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Shahjahanpur News: साथी का शांतिभंग की आशंका में चालान होने पर भड़के वकील
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खुटार। गांव भीखमपुर में शुक्रवार रात दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। पुलिस ने दोनों पक्षों के छह लोगों का शातिभंग में चालान कर दिया। चालान भेजे गए लोगों में एक अधिवक्ता भी शामिल थे। एसडीएम कार्यालय पर कई वकीलों ने एकत्र होकर खुटार पुलिस के रवैए पर रोष जताया।
गांव के कुरेंद्र पाल मौर्य का आरोप है कि शुक्रवार शाम वह अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। इस बीच दूसरे पक्ष के लोग आकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर लाठी, डंडों से पीटकर घायल कर दिया। बचाने आए चाचा नरेश पाल, मां रामरति, मौसी कांति देवी को भी पीटकर घायल कर दिया। उधर, दूसरे पक्ष के लोगों ने कुरेंद्र पाल और उसके परिजनों पर पीटकर घायल करने का आरोप लगाया था। कुरेंद्र पाल और उनके पक्ष के तीन लोगों को शुक्रवार रात सीएचसी पर भर्ती कराया गया था।
पुलिस ने शनिवार को कुरेंंद्र पाल, कृष्ण कुमार, जगदीश, वेदप्रकाश और दूसरे पक्ष के जनपद पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव गोरा रायपुर निवासी गुड्डू, गांव भीखमपुर के आलोक सिंह, बिल्लू, छोटू, वीरेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। आलोक सिंह, छोटू उर्फ उदय और दूसरे पक्ष के जगदीश, वेदप्रकाश, नरेश, पवन का शांतिभंग की आशंका के तहत चालान किया गया था। आलोक सिंह अधिवक्ता हैं। शनिवार को चालान किए लोग एसडीएम न्यायालय पहुंचे तो कई वकील भी एकत्र हो गए और खुटार पुलिस के रवैए पर रोष जताते हुए अधिवक्ता का चालान करने को गलत बताने लगे।
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एसडीएम ने वकीलों को समझाकर शांत किया। आलोक सिंह और उदय को जमानत दे दी गई। दूसरे पक्ष के लोगों की जमानत ही दाखिल नहीं हो सकी। इस कारण उन्हें जेल भेज दिया गया। एसडीएम संतोष पांडे ने बताया कि आलोक सिंह, उदय की जमानत प्रस्तुत होने पर मुचलके पर रिहा कर दिया गया। दूसरे पक्ष की जमानत प्रस्तुत नहीं होने पर जेल भेज दिया गया है।
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गांव के कुरेंद्र पाल मौर्य का आरोप है कि शुक्रवार शाम वह अपने घर के दरवाजे पर बैठे थे। इस बीच दूसरे पक्ष के लोग आकर गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर लाठी, डंडों से पीटकर घायल कर दिया। बचाने आए चाचा नरेश पाल, मां रामरति, मौसी कांति देवी को भी पीटकर घायल कर दिया। उधर, दूसरे पक्ष के लोगों ने कुरेंद्र पाल और उसके परिजनों पर पीटकर घायल करने का आरोप लगाया था। कुरेंद्र पाल और उनके पक्ष के तीन लोगों को शुक्रवार रात सीएचसी पर भर्ती कराया गया था।
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पुलिस ने शनिवार को कुरेंंद्र पाल, कृष्ण कुमार, जगदीश, वेदप्रकाश और दूसरे पक्ष के जनपद पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी के गांव गोरा रायपुर निवासी गुड्डू, गांव भीखमपुर के आलोक सिंह, बिल्लू, छोटू, वीरेंद्र सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। आलोक सिंह, छोटू उर्फ उदय और दूसरे पक्ष के जगदीश, वेदप्रकाश, नरेश, पवन का शांतिभंग की आशंका के तहत चालान किया गया था। आलोक सिंह अधिवक्ता हैं। शनिवार को चालान किए लोग एसडीएम न्यायालय पहुंचे तो कई वकील भी एकत्र हो गए और खुटार पुलिस के रवैए पर रोष जताते हुए अधिवक्ता का चालान करने को गलत बताने लगे।
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एसडीएम ने वकीलों को समझाकर शांत किया। आलोक सिंह और उदय को जमानत दे दी गई। दूसरे पक्ष के लोगों की जमानत ही दाखिल नहीं हो सकी। इस कारण उन्हें जेल भेज दिया गया। एसडीएम संतोष पांडे ने बताया कि आलोक सिंह, उदय की जमानत प्रस्तुत होने पर मुचलके पर रिहा कर दिया गया। दूसरे पक्ष की जमानत प्रस्तुत नहीं होने पर जेल भेज दिया गया है।