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पॉवर नेटवर्क सुधार को नहीं मिल रही रफ्तार
शाहजहांपुर
Updated Tue, 17 Feb 2015 12:18 AM IST
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शहर में पॉवर नेटवर्क को सुधारने और ओवरलोडिंग की समस्या से निजात के लिए केंद्र सरकार के एक्सीलरेटेड पॉवर डेवलपमेंट रिसोर्समेंट प्रोग्राम (एपीडीआरपी) के दूसरे दौर में कराए जाने वाले कामों को कार्यदायी संस्था की लापरवाही से रफ्तार नहीं मिल रही है। हाल यह है कि दो साल पहले शहर में लाइनें बदलने और अधिक क्षमता वाले ट्रांसफार्मर लगाने का ठेका लेने वाली कंपनी एनकेजी बमुश्किल 50 फीसदी काम करा पाई है। अब डेढ़ माह में लक्ष्य पूर्ति की चुनौती सामने होने पर भी एनकेजी अपने काम का ढर्रा नहीं बदल रही।
ओवरलोडिंग से प्रभावित हैं शहर के कई इलाके
शहर के कई इलाके ओवरलोडिंग और उससे ट्रांसफार्मरों और लाइनों में होने वाले फाल्ट से प्रभावित हैं। ककरा सब स्टेशन पर पांच एमवीए का नया ट्रांसफार्मर लगने से वहां इस तरह की दिक्कतें खत्म हो गई हैं। बावजूद इसके हथौड़ा, लोधीपुर, अहमदपुर रेती (आंशिक), गोविंदगंज, शहर चर्च कॉलोनी, डीएम कंपाउंड, बहादुरगंज, लकड़ी मंडी, चमकनी अंटा, ब्रज विहार कॉलोनी, मशीनरी मार्केट, अब्दुल्ला गंज, ऐमनजई जलालनगर की तराई बस्ती आदि क्षेत्रों में बिजली सप्लाई पर फाल्ट हावी रहते हैं।
150 ट्रांसफार्मर और 160 किमी लाइनों का लक्ष्य
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से हुए करार के तहत एनकेजी को शहर में विभिन्न स्थानों पर चिन्हित किए गए ओवरलोडिंग के करीब 150 प्वॉइंटों पर इतने ही अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने और खुले तारों वाली 160 किमी लाइनें हटाकर उनकी जगह 11 केवी के बंच केबिल डालने का लक्ष्य दिया गया था। इसके विपरीत 70-75 ट्रंासफार्मर लग पाए और बंच लाइनें भी केवल 90 किमी ही पड़ पाईं।
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मुख्यमंत्री के आने पर तेज हुआ था काम
गत 17 अक्तूबर को चेयरमैन तनवीर खां की शादी में शिरकत के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का प्रोग्राम मिलते ही एनकेजी के कर्मचारी शहरी क्षेत्र में युद्घ स्तर पर काम कराने में जुट गए थे। उस वक्त विभागीय अफसरों का अमला भी काम की निगरानी में जुटा। नतीजा यह हुआ कि पीली मस्जिद, शहर की आवास विकास कालोनी, लाल इमली चौराहा, ईदगाह रोड आदि की पुरानी लाइनें एक सप्ताह में बदल गईं। मुख्यमंत्री के जाते ही काम भी सुस्त पड़ गए।
कछुआ चाल से अफसर भी नाराज
बिजली नेटवर्क का समय से अपग्रेडेशन नहीें होने से महकमे के अफसर भी कार्यदायी संस्था से नाराज हैं। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन देकर शिकायत कर चुका है कि एनकेजी मनमाने तरीके से काम करके प्रभावित क्षेत्रों को अनदेखा कर रही है। इस संबंध में एसई और एक्सईएन काम जल्द पूरा कराने को एनकेजी के प्रोजेक्ट मैनेजर को कई बार निर्देश भी दे चुके हैं।
मार्च तक सारे काम पूरे कराने का दावा
‘लाइन नेटवर्क का 75 फीसदी काम हो चुका है। शहर में 125 किमी बंच लाइनें डाली जा चुकी हैं। तीन पॉवर ट्रांसफार्मर भी लगाए जा चुके हैं। इसी तरह 100 केवी के 60 और 250 केवी के 21 नए ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं। बहादुरगंज सब स्टेशन में पांच एमवीए का नया ट्रांसफार्मर अभी नहीं लग पाया है। बाकी बचे काम मार्च के आखिर तक निपटा लिए जाएंगे।’
-अनिल मौर्य, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनकेजी लिमिटेड
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ओवरलोडिंग से प्रभावित हैं शहर के कई इलाके
शहर के कई इलाके ओवरलोडिंग और उससे ट्रांसफार्मरों और लाइनों में होने वाले फाल्ट से प्रभावित हैं। ककरा सब स्टेशन पर पांच एमवीए का नया ट्रांसफार्मर लगने से वहां इस तरह की दिक्कतें खत्म हो गई हैं। बावजूद इसके हथौड़ा, लोधीपुर, अहमदपुर रेती (आंशिक), गोविंदगंज, शहर चर्च कॉलोनी, डीएम कंपाउंड, बहादुरगंज, लकड़ी मंडी, चमकनी अंटा, ब्रज विहार कॉलोनी, मशीनरी मार्केट, अब्दुल्ला गंज, ऐमनजई जलालनगर की तराई बस्ती आदि क्षेत्रों में बिजली सप्लाई पर फाल्ट हावी रहते हैं।
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150 ट्रांसफार्मर और 160 किमी लाइनों का लक्ष्य
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से हुए करार के तहत एनकेजी को शहर में विभिन्न स्थानों पर चिन्हित किए गए ओवरलोडिंग के करीब 150 प्वॉइंटों पर इतने ही अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने और खुले तारों वाली 160 किमी लाइनें हटाकर उनकी जगह 11 केवी के बंच केबिल डालने का लक्ष्य दिया गया था। इसके विपरीत 70-75 ट्रंासफार्मर लग पाए और बंच लाइनें भी केवल 90 किमी ही पड़ पाईं।
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मुख्यमंत्री के आने पर तेज हुआ था काम
गत 17 अक्तूबर को चेयरमैन तनवीर खां की शादी में शिरकत के लिए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का प्रोग्राम मिलते ही एनकेजी के कर्मचारी शहरी क्षेत्र में युद्घ स्तर पर काम कराने में जुट गए थे। उस वक्त विभागीय अफसरों का अमला भी काम की निगरानी में जुटा। नतीजा यह हुआ कि पीली मस्जिद, शहर की आवास विकास कालोनी, लाल इमली चौराहा, ईदगाह रोड आदि की पुरानी लाइनें एक सप्ताह में बदल गईं। मुख्यमंत्री के जाते ही काम भी सुस्त पड़ गए।
कछुआ चाल से अफसर भी नाराज
बिजली नेटवर्क का समय से अपग्रेडेशन नहीें होने से महकमे के अफसर भी कार्यदायी संस्था से नाराज हैं। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन देकर शिकायत कर चुका है कि एनकेजी मनमाने तरीके से काम करके प्रभावित क्षेत्रों को अनदेखा कर रही है। इस संबंध में एसई और एक्सईएन काम जल्द पूरा कराने को एनकेजी के प्रोजेक्ट मैनेजर को कई बार निर्देश भी दे चुके हैं।
मार्च तक सारे काम पूरे कराने का दावा
‘लाइन नेटवर्क का 75 फीसदी काम हो चुका है। शहर में 125 किमी बंच लाइनें डाली जा चुकी हैं। तीन पॉवर ट्रांसफार्मर भी लगाए जा चुके हैं। इसी तरह 100 केवी के 60 और 250 केवी के 21 नए ट्रांसफार्मर लगाए जा चुके हैं। बहादुरगंज सब स्टेशन में पांच एमवीए का नया ट्रांसफार्मर अभी नहीं लग पाया है। बाकी बचे काम मार्च के आखिर तक निपटा लिए जाएंगे।’
-अनिल मौर्य, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनकेजी लिमिटेड