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रंगीले, सुरीले और छबीले ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया
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शाहजहांपुर के गांधी भवन में मस्तमौला नाटक का मंचन करते कोरोनेशन आर्ट थियेटर के कलाकार । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। रविवार शाम गांधी भवन प्रेक्षागृह में ‘मस्तमौला’ नाटक के मंचन के दौरान दर्शक हंस-हंसकर लोटपोट हो गए। नाटक के माध्यम से संघर्ष के समय को भी हंसी-खुशी से बिताने का संदेश दिया गया।
लेखक जयवर्धन द्वारा लिखित नाटक ‘मस्तमौला’ का कथानक रंगीले, सुरीले और छबीले के इर्द-गिर्द घूमता रहता है। ये तीनों अपना घर छोड़कर दूसरे शहर में पं. पंजीरी लाल के मकान में किराये पर रहकर संघर्ष करते हैं। आर्थिक तंगी इतनी कि समय से किराया तक नहीं चुका पाते। तमाम बहानों के बीच ही छबीले का पंडित की लड़की से प्रेम हो जाता है। इसकी जानकारी मिलने पर मकान मालिक इन तीनों के साथ अपने नौकर फोकट को भी मय सामान के घर से निकाल देता है। खुले आसमान के नीचे आकर ये चारों चिंताग्रस्त हो रहे हैं, तभी मकान मालिक इनके पास पहुंचते हैं और बुढ़ापे में इन्हें अपना सहारा मानकर वापस घर ले आते हैं।
संगीत नाटक अकादमी सम्मान प्राप्त रंगकर्मी जरीफ मलिक आनंद के निर्देशन में नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया। अभिनय अग्निहोत्री, सौमित्र शुक्ला, कुमुद कांत, मोनिका सागर, दुर्गेश कुमार, राहुल वाजपेयी, फाजिल खान, कृष्ण कुमार, अंकित पांडेय, पीयूष शुक्ला, पुनीत शुक्ला, कैफ खान और अमित राठौर ने अपने अभिनय ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
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लेखक जयवर्धन द्वारा लिखित नाटक ‘मस्तमौला’ का कथानक रंगीले, सुरीले और छबीले के इर्द-गिर्द घूमता रहता है। ये तीनों अपना घर छोड़कर दूसरे शहर में पं. पंजीरी लाल के मकान में किराये पर रहकर संघर्ष करते हैं। आर्थिक तंगी इतनी कि समय से किराया तक नहीं चुका पाते। तमाम बहानों के बीच ही छबीले का पंडित की लड़की से प्रेम हो जाता है। इसकी जानकारी मिलने पर मकान मालिक इन तीनों के साथ अपने नौकर फोकट को भी मय सामान के घर से निकाल देता है। खुले आसमान के नीचे आकर ये चारों चिंताग्रस्त हो रहे हैं, तभी मकान मालिक इनके पास पहुंचते हैं और बुढ़ापे में इन्हें अपना सहारा मानकर वापस घर ले आते हैं।
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संगीत नाटक अकादमी सम्मान प्राप्त रंगकर्मी जरीफ मलिक आनंद के निर्देशन में नाटक का प्रभावशाली मंचन किया गया। अभिनय अग्निहोत्री, सौमित्र शुक्ला, कुमुद कांत, मोनिका सागर, दुर्गेश कुमार, राहुल वाजपेयी, फाजिल खान, कृष्ण कुमार, अंकित पांडेय, पीयूष शुक्ला, पुनीत शुक्ला, कैफ खान और अमित राठौर ने अपने अभिनय ने दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
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