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बिना पंजीकरण श्रमिकों से काम कराया तो खैर नहीं
तिलहर (शाहजहांपुर)
Updated Thu, 18 Dec 2014 11:48 PM IST
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अब किसी राह चलते मजदूर को रोककर निर्माण कार्य में जुटा देना आने वाले दिनों में बीते जमाने की बात होगी। इसके लिए प्रशासन ने ठेकेदारों, निर्माण कार्य करने वाली एजेंसियों तथा मजदूरों को घेरना शुरू कर दिया है।
नगर पालिका परिषद में एसडीएम पदम सिंह ने ठेकेदारों की बैठक लेकर पंजीकृत मजदूरों से ही काम कराने का फरमान सुनाया है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अब श्रम विभाग में बिना पंजीकरण कराए यदि कोई मजदूर निर्माण कार्य में संलग्न पाया जाता है तो मजदूर तथा निर्माण कार्य कराने वाले व्यक्ति या संस्था दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे ठेकेदारों तथा निर्माण कार्य कराने वालों में हड़कंप मच गया है।
एसडीएम का कहना है कि मजदूरों के कल्याण के लिए श्रम विभाग द्वारा यह कार्य शुरू कराया गया है। इसके अंतर्गत उन्हें बीमा लाभ, उनके परिजनों को साइकिल वितरण, पेंशन योजना, आवास सहायता, गंभीर बीमारी योजना आदि लाभों से आच्छादित किया जाएगा। दुर्घटना आदि में श्रमिकों की मृत्यु होने पर उसके घरवालों को पांच लाख, स्थाई अपंगता पर तीन लाख तथा आंशिक विकलांगता पर दो लाख रुपये देने की शासन की योजना है।
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ठेकेदारों का कहना है कि पंजीकृत मजदूरों का मिलना बड़ा मुश्किल काम है। जिस मजदूर से उसकी आईडी और कागज मांगते हैं वह दूसरे दिन काम पर आना ही छोड़ देता है और पंजीकरण के लिए वांछित 90 दिन कार्य करने का प्रमाण पत्र व अन्य औपचारिकताएं अव्यवहारिक होने के कारण पंजीकरण होना संभव नहीं हो पा रहा है। इस दौरान सुशील बाबू सक्सेना, संजीव गुप्ता, अशोक गुप्ता, सुनील शर्मा, राशिद हुसैन आदि मौजूद रहे।
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नगर पालिका परिषद में एसडीएम पदम सिंह ने ठेकेदारों की बैठक लेकर पंजीकृत मजदूरों से ही काम कराने का फरमान सुनाया है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अब श्रम विभाग में बिना पंजीकरण कराए यदि कोई मजदूर निर्माण कार्य में संलग्न पाया जाता है तो मजदूर तथा निर्माण कार्य कराने वाले व्यक्ति या संस्था दोनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इससे ठेकेदारों तथा निर्माण कार्य कराने वालों में हड़कंप मच गया है।
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एसडीएम का कहना है कि मजदूरों के कल्याण के लिए श्रम विभाग द्वारा यह कार्य शुरू कराया गया है। इसके अंतर्गत उन्हें बीमा लाभ, उनके परिजनों को साइकिल वितरण, पेंशन योजना, आवास सहायता, गंभीर बीमारी योजना आदि लाभों से आच्छादित किया जाएगा। दुर्घटना आदि में श्रमिकों की मृत्यु होने पर उसके घरवालों को पांच लाख, स्थाई अपंगता पर तीन लाख तथा आंशिक विकलांगता पर दो लाख रुपये देने की शासन की योजना है।
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ठेकेदारों का कहना है कि पंजीकृत मजदूरों का मिलना बड़ा मुश्किल काम है। जिस मजदूर से उसकी आईडी और कागज मांगते हैं वह दूसरे दिन काम पर आना ही छोड़ देता है और पंजीकरण के लिए वांछित 90 दिन कार्य करने का प्रमाण पत्र व अन्य औपचारिकताएं अव्यवहारिक होने के कारण पंजीकरण होना संभव नहीं हो पा रहा है। इस दौरान सुशील बाबू सक्सेना, संजीव गुप्ता, अशोक गुप्ता, सुनील शर्मा, राशिद हुसैन आदि मौजूद रहे।