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माघ मेला रामनगरिया : पर्व स्नान के बाद भी जस की तस रहीं अव्यवस्थाएं

Mon, 05 Jan 2026 12:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 12:27 AM IST
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Magh Mela Ramnagariya: The disarray remained unchanged even after the ritual bathing.
मिर्जापुर। ढाई घाट गंगातट पर लगे माघ मेला रामनगरिया में पौष पूर्णिमा पर पहला पर्व स्नान होने के बाद भी अब तक श्रद्धालुओं के लिए जिला पंचायत प्रशासन समुचित व्यवस्थाएं पूरी नहीं करा सका है। इससे मेला क्षेत्र में डेरा जमाए साधु-संतों और कल्पवास करने आए श्रद्धालुओं को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच प्रकाश व्यवस्था नहीं होने से साधु-संत अंधेरे में रहने के लिए मजबूर हैं। शाहजहांपुर और फर्रुखाबाद जिले की सीमा पर लगने वाले इस मेले में एक माह तक कल्पवासी ठहरते हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार ढाई घाट के गंगा तट पर श्रृंगी ऋषि ने वर्षों कठोर तप किया था। इसीलिए साधु-संत और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पर्व स्नान करने माघ मेला रामनगरिया पहुंचते हैं।
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मेले में पौष पूर्णिमा का पहला पर्व स्नान शनिवार को बीत चुका है। अब अगला पर्व स्नान मकर संक्रांति पर 14 जनवरी को होना है। इस तिथि पर इतनी ज्यादा संख्या में श्रद्धालु आते हैं कि मेला मिनी कुंभ की शक्ल ले लेता है।
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मेले के प्रति आस्था और लोक मान्यता को देखते प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने गत माह यहां आकर अधिकारियों को मेले की तैयारियां कुंभ मेले की तरह करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक सुविधाएं अधूरी हैं। मेला क्षेत्र में 300 हैंडपंप लगाए जाने हैं, लेकिन अब तक सिर्फ 60 नल लग सके हैं।
मेला क्षेत्र के सनातनी अखाड़ों में अब तक नल नहीं लगने से साधु-संतों में नाराजगी व्याप्त है। संतों का कहना है कि बार-बार अवगत कराने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है।

मेले में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए शौचालय बना दिए गए हैं, लेकिन रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कल्पवासियों को ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के लिए अंधेरे में डूबे घाटों की ओर जाना पड़ रहा है। सभी सुविधाएं जल्द नहीं जुटाई गईं तो अगले स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की दिक्कतें बढ़ना तय है।
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