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Shahjahanpur: हत्या और हत्या के प्रयास में दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास, 41-41 हजार रुपये जुर्माना भी लगा
Thu, 13 Oct 2022 01:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
अमर उजाला नेटवर्क, शाहजहांपुर
Published by: बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 13 Oct 2022 01:01 AM IST
सार
जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सिंह ने बताया कि तिलहर क्षेत्र के महमदपुर निवासी लालाराम ने रिपोर्ट कराई थी कि उसका गांव के बाहर सड़क के किनारे घूरा पड़ता है। इसी बात की रंजिश मानते हुए वारदात को अंजाम दिया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
शाहजहांपुर जिला एवं सत्र न्यायाधीश भानुदेव शर्मा ने 2011 में तिलहर क्षेत्र के गांव महमदपुर में हत्या और हत्या की कोशिश के मुकदमे में दोषी पाए जाने पर दो सगे भाइयों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उन्होंने दोषियों को 41-41 हजार रुपये के जुर्माने की सजा से भी दंडित किया है।
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जिला शासकीय अधिवक्ता अनुज कुमार सिंह ने बताया कि तिलहर क्षेत्र के महमदपुर निवासी लालाराम ने रिपोर्ट कराई थी कि उसका गांव के बाहर सड़क के किनारे घूरा पड़ता है। इसके पास में गांव निवासी खुशीराम व उसके भाई संजीव का खेत है। खेत की बाउंड्री बनी हुई है। बाउंड्री और सड़क के बीच लालाराम काफी समय से घूरा डाल रहा था। खुशीराम ने यहां मूंगफली बो दी थीं। इसका लालाराम ने विरोध किया। तभी से दोनों पक्षों में रंजिश चल रही थी।
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21 अगस्त 2011 को सुबह साढ़े नौ बजे लालाराम, उसका बड़ा भाई रामेश्वर, पत्नी मैना देवी, भतीजा श्यामबिहारी, छोटा भाई संतराम घूरे की जमीन की नींव खोदकर भर रहे थे। तभी खुशीराम और संजीव तमंचे लेकर आए और धमकाने लगे। उन लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से मैना देवी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं भतीजा श्यामबिहारी कमर में गोली लगने से घायल हो गया। मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयान और शासकीय अधिवक्ता के तर्कों को सुनने के बाद अदालत ने खुशीराम और संजीव को दोषी माना। दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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