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छेड़छाड़ - मर्डर करने पर तीन बेटों समेत बाप को उम्रकैद
अमर उजाला, शाहजहांपुर
Updated Sat, 27 Feb 2016 11:30 PM IST
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जानलेवा हमले में 10 साल की कैद
शाहजहांपुर। कातिलाना हमले के मामले में दोषीसिद्ध अभियुक्त को अपर सत्र न्यायाधीश भानुदेव शर्मा ने शनिवार को 10 साल के कैद की सजा सुनाई। घटना जिले के तिलहर थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर विशुनपट्टी में 25 जून 2011 को हुई थी। गांव के वीरपाल सिंह रात करीब 10 बजे अपने घर पर था कि तभी गांव के ओमवीर सिंह, गुड्डू, माधुरी सिंह और सुरेंद्र सिंह इसके पास पहुंचे और खेत जोतने के दौरान मेड़ तोड़ने का आरोप लगाया। मना करने पर गालीगलौज करने के साथ ही चारों ने ललकारते हुए फायर झोंक दिया। वीरपाल ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई जबकि इसके बेटे संजीव सिंह को सीने में गोली मार दी। शोर सुनकर पड़ोसी ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो हमलावर धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। उसी रात वीरपाल की तहरीर पर पौने 11 बजे एफआईआर दर्ज की गई और बाद में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दायर की। सरकारी वकील संजय सिंह तोमर की ओर से पेश गवाहों एवं प्रस्तुत साक्ष्यों के अलावा आरोपियों के बयानों ेका विश्लेषण करते हुए कोर्ट ने गुड्डू सिंह को दोषी सिद्ध करार दिया एवं अन्य को बरी कर दिया। गुड्डू को 10 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपये घटना में जख्मी हुए संजीव सिंह को बतौर प्रतिकर अदा करने का आदेश हुआ है।
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शाहजहांपुर। कातिलाना हमले के मामले में दोषीसिद्ध अभियुक्त को अपर सत्र न्यायाधीश भानुदेव शर्मा ने शनिवार को 10 साल के कैद की सजा सुनाई। घटना जिले के तिलहर थाना क्षेत्र के ग्राम बहादुरपुर विशुनपट्टी में 25 जून 2011 को हुई थी। गांव के वीरपाल सिंह रात करीब 10 बजे अपने घर पर था कि तभी गांव के ओमवीर सिंह, गुड्डू, माधुरी सिंह और सुरेंद्र सिंह इसके पास पहुंचे और खेत जोतने के दौरान मेड़ तोड़ने का आरोप लगाया। मना करने पर गालीगलौज करने के साथ ही चारों ने ललकारते हुए फायर झोंक दिया। वीरपाल ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई जबकि इसके बेटे संजीव सिंह को सीने में गोली मार दी। शोर सुनकर पड़ोसी ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो हमलावर धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। उसी रात वीरपाल की तहरीर पर पौने 11 बजे एफआईआर दर्ज की गई और बाद में पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दायर की। सरकारी वकील संजय सिंह तोमर की ओर से पेश गवाहों एवं प्रस्तुत साक्ष्यों के अलावा आरोपियों के बयानों ेका विश्लेषण करते हुए कोर्ट ने गुड्डू सिंह को दोषी सिद्ध करार दिया एवं अन्य को बरी कर दिया। गुड्डू को 10 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपये घटना में जख्मी हुए संजीव सिंह को बतौर प्रतिकर अदा करने का आदेश हुआ है।