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कोलाघाट पुल : पैंटून पुल के साथ रास्ते के काम में आई तेजी
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जलालाबाद में रामगंगा नदी पर पहुंचते लोहे के पीपे । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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जलालाबाद। कोलाघाट का पुल टूटने के बाद जिला मुख्यालय से कटे कलान व मिर्जापुर को फिर से जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग ने कवायद तेज कर दी है। बृहस्पतिवार को पैंटून पुल के साथ ही रास्ते को सुविधापूर्ण बनाने जैसे दोनों कार्य एक साथ शुरू हो जाने से अब यात्रियों को जल्द ही मुश्किल भरे सफर से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। अनुमान है कि यह हफ्ते में पैंटून पुल से यातायात शुरू हो जाएगा।
रामगंगा नदी के उस पार मिर्जापुर क्षेत्र में पड़ने वाले रास्ते को समतल बनाने का कार्य लगभग पूरा हो गया है। जलालाबाद की तरफ आधे किलोमीटर के रेतीले रास्ते पर अभी लोहे के पटले नहीं पड़ सके हैं जिससे यह दूरी यात्रियों के लिए अभी मुसीबत का सबब बनी हुई है। जबकि अन्य रास्ता इधर भी दुरुस्त कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को रास्ते के साथ साथ पैंटून पुल निर्माण के लिए एक साथ काम चलता रहा। क्रेन व ट्रॉला के सहारे लोहे के भारी भरकम पीपों को इस दुर्गम रास्ते से किसी तरह निकालकर नदी के मुहाने तक पहुंचाने के लिए ठेकेदार जुटे रहे।
पैंटून पुल निर्माण के स्थान से पहले नदी से निकली धारा को मोड़ने के लिए रेत भरी बोरियां लगाने का काम भी 75 फीसदी पूरा हो चुका है। पैंटून पुल निर्माण में काम आने वाले लकड़ी के स्लीपर को छोड़कर अन्य सामान कार्यस्थल तक पहुंच चुका है। उम्मीद है कि 17 दिसम्बर तक पैंटून पुल का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। 29 नवंबर को पिलर धंसने से कोलाघाट पुल के तीन टुकड़ों में बंट जाने से यातायात वाहनों के लिए यातायात अवरुद्ध हो गया।
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कलान तथा मिर्जापुर के विस्तृत इलाके का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया था। हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पुल के नीचे से होकर निकलने वाले पैदल व बाइक सवार यात्री बोट से नदी पार कर इधर-उधर आ जा रहे हैं परंतु यह सफर मुश्किल व जोखिम भरा होने के साथ ज्यादा समय की भी बर्बादी करता है।
नदी तक लोहे के पीपे व गार्डर पहुंचाने का कार्य चल रहा है। जल्द ही लकड़ी के स्लीपर भी पहुंच जाएंगे। उम्मीद है कि एक सप्ताह में पैंटून पुल का निर्माण पूरा कर यातायात शुरू करा दिया जाएगा।
सोमपाल, अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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रामगंगा नदी के उस पार मिर्जापुर क्षेत्र में पड़ने वाले रास्ते को समतल बनाने का कार्य लगभग पूरा हो गया है। जलालाबाद की तरफ आधे किलोमीटर के रेतीले रास्ते पर अभी लोहे के पटले नहीं पड़ सके हैं जिससे यह दूरी यात्रियों के लिए अभी मुसीबत का सबब बनी हुई है। जबकि अन्य रास्ता इधर भी दुरुस्त कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को रास्ते के साथ साथ पैंटून पुल निर्माण के लिए एक साथ काम चलता रहा। क्रेन व ट्रॉला के सहारे लोहे के भारी भरकम पीपों को इस दुर्गम रास्ते से किसी तरह निकालकर नदी के मुहाने तक पहुंचाने के लिए ठेकेदार जुटे रहे।
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पैंटून पुल निर्माण के स्थान से पहले नदी से निकली धारा को मोड़ने के लिए रेत भरी बोरियां लगाने का काम भी 75 फीसदी पूरा हो चुका है। पैंटून पुल निर्माण में काम आने वाले लकड़ी के स्लीपर को छोड़कर अन्य सामान कार्यस्थल तक पहुंच चुका है। उम्मीद है कि 17 दिसम्बर तक पैंटून पुल का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। 29 नवंबर को पिलर धंसने से कोलाघाट पुल के तीन टुकड़ों में बंट जाने से यातायात वाहनों के लिए यातायात अवरुद्ध हो गया।
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कलान तथा मिर्जापुर के विस्तृत इलाके का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया था। हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में पुल के नीचे से होकर निकलने वाले पैदल व बाइक सवार यात्री बोट से नदी पार कर इधर-उधर आ जा रहे हैं परंतु यह सफर मुश्किल व जोखिम भरा होने के साथ ज्यादा समय की भी बर्बादी करता है।
नदी तक लोहे के पीपे व गार्डर पहुंचाने का कार्य चल रहा है। जल्द ही लकड़ी के स्लीपर भी पहुंच जाएंगे। उम्मीद है कि एक सप्ताह में पैंटून पुल का निर्माण पूरा कर यातायात शुरू करा दिया जाएगा।
सोमपाल, अभियंता, लोक निर्माण विभाग

जलालाबाद के कोलाघाट पुल के पास लोहे के गाटर पहुंचाने में जुटी क्रेन । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR