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lakhimpur Kheri News: जिला अस्पताल में संसाधनों की कमी, मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं
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लखीमपुर खीरी। जिले में बुखार का प्रकोप कम नहीं हो रहा है। मरीजों की संख्या में दिन पर दिन इजाफा होने से जिला अस्पताल के इंतजाम लड़खड़ाने लगे हैं। स्थिति यह है कि इमरजेंसी के मरीजों को भी बेड मिलना मुश्किल है। मंगलवार को बुखार और पेटदर्द के रोगी को जमीन पर लिटाकर उन्हें बोतल चढ़ाई गई।
जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिलने के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को बेड तक नसीब नहीं हो पा रहे हैं। मंगलवार को बुखार के साथ पेटदर्द होने पर खीरी निवासी विनोद कुमार को घरवाले जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। मगर, न तो उन्हें बेड मिला और न ही स्ट्रेचर। ऐसे में इमरजेंसी स्टाफ ने जमीन पर लिटाकर उन्हें बोतल चढ़ाई।
बुखार एवं पेटदर्द से परेशान विनोद बार-बार उठते बैठते रहे। इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ ने बताया कि सुबह से लेकर दोपहर तीन बजे तक करीब 100 मरीज आए। इसमें करीब 50 फीसदी मरीज भर्ती किए गए। स्थिति यह है कि इमरजेंसी में बेड सीमित हैं। इसलिए कई कई बार व्हीलचेयर से लेकर स्ट्रेचर पर ही मरीज को दवाएं लगानी पड़ जाती है।
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इमरजेंसी की ओपीडी में मरीज को जमीन पर लिटाकर ड्रिप लगाए जाने की जानकारी नहीं है। इस संबंध में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ से जवाबतलब किया जाएगा। - डॉ. आईके राम चंदानी, सीएमएस जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल में मरीजों को बेहतर इलाज मिलने के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि बेहतर इलाज की उम्मीद लेकर जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को बेड तक नसीब नहीं हो पा रहे हैं। मंगलवार को बुखार के साथ पेटदर्द होने पर खीरी निवासी विनोद कुमार को घरवाले जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। मगर, न तो उन्हें बेड मिला और न ही स्ट्रेचर। ऐसे में इमरजेंसी स्टाफ ने जमीन पर लिटाकर उन्हें बोतल चढ़ाई।
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बुखार एवं पेटदर्द से परेशान विनोद बार-बार उठते बैठते रहे। इमरजेंसी में मौजूद स्टाफ ने बताया कि सुबह से लेकर दोपहर तीन बजे तक करीब 100 मरीज आए। इसमें करीब 50 फीसदी मरीज भर्ती किए गए। स्थिति यह है कि इमरजेंसी में बेड सीमित हैं। इसलिए कई कई बार व्हीलचेयर से लेकर स्ट्रेचर पर ही मरीज को दवाएं लगानी पड़ जाती है।
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इमरजेंसी की ओपीडी में मरीज को जमीन पर लिटाकर ड्रिप लगाए जाने की जानकारी नहीं है। इस संबंध में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ से जवाबतलब किया जाएगा। - डॉ. आईके राम चंदानी, सीएमएस जिला अस्पताल