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नोएडा से आए युवक को कोरोना संक्रमित की आशंका पर हंगामा
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शाहजहांपुर। नोएडा से घर लौटे थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के एक युवक को ग्रामीणों ने कोरोना वायरस से पीड़ित होने के शक में गांव में नहीं घुसने दिया। पीड़ित ने जिला अस्पताल पहुंचकर अपना चेकअप कराया तो चिकित्सकों ने खतरा न होने की बात कहकर वापस भेज दिया। मगर गांव वालों ने प्रमाण पत्र लाने की बात कहकर रोक लिया। परेशान हाल युवक ने 112 नंबर पर कॉल करके आपबीती बताई तो पुलिस ने अपने साथ जिला अस्पताल ले जाकर उसका चेकअप कराया, तब उसे गांव में घुसने दिया गया।
थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के एक गांव निवासी 27 वर्षीय युवक नोएडा में एक स्पोर्ट्स कंपनी में कार्यरत है। मंगलवार दोपहर 12 बजे वह बस से यहां आया। वह पैदल ही अपने गांव की ओर जा रहा था। तभी ग्रामीणों ने उसे रोक लिया और कहा कि नोएडा में कोरोना वायरस का कहर है। पहले चेकअप कराओ, तभी गांव में घुसने दिया जाएगा। वह तुरंत ही राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल पहुंचा। वहां उसने चेकअप कराया तो डॉक्टर ने बताया कि कोई भी खतरे की बात नहीं है। इस पर वह गांव वापस आ गया। जब वह दोबारा गांव पहुंचा तो गांववालों ने स्वास्थ्य प्रमाण पत्र दिखाने की बात कही। परेशान युवक ने 112 नंबर पर कॉल करके आपबीती बताई। मौके पर पहुंची पीआरबी 1341 ने भी ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया, मगर वे नहीं माने। पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मी युवक को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने ओपीडी वाले पर्चे पर परामर्श लिख दिया, तब ग्रामीणों ने उसे गांव में घुसने दिया।
दो महिला समेत तीन लोगों ने खुद को किया आइसोलेट
खुदागंज। जम्मू, देहरादून और पूर्णागिरी से यात्रा करके लौटीं दो महिलाओं समेत तीन लोगों को कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते घर पर ही आइसोलेट किया गया है। उन्हें लोगों से मिलने से मना कर दिया गया है। डॉक्टर के मुताबिक कोरोना की पुष्टि नहीं हुई हैं, फिर भी एहतियात बरतने के लिए उन्हें 14 दिन के लिए आइसोलेशन में रहने को कहा गया है।
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कस्बा निवासी एक महिला रिश्तेदारों के साथ कुछ दिन पहले उत्तराखंड में पूर्णागिरि मेला गई थी। वह मंगलवार को गांव लौटी। वहीं कस्बे की दूसरी महिला जो काफी समय से जम्मू में थी, वह भी मंगलवार को लौटी थी और एक व्यक्ति देहरादून से लौटा। चूंकि कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर प्रत्येक नागरिक से एहतियात बरतने को कहा गया है, सो इन तीन लोगों के गांव लौटने पर लोग सतर्क हो गए। दोपहर बाद तीनों को जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत हुई तो परिवार के लोग सकते में आ गए और वह लोग भी खुद सहम गए। एक- एक करके तीनों लोग पीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दवा दी। हालांकि कोरोना के लक्षण पर डॉक्टर ने कहा कि अभी ऐसी स्थिति नहीं है, फिर भी बाहर से यात्रा करके आने पर एहतियात बरतते हुए 14 दिन तक घर में रहकर खुद को आइसोलेट करने को कहा गया है।
कुछ लोग बाहर से यात्रा करके लौटे थे, उन्हें खांसी, बुखार, जुकाम था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर में ही आइसोलेट रहने को कहा गया है। साथ ही वह इन लोगों के संपर्क में भी हैं। - डॉ. फहीम, पीएचसी प्रभारी
नेपाल से लौटे तिलहर के युवक की निगेटिव आई रिपोर्ट
शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमित के शक में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराए गए तिलहर के युवक की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। उसे घर भेज दिया गया है और एहतियात बरतने के लिए कहा गया है। युवक नेपाल में ईंट भट्ठे पर काम करता था। तीन दिन पहले वह गांव लौटा तो उसे जुकाम, खांसी, बुखार की शिकायत होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया था। वहां उसका सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। लखनऊ से मंगलवार को निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद उसे घर भेज दिया गया। संवाद
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थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के एक गांव निवासी 27 वर्षीय युवक नोएडा में एक स्पोर्ट्स कंपनी में कार्यरत है। मंगलवार दोपहर 12 बजे वह बस से यहां आया। वह पैदल ही अपने गांव की ओर जा रहा था। तभी ग्रामीणों ने उसे रोक लिया और कहा कि नोएडा में कोरोना वायरस का कहर है। पहले चेकअप कराओ, तभी गांव में घुसने दिया जाएगा। वह तुरंत ही राजकीय मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल पहुंचा। वहां उसने चेकअप कराया तो डॉक्टर ने बताया कि कोई भी खतरे की बात नहीं है। इस पर वह गांव वापस आ गया। जब वह दोबारा गांव पहुंचा तो गांववालों ने स्वास्थ्य प्रमाण पत्र दिखाने की बात कही। परेशान युवक ने 112 नंबर पर कॉल करके आपबीती बताई। मौके पर पहुंची पीआरबी 1341 ने भी ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया, मगर वे नहीं माने। पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मी युवक को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने ओपीडी वाले पर्चे पर परामर्श लिख दिया, तब ग्रामीणों ने उसे गांव में घुसने दिया।
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दो महिला समेत तीन लोगों ने खुद को किया आइसोलेट
खुदागंज। जम्मू, देहरादून और पूर्णागिरी से यात्रा करके लौटीं दो महिलाओं समेत तीन लोगों को कोरोना संक्रमण की आशंका के चलते घर पर ही आइसोलेट किया गया है। उन्हें लोगों से मिलने से मना कर दिया गया है। डॉक्टर के मुताबिक कोरोना की पुष्टि नहीं हुई हैं, फिर भी एहतियात बरतने के लिए उन्हें 14 दिन के लिए आइसोलेशन में रहने को कहा गया है।
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कस्बा निवासी एक महिला रिश्तेदारों के साथ कुछ दिन पहले उत्तराखंड में पूर्णागिरि मेला गई थी। वह मंगलवार को गांव लौटी। वहीं कस्बे की दूसरी महिला जो काफी समय से जम्मू में थी, वह भी मंगलवार को लौटी थी और एक व्यक्ति देहरादून से लौटा। चूंकि कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर प्रत्येक नागरिक से एहतियात बरतने को कहा गया है, सो इन तीन लोगों के गांव लौटने पर लोग सतर्क हो गए। दोपहर बाद तीनों को जुकाम, खांसी और बुखार की शिकायत हुई तो परिवार के लोग सकते में आ गए और वह लोग भी खुद सहम गए। एक- एक करके तीनों लोग पीएचसी पहुंचे, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें दवा दी। हालांकि कोरोना के लक्षण पर डॉक्टर ने कहा कि अभी ऐसी स्थिति नहीं है, फिर भी बाहर से यात्रा करके आने पर एहतियात बरतते हुए 14 दिन तक घर में रहकर खुद को आइसोलेट करने को कहा गया है।
कुछ लोग बाहर से यात्रा करके लौटे थे, उन्हें खांसी, बुखार, जुकाम था। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर में ही आइसोलेट रहने को कहा गया है। साथ ही वह इन लोगों के संपर्क में भी हैं। - डॉ. फहीम, पीएचसी प्रभारी
नेपाल से लौटे तिलहर के युवक की निगेटिव आई रिपोर्ट
शाहजहांपुर। कोरोना संक्रमित के शक में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराए गए तिलहर के युवक की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। उसे घर भेज दिया गया है और एहतियात बरतने के लिए कहा गया है। युवक नेपाल में ईंट भट्ठे पर काम करता था। तीन दिन पहले वह गांव लौटा तो उसे जुकाम, खांसी, बुखार की शिकायत होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया था। वहां उसका सैंपल लेकर जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। लखनऊ से मंगलवार को निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद उसे घर भेज दिया गया। संवाद