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हत्या में चार सगे भाइयों समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास
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शाहजहांपुर। अपर सत्र न्यायाधीश सिद्धार्थ कुमार वागव ने हत्या के मामले में चार सगे भाइयों समेत पांच दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक आरोपी को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया।
एडीजीसी क्राइम शशिमोहन सिंह और विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर) अमित कुमार वाजपेेयी ने बताया कि 19 दिसंबर 2015 को तिलहर थाने में रिहान अंसारी ने तहरीर दी थी। बताया कि उनके भाई आरिफ तांगा चलाते थे। 18 दिसंबर को आरिफ अपने भतीजे अकरम के साथ सवारियों को छोड़ने बरहा मोहब्बतपुर गांव गए थे। जब वे लोग रात करीब आठ बजे लौट रहे थे तभी गांव धमनपुर के पास पुरानी दुश्मनी के चलते टिंकू, नीरज, प्रकाश, जुबली (सगे भाई) और रविंद्र ने उन लोगों को घेर लिया। आरिफ को तांगे से उतारकर गालीगलौज करते हुए पीटने लगे। अकरम तांगा लेकर घर आ गया और परिजनों को घटना के बारे में बताया।
रिहान के मुताबिक वह और भाई शराफत दौड़कर मौके पर पहुंच गए। यहां देखा कि हमलावर टिंकू और रविंद्र के हाथ में चाकू और अन्य लोगों के हाथ में लाठी-डंडे थे। भाई को बचाने के लिए शराफत और रिहान हमलावरों से भिड़े तो उन लोगों ने उन्हें भी पीट दिया। इसी बीच गांव के लोग इकट्ठा हो गए। हमलावर धमकाते हुए भाग गए। मारपीट में हमलावर पक्ष का रविंद्र भी घायल हो गया था। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल लाने से पहले आरिफ की मौत हो गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय भेजी। अदालत में बयान के दौरान प्रत्यक्षदर्शी गवाह रिहान और शराफत ने छेदालाल को भी आरोपी बताया था। इसके बाद अदालत ने छेदालाल को तलब कर लिया था। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने टिंकू, नीरज, प्रकाश, जुबली और रविंद्र को दोषी मानते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं छेदालाल को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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एडीजीसी क्राइम शशिमोहन सिंह और विशेष लोक अभियोजक (गैंगस्टर) अमित कुमार वाजपेेयी ने बताया कि 19 दिसंबर 2015 को तिलहर थाने में रिहान अंसारी ने तहरीर दी थी। बताया कि उनके भाई आरिफ तांगा चलाते थे। 18 दिसंबर को आरिफ अपने भतीजे अकरम के साथ सवारियों को छोड़ने बरहा मोहब्बतपुर गांव गए थे। जब वे लोग रात करीब आठ बजे लौट रहे थे तभी गांव धमनपुर के पास पुरानी दुश्मनी के चलते टिंकू, नीरज, प्रकाश, जुबली (सगे भाई) और रविंद्र ने उन लोगों को घेर लिया। आरिफ को तांगे से उतारकर गालीगलौज करते हुए पीटने लगे। अकरम तांगा लेकर घर आ गया और परिजनों को घटना के बारे में बताया।
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रिहान के मुताबिक वह और भाई शराफत दौड़कर मौके पर पहुंच गए। यहां देखा कि हमलावर टिंकू और रविंद्र के हाथ में चाकू और अन्य लोगों के हाथ में लाठी-डंडे थे। भाई को बचाने के लिए शराफत और रिहान हमलावरों से भिड़े तो उन लोगों ने उन्हें भी पीट दिया। इसी बीच गांव के लोग इकट्ठा हो गए। हमलावर धमकाते हुए भाग गए। मारपीट में हमलावर पक्ष का रविंद्र भी घायल हो गया था। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल लाने से पहले आरिफ की मौत हो गई थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर चार्जशीट न्यायालय भेजी। अदालत में बयान के दौरान प्रत्यक्षदर्शी गवाह रिहान और शराफत ने छेदालाल को भी आरोपी बताया था। इसके बाद अदालत ने छेदालाल को तलब कर लिया था। गवाहों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने टिंकू, नीरज, प्रकाश, जुबली और रविंद्र को दोषी मानते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं छेदालाल को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया।
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