{"_id":"68dd861fe55d3e1d3f0c9a42","slug":"kumbhakaran-was-killed-by-shri-ram-as-soon-as-he-woke-up-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1042-154098-2025-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: जागते ही श्रीराम के हाथों मारा गया कुंभकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: जागते ही श्रीराम के हाथों मारा गया कुंभकरण
विज्ञापन
चौहनापुर में रामलीला का मंचन करते कलाकार। स्रोत : आयोजक
शाहजहांपुर। खिरनीबाग रामलीला में कुंभकरण और मेघनाद के वध की लीला का मंचन किया गया। मंचन में दिखाया गया कि लक्ष्मण के मूर्छित होने के बाद रावण ने कुंभकरण को जगाने का आदेश दिया। कुंभकरण युद्ध क्षेत्र में पहुंचा। युद्धभूमि में श्रीराम के हाथों कुंभकरण मारा गया। बृहस्पतिवार को लंकेश के वध के बाद रावण और मेघनाद के पुतले का दहन किया जाएगा।
मंचन में दिखाया गया कि कुंभकरण के वध की सूचना पर मेघनाद ने नागपाश से पूरे रामादल को जकड़ लिया। नारद की सुझाई युक्ति से रामादल नागपाश से मुक्त हो सका। रावण ने पुत्र मेघनाद को विजय यज्ञ करने की सलाह दी। इसके बाद श्रीराम ने लक्ष्मण को मेघनाद से युद्ध करने भेजा। लक्ष्मण, वीर हनुमान, अंगद और विभीषण ने मिलकर निकुंभ स्थल पर मेघनाद का वध किया। इस दृश्य के बाद सुलोचना के विलाप ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं।
बाण मारकर कुंभकरण का श्रीराम ने किया वध
शाहजहांपुर। ओसीएफ रामलीला के मंच पर बुधवार की रात श्रीराम और कुंभकरण के बीच भीषण युद्ध का मंचन किया गया। श्रीराम के हाथों कुंभकरण को मोक्ष की प्राप्ति होते ही पूरा वातावरण जयकारों से गूंज उठा।
विज्ञापन
ओसीएफ रामलीला के मंचन में दिखाया कि नल-नील की सहायता से वानरों ने अद्भुत सेतु का निर्माण कर लिया। उधर, लंका में रावण के दरबार में अंगद शांति का संदेश लेकर पहुंचे। रावण ने उनके शांति संदेश को ठुकरा दिया। युद्धभूमि में मेघनाद ने लक्ष्मण पर शक्ति प्रहार किया, जिससे वे मूर्छित हो गए। तब सुषेण वैद्य ने हिमालय से संजीवनी लाने के लिए कहा।
हनुमान संजीवनी लेकर आए। इसके बाद लंका में रावण ने युद्ध के लिए कुंभकरण को भेजा। श्रीराम के हाथों कुंभकरण का वध होता है। मंचन में मेला महासचिव ऋषि बाबू, मेला सचिव राममोहन अग्निहोत्री, मंचन समिति के अध्यक्ष हरिशंकर, सचिव देवेश दीक्षित, अमित अवस्थी आदि मौजूद रहे। संवाद
खिरनीबाग में खड़े किए रावण और मेघनाद के पुतले, एक लाख का आया खर्च
शाहजहांपुर। खिरनीबाग रामलीला में रावण और मेघनाद के पुतलों को तैयार कर बुधवार को खड़ा कर दिया गया है। दोनों पुतलों और लंका पर 70 हजार और पटाखों समेत करीब एक लाख रुपए कमेटी ने खर्च किए हैं।
रामलीला कमेटी के सचिव नरेंद्र मिश्रा गुरु ने बताया कि बृहस्पतिवार को रावण वध के बाद पुतले जलाए जाएंगे। कमेटी ने पुतलों के निर्माण की जिम्मेदारी जयराम को दी है। उन्होंने अपने आवास पर पुतले तैयार किए हैं। रावण की लंबाई 45 फुट और मेघनाद 35 फुट के बताए गए हैं। संवाद
दशहरे पर रावण का किया दहन
शाहजहांपुर। मोहल्ला भारद्वाजी स्थित ऑल सेंट्स स्कूल में बुधवार को दशहरा मनाया गया। छात्रों और शिक्षकों ने रावण के पुतले को दहन किया। कार्यक्रम में छात्रों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मणजी, हनुमानजी और रावण जैसे प्रमुख पात्रों का जीवंत चित्रण किया। मंचन के बाद रावण का विशालकाय पुतला जलाया गया। स्कूल में कन्या पूजन भी किया। स्कूल डायरेक्टर सचिन बाथम ने दशहरे पर प्रकाश डाला। प्रधानाचार्या साक्षी रस्तोगी, शुर्ति वाजपेयी, रूबी, शुभा, समन, सोनाली आदि का सहयोग रहा। संवाद
हनुमान जी ने फूंक डाली रावण की लंका
खुदागंज। श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से मेला मैदान पर आयोजित मंचन में बुधवार को अयोध्या धाम से आए कलाकारों ने लंका दहन लीला का मंचन किया। कलाकारों ने दिखाया कि पवन पुत्र हनुमान मां सीता को खोजने समुद्र पार करके लंका पहुंचे। हनुमान जी रावण के सैनिकों को मार डालते हैं। बाद में मेघनाद उन्हें बांधकर रावण के दरबार ले गया। रावण उन्हें मारने का आदेश देता है, किंतु विभीषण के सुझाव पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी जाती है। आग लगते ही हनुमान जी एक भवन से दूसरे भवन पर कूद-कूदकर पूरी लंका को जला डालते हैं। मेला की व्यवस्था में आयोजन समिति के संरक्षक एवं नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सुधीर सिंह, सौरभ गुप्ता, राम लड़ैते सिंह, बालिस्टर सिंह,संजीव गुप्ता आदि का सहयोग रहा। संवाद
प्रभु श्रीराम के वध करते ही जल उठा रावण का पुतला
कुर्रियाकलां। चौहनापुर गांव में आयोजित रामलीला में बुधवार को रावण वध का मंचन देखने के लिए आसपास के गांवों से तमाम महिलाएं, पुरुष और बच्चे दोपहर बाद से मेला मैदान पर उमड़ने लगे। प्रभु श्रीराम ने रावण से देर तक चले युद्ध के दौरान जैसे ही उसके पुतले पर बाण चलाया, रावण बना कलाकार धराशायी हो गया और उसका पुतला धू-धूकर जल उठा। मंचन में रामप्रकाश त्रिपाठी, हरिकृष्ण मिश्र, राजेश त्रिपाठी, शिवाधार त्रिपाठी, विमल पांडेय, सुमित कुमार आदि का सहयोग रहा। संवाद
विज्ञापन
मंचन में दिखाया गया कि कुंभकरण के वध की सूचना पर मेघनाद ने नागपाश से पूरे रामादल को जकड़ लिया। नारद की सुझाई युक्ति से रामादल नागपाश से मुक्त हो सका। रावण ने पुत्र मेघनाद को विजय यज्ञ करने की सलाह दी। इसके बाद श्रीराम ने लक्ष्मण को मेघनाद से युद्ध करने भेजा। लक्ष्मण, वीर हनुमान, अंगद और विभीषण ने मिलकर निकुंभ स्थल पर मेघनाद का वध किया। इस दृश्य के बाद सुलोचना के विलाप ने दर्शकों की आंखें नम कर दीं।
विज्ञापन
बाण मारकर कुंभकरण का श्रीराम ने किया वध
शाहजहांपुर। ओसीएफ रामलीला के मंच पर बुधवार की रात श्रीराम और कुंभकरण के बीच भीषण युद्ध का मंचन किया गया। श्रीराम के हाथों कुंभकरण को मोक्ष की प्राप्ति होते ही पूरा वातावरण जयकारों से गूंज उठा।
विज्ञापन
ओसीएफ रामलीला के मंचन में दिखाया कि नल-नील की सहायता से वानरों ने अद्भुत सेतु का निर्माण कर लिया। उधर, लंका में रावण के दरबार में अंगद शांति का संदेश लेकर पहुंचे। रावण ने उनके शांति संदेश को ठुकरा दिया। युद्धभूमि में मेघनाद ने लक्ष्मण पर शक्ति प्रहार किया, जिससे वे मूर्छित हो गए। तब सुषेण वैद्य ने हिमालय से संजीवनी लाने के लिए कहा।
हनुमान संजीवनी लेकर आए। इसके बाद लंका में रावण ने युद्ध के लिए कुंभकरण को भेजा। श्रीराम के हाथों कुंभकरण का वध होता है। मंचन में मेला महासचिव ऋषि बाबू, मेला सचिव राममोहन अग्निहोत्री, मंचन समिति के अध्यक्ष हरिशंकर, सचिव देवेश दीक्षित, अमित अवस्थी आदि मौजूद रहे। संवाद
खिरनीबाग में खड़े किए रावण और मेघनाद के पुतले, एक लाख का आया खर्च
शाहजहांपुर। खिरनीबाग रामलीला में रावण और मेघनाद के पुतलों को तैयार कर बुधवार को खड़ा कर दिया गया है। दोनों पुतलों और लंका पर 70 हजार और पटाखों समेत करीब एक लाख रुपए कमेटी ने खर्च किए हैं।
रामलीला कमेटी के सचिव नरेंद्र मिश्रा गुरु ने बताया कि बृहस्पतिवार को रावण वध के बाद पुतले जलाए जाएंगे। कमेटी ने पुतलों के निर्माण की जिम्मेदारी जयराम को दी है। उन्होंने अपने आवास पर पुतले तैयार किए हैं। रावण की लंबाई 45 फुट और मेघनाद 35 फुट के बताए गए हैं। संवाद
दशहरे पर रावण का किया दहन
शाहजहांपुर। मोहल्ला भारद्वाजी स्थित ऑल सेंट्स स्कूल में बुधवार को दशहरा मनाया गया। छात्रों और शिक्षकों ने रावण के पुतले को दहन किया। कार्यक्रम में छात्रों ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मणजी, हनुमानजी और रावण जैसे प्रमुख पात्रों का जीवंत चित्रण किया। मंचन के बाद रावण का विशालकाय पुतला जलाया गया। स्कूल में कन्या पूजन भी किया। स्कूल डायरेक्टर सचिन बाथम ने दशहरे पर प्रकाश डाला। प्रधानाचार्या साक्षी रस्तोगी, शुर्ति वाजपेयी, रूबी, शुभा, समन, सोनाली आदि का सहयोग रहा। संवाद
हनुमान जी ने फूंक डाली रावण की लंका
खुदागंज। श्री आदर्श रामलीला कमेटी की ओर से मेला मैदान पर आयोजित मंचन में बुधवार को अयोध्या धाम से आए कलाकारों ने लंका दहन लीला का मंचन किया। कलाकारों ने दिखाया कि पवन पुत्र हनुमान मां सीता को खोजने समुद्र पार करके लंका पहुंचे। हनुमान जी रावण के सैनिकों को मार डालते हैं। बाद में मेघनाद उन्हें बांधकर रावण के दरबार ले गया। रावण उन्हें मारने का आदेश देता है, किंतु विभीषण के सुझाव पर हनुमान जी की पूंछ में आग लगा दी जाती है। आग लगते ही हनुमान जी एक भवन से दूसरे भवन पर कूद-कूदकर पूरी लंका को जला डालते हैं। मेला की व्यवस्था में आयोजन समिति के संरक्षक एवं नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष सुधीर सिंह, सौरभ गुप्ता, राम लड़ैते सिंह, बालिस्टर सिंह,संजीव गुप्ता आदि का सहयोग रहा। संवाद
प्रभु श्रीराम के वध करते ही जल उठा रावण का पुतला
कुर्रियाकलां। चौहनापुर गांव में आयोजित रामलीला में बुधवार को रावण वध का मंचन देखने के लिए आसपास के गांवों से तमाम महिलाएं, पुरुष और बच्चे दोपहर बाद से मेला मैदान पर उमड़ने लगे। प्रभु श्रीराम ने रावण से देर तक चले युद्ध के दौरान जैसे ही उसके पुतले पर बाण चलाया, रावण बना कलाकार धराशायी हो गया और उसका पुतला धू-धूकर जल उठा। मंचन में रामप्रकाश त्रिपाठी, हरिकृष्ण मिश्र, राजेश त्रिपाठी, शिवाधार त्रिपाठी, विमल पांडेय, सुमित कुमार आदि का सहयोग रहा। संवाद

चौहनापुर में रामलीला का मंचन करते कलाकार। स्रोत : आयोजक

चौहनापुर में रामलीला का मंचन करते कलाकार। स्रोत : आयोजक

चौहनापुर में रामलीला का मंचन करते कलाकार। स्रोत : आयोजक