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दो हत्याभियुक्तों को उम्रकैद
शाहजहांपुर
Updated Sat, 28 Oct 2017 12:19 AM IST
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शाहजहांपुर। थाना कांट क्षेत्र के गांव सैंजना में वर्ष 2005 में हुई हत्या के एक मामले में सुनवाई करते हुए षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश फराह मतलूब ने दोष सिद्ध होने पर दो अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों को एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार सैंजना गांव निवासी बाबूराम ने बताया कि 28 अप्रैल 2005 की सुबह सात बजे जब उसका भाई रामकिशन व रामआसरे गांव के पास स्थित खेत से बरसीम काटकर वापस आ रहे थे, तभी रास्ते में गांव के रामविलास, रामसरन व खुदागंज के गांव कोठा खेतल निवासी रामदुलारे नेे रामकिशन पर तमंचों से फायर करने शुरू कर दिए। भाई के पीठ पर दो फायर लगे, इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के दौरान रामविलास, अशोक कुमार, रामदुलारे, रामसरन, सुरेश पुत्र भिम्मा, सुरेश पुत्र मथुरा प्रसाद के खिलाफ अलग-अलग आरोप पत्र अदालत को भेजे। अदालत में सरकारी वकील उमेश गुर्जर की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों का अवलोकन कर व बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त रामदुलारे और रामविलास को दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपये मृतक रामविलास के वारिस को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाए जाने का आदेश दिया है। आरोपी अशोक कुमार, सुरेश पुत्र भिम्मा, सुरेश पुत्र मथुरा प्रसाद, रामसरन को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार सैंजना गांव निवासी बाबूराम ने बताया कि 28 अप्रैल 2005 की सुबह सात बजे जब उसका भाई रामकिशन व रामआसरे गांव के पास स्थित खेत से बरसीम काटकर वापस आ रहे थे, तभी रास्ते में गांव के रामविलास, रामसरन व खुदागंज के गांव कोठा खेतल निवासी रामदुलारे नेे रामकिशन पर तमंचों से फायर करने शुरू कर दिए। भाई के पीठ पर दो फायर लगे, इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना के दौरान रामविलास, अशोक कुमार, रामदुलारे, रामसरन, सुरेश पुत्र भिम्मा, सुरेश पुत्र मथुरा प्रसाद के खिलाफ अलग-अलग आरोप पत्र अदालत को भेजे। अदालत में सरकारी वकील उमेश गुर्जर की ओर से पेश किए गए गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से प्रस्तुत किए गए साक्ष्यों का अवलोकन कर व बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त रामदुलारे और रामविलास को दोषी पाते हुए उन्हें आजीवन कारावास व एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपये मृतक रामविलास के वारिस को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाए जाने का आदेश दिया है। आरोपी अशोक कुमार, सुरेश पुत्र भिम्मा, सुरेश पुत्र मथुरा प्रसाद, रामसरन को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
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