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गांवों में पटरी पर लौटी जिंदगी, खेती सहित अन्य कामों में जुटे लोग

Fri, 24 Apr 2020 10:19 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 24 Apr 2020 10:19 PM IST
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life return on track in villages
गांव ढकिया के पास पुत्र के साथ चूड़ी बेचने जाती ममता देवी - फोटो : POWAYAN
पुवायां। लॉकडाउन के दौरान मनरेगा और खेती के काम में छूट देने से गांवों में जिंदगी काफी हद तक पटरी पर लौट आई है। लोग खेती का काम कर रहे हैं, वहीं मनरेगा श्रमिक भी काम मिलने से खुश हैं। नगर क्षेत्र में पुलिस की ज्यादा सख्ती है, लेकिन गांवों में ठेली पर फल, सब्जी के अलावा चूड़ी तक बिक रही हैं। लोगों में कोरोना वायरस को लेकर ज्यादा चिंता नहीं है, तमाम लोग खेतों में बिना मास्क, अंगौछा बांधे ही काम करने में डटे हुए हैं।
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खेत में दूरी बनाकर काम कर रहे श्रमिक
पुवायां के गांव इनायतपुर में राजू, अवनीश, सत्यपाल, अरविंद, प्रदीप, क्षत्रपाल आदि श्रमिक खरबूजे के खेत में निराई करते मिले। यह लोग मास्क नहीं लगाए थे। श्रमिकों से काम करा रहे अशोक कुमार ने बताया कि मास्क नहीं मिल रहे हैं और गर्मी के कारण श्रमिक अंगौछा नहीं बांध पा रहे हैं। श्रमिकों के बीच दूरी बनाकर काम कराया जा रहा है।
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सफाईकर्मी को नहीं दिया मास्क, सेनेटाइजर
पुवायां के गांव करनापुर में सफाईकर्मी रामसरन काम करते मिले। उनके साथ गांव खांड़ेपुर के सफाईकर्मी मनोज कुमार भी थे। रामसरन ने बताया कि नाला साफ होना था, जिस कारण मनोज को भी बुला लिया था। दोनों लोग मास्क, दस्ताने आदि नहीं पहने थे। बताया कि मास्क, दस्ताने, सेनेटाइजर दिया ही नहीं गया है। अंगौछा लपेटने से गर्मी लगती है।
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गांवों में चूड़ी बेचने निकली ममता
पुवायां के गांव बड़ागांव निवासी पुष्पेंद्र मजदूरी करते हैं। खेती नहीं होने के कारण उनकी पत्नी ममता गांव के बाजार में अपने 12 वर्षीय पुत्र सत्यम के साथ चूड़ी की दुकान लगाकर परिवार चलाने में पति की मदद करती हैं। इस समय बाजार नहीं लग रही है। इस कारण वह पुत्र को लेकर गांवों में घूमकर ठेली पर चूड़ियां बिक्री करती हैं। गांव ढकिया के पास मिली ममता ने बताया कि दो से तीन सौ रुपये रोजाना बच जाते हैं। ठेली भी 40 रुपये रोजाना किराए पर ली है।
सावधानी से काम करने में जुटे मनरेगा श्रमिक
खुटार के गांव सिल्हुआ में तमाम मनरेगा श्रमिक बावन गंगा नामक तालाब में खुदाई करते मिले। श्रमिक चंद्रभाल, दीपू मिश्रा, रामदेव, संतोष, राजेश सिंह आदि ने बताया कि काम के दौरान वे लोग सामाजिक दूरी का पूरा ध्यान रख रहे हैं। मास्क भी लगाए रखते हैं। प्रधान और रोजगार सेवक ने साबुन, सेनेटाइजर आदि की व्यवस्था भी कर रखी है। मनरेगा का काम शुरू करने का सरकार का निर्णय सही है।

खीरा बेचने निकला किशोर
पुवायां के गांव करनापुर में एक किशोर साइकिल से खीरा बेचते मिला। नाम पूछने पर पास खड़ी महिलाएं बोली कि घर में बैठे बैठे ऊब जाने के कारण बच्चे खीरा बेचकर समय गुजार रहे हैं। किशोर ने बताया कि वह सुबह से काफी खीरे बेच चुका है।

गांव इनायतपुर में खरबूजे की फसल की निराई करते श्रमिक

गांव इनायतपुर में खरबूजे की फसल की निराई करते श्रमिक- फोटो : POWAYAN

 

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