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Shahjahanpur News: रोजा जंक्शन पर पुराने पाॅवर केबिन में निर्मित होगी लोको लॉबी
Sat, 05 Oct 2024 03:23 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Sat, 05 Oct 2024 03:23 AM IST
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रोजा जंक्शन स्थित पुराना पावर केबिन। संवाद
शाहजहांपुर। रोजा जंक्शन पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य के बाद खाली पड़े पुराने पाॅवर केबिन में लोको लॉबी व कार्यालय बनेगा। इसके लिए रेलवे ने 50 लाख की धनराशि भी स्वीकृत कर दी है।
नए पावर केबिन से ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। ऐसे में अब पुराने पाॅवर केबिन के प्रथम तल पर लोको इंस्पेक्टर काउंसलिंग रूम बनेगा। साथ ही लोको लॉबी तथा ट्रेन मैनेजर कार्यालय का निर्माण किया जाएगा। एक कमरा लोको पायलटों के लिए बनेगा।
इसमें वे ट्रेन के विलंब से आने पर आराम कर सकेंगे। दूसरी मंजिल पर एक कमरा लोको इंस्पेक्टर के लिए आवंटित रहेगा। दूसरा मेन कंट्रोलर के लिए दिया जाएगा। इनके अलावा एरिया मैनेजर को भी कार्यालय मिल सकेगा, जिनके पास अभी तक कोई कक्ष नहीं था। कोहरा होने पर इंजन के भीतर जीपीएस लगाए जाने वाले यंत्र का कार्यालय इसमें बनाए जाने की योजना है। इस तरह से तमाम कार्यालय इस पुराने पाॅवर केबिन में शिफ्ट होने के बाद लोको पायलटों और कर्मचारियों को रेलवे प्लेटफार्म पर नहीं जाना पड़ेगा।
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लोको कार्यालय में पर्याप्त जगह न होने से कर्मचारियों को काम करने में दिक्कत होती थी। पुराने पावर केबिन में कार्यालय शिफ्ट होने पर कई समस्याओं का समाधान हो जाएगा। इसके लिए 50 लाख की धनराशि स्वीकृत हो गई है। जल्द ही कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
-अनिल कुमार सिंह, लोको इंस्पेक्टर, रोजा
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नए पावर केबिन से ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। ऐसे में अब पुराने पाॅवर केबिन के प्रथम तल पर लोको इंस्पेक्टर काउंसलिंग रूम बनेगा। साथ ही लोको लॉबी तथा ट्रेन मैनेजर कार्यालय का निर्माण किया जाएगा। एक कमरा लोको पायलटों के लिए बनेगा।
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इसमें वे ट्रेन के विलंब से आने पर आराम कर सकेंगे। दूसरी मंजिल पर एक कमरा लोको इंस्पेक्टर के लिए आवंटित रहेगा। दूसरा मेन कंट्रोलर के लिए दिया जाएगा। इनके अलावा एरिया मैनेजर को भी कार्यालय मिल सकेगा, जिनके पास अभी तक कोई कक्ष नहीं था। कोहरा होने पर इंजन के भीतर जीपीएस लगाए जाने वाले यंत्र का कार्यालय इसमें बनाए जाने की योजना है। इस तरह से तमाम कार्यालय इस पुराने पाॅवर केबिन में शिफ्ट होने के बाद लोको पायलटों और कर्मचारियों को रेलवे प्लेटफार्म पर नहीं जाना पड़ेगा।
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लोको कार्यालय में पर्याप्त जगह न होने से कर्मचारियों को काम करने में दिक्कत होती थी। पुराने पावर केबिन में कार्यालय शिफ्ट होने पर कई समस्याओं का समाधान हो जाएगा। इसके लिए 50 लाख की धनराशि स्वीकृत हो गई है। जल्द ही कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
-अनिल कुमार सिंह, लोको इंस्पेक्टर, रोजा