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Shahjahanpur News: प्राथमिक विद्यालय में बंद किए छुट्टा पशु, एक घंटे शिक्षण कार्य प्रभावित
Wed, 07 Feb 2024 03:15 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Wed, 07 Feb 2024 03:15 AM IST
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गांव हीरपुर के प्राथमिक विद्यालय में बंद छुट्टा पशु। संवाद
कुर्रियाकलां। थाना कांट क्षेत्र के गांव हीरपुर के ग्रामीणों ने छुट्टा पशुओं को गांव के प्राथमिक विद्यालय में बंद कर दिया। सुबह अध्यापकों ने इसकी जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी एवं डायल 112 पर दी। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाया और पशुओं को मुक्त कराया। इस दौरान करीब एक घंटे तक शिक्षण कार्य भी प्रभावित रहा।
प्रशासन छुट्टा पशुओं को पकड़ने का दावा कर रहा है लेकिन किसान छुट्टा पशुओं से परेशान हैं। कांट के हीरपुर गांव के ग्रामीणों की शिकायत थी कि उनके गांव के एक भी छुट्टा पशु को पकड़कर गोशाला नहीं भिजवाया गया। इस कारण रातभर जागकर फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। बावजूद छुट्टा पशु उनके खेतों में घुसकर गेहूं की फसल चर जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ज्यादातर लोग लघु सीमांत किसान हैं जो अपनी जमीन पर खानेभर का गेहूं बमुश्किल पैदा कर पाते हैं और मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। किसानों ने प्रशासन से जल्द गोशाला बनवाने या पशुओं को पकड़वाकर गोशाला में भिजवाने की मांग की है। चौकी इंचार्ज सतेंद्र कुमार ने बताया कि लगभग एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों के नाम लिख लिए हैं, जिन पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्राथमिक विद्यालय में सुबह नौ बजे से पढ़ाई होती है। दस बजे के बाद गोवंशीय पशुओं को विद्यालय से निकलवाया जा सका, जिसके चलते करीब एक घंटे तक शिक्षण कार्य नहीं हो सका।
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प्रशासन छुट्टा पशुओं को पकड़ने का दावा कर रहा है लेकिन किसान छुट्टा पशुओं से परेशान हैं। कांट के हीरपुर गांव के ग्रामीणों की शिकायत थी कि उनके गांव के एक भी छुट्टा पशु को पकड़कर गोशाला नहीं भिजवाया गया। इस कारण रातभर जागकर फसलों की रखवाली करनी पड़ रही है। बावजूद छुट्टा पशु उनके खेतों में घुसकर गेहूं की फसल चर जाते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में ज्यादातर लोग लघु सीमांत किसान हैं जो अपनी जमीन पर खानेभर का गेहूं बमुश्किल पैदा कर पाते हैं और मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं। किसानों ने प्रशासन से जल्द गोशाला बनवाने या पशुओं को पकड़वाकर गोशाला में भिजवाने की मांग की है। चौकी इंचार्ज सतेंद्र कुमार ने बताया कि लगभग एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों के नाम लिख लिए हैं, जिन पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्राथमिक विद्यालय में सुबह नौ बजे से पढ़ाई होती है। दस बजे के बाद गोवंशीय पशुओं को विद्यालय से निकलवाया जा सका, जिसके चलते करीब एक घंटे तक शिक्षण कार्य नहीं हो सका।
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