोनों अधिकारियों के सामने डब्ल्यूएचओ टीम ने कहा कि सब कुछ ठीक है। इसके बाद माक ड्रील को जारी रखते हुए एक कोरोना मरीज को नौ मिनट में घर से आइसोलेशन वार्ड तक लाने का अभ्यास किया। वहां से स्टाफ के माध्यम से मरीज को दो मिनट के अंदर के अदर आइसोलेशन वार्ड के अंदर बेड पर लिटाया गया। वार्ड में तैनात स्टाफ ने एक मिनट में मरीज का ब्लडप्रेशर और सैचुरेशन चेक कर ऑक्सीजन लगा दी। सीएमओ ने कहा कि कोरोना मरीज के प्रति डर को खत्म करें और लगातार मॉक ड्रिल करते रहने की आवश्यकता है।
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विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए मॉक ड्रिल होती रहती है। ताकि मरीजों के आने पर स्टाफ की तरफ से उनको जल्द से जल्द से इलाज मुहैया कराया जा सके। - डॉ. एसपी गौतम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी