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एक अक्तूबर से ईंट पथाई कार्य रोककर हड़ताल करेंगे ईंट भट्ठा मालिक
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शाहजहांपुर के एक रेस्टोरेंट में शनिवार को बैठक करते शाहजहांपुर ईंट निम्राता कल्याण समिति के पदा
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। ईंट उद्योग पर जीएसटी की दर बढ़ाने और कोयला नीति में खामियों से जूझ रहे जिले के ईंट भट्ठा संचालक एक अक्तूबर से पूरे सीजन पथाई का काम रोककर हड़ताल करेंगे। अखिल भारतीय ईंट निर्माता कल्याण समिति के आह्वान पर जिला कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की शनिवार को हुई बैठक में यह निर्णय किया गया।
अध्यक्षता करते हुए समिति के अध्यक्ष राकेश कपूर ने कहा कि देश के डेढ़ लाख ईंट भट्ठों से 4.5 करोड़ से अधिक परिवार प्रत्यक्ष और परोक्ष तौर पर आजीविका कमा रहे हैं। सरकार ने वायदे के विपरीत जीएसटी के नियम बदलकर ईंट निर्माताओं के साथ घोर अन्याय किया और अब कोयला भी महंगा हो रहा है। पत्रकारों से वार्ता में समिति के अध्यक्ष राकेश कपूर ने बताया कि गत वर्ष तक कोयला आठ से दस हजार रुपये प्रति टन मिलता रहा, लेकिन अब बिचौलियों के माध्यम से 20 से 26 हजार रुपये प्रति टन मिल रहा है। यही नहीं, कोयला के नाम पत्थर दिए जाने से उसका उपयोग भी नहीं हो रहा है। अब सरकार लाल ईंट की जगह सीमेंट और फ्लाई ऐश की ईंट को बढ़ावा दे रही है।
विनियमन शुल्क जमा करने वाले भट्ठा मालिकों को खेतों से मिट्टी खनन कराने पर बदनाम और परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन समस्याओं का जल्द निराकरण नहीं किया तो आगामी एक अक्टूबर से जनपद के सभी 220 भट्ठों पर ईंट की पथाई बंद करके अगले वर्ष 30 जून तक हड़ताल की जाएगी। इस मौके पर अली हुसैन, कृष्ण कुमार गर्ग, प्रकाश कलानी, प्रतुल कुमार गर्ग, राजेंद्र कुमार, अनुज सिंह, ताज मोहम्मद, वीरभान, अलीउश्शान खां, मो. ईशाक आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
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अध्यक्षता करते हुए समिति के अध्यक्ष राकेश कपूर ने कहा कि देश के डेढ़ लाख ईंट भट्ठों से 4.5 करोड़ से अधिक परिवार प्रत्यक्ष और परोक्ष तौर पर आजीविका कमा रहे हैं। सरकार ने वायदे के विपरीत जीएसटी के नियम बदलकर ईंट निर्माताओं के साथ घोर अन्याय किया और अब कोयला भी महंगा हो रहा है। पत्रकारों से वार्ता में समिति के अध्यक्ष राकेश कपूर ने बताया कि गत वर्ष तक कोयला आठ से दस हजार रुपये प्रति टन मिलता रहा, लेकिन अब बिचौलियों के माध्यम से 20 से 26 हजार रुपये प्रति टन मिल रहा है। यही नहीं, कोयला के नाम पत्थर दिए जाने से उसका उपयोग भी नहीं हो रहा है। अब सरकार लाल ईंट की जगह सीमेंट और फ्लाई ऐश की ईंट को बढ़ावा दे रही है।
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विनियमन शुल्क जमा करने वाले भट्ठा मालिकों को खेतों से मिट्टी खनन कराने पर बदनाम और परेशान किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन समस्याओं का जल्द निराकरण नहीं किया तो आगामी एक अक्टूबर से जनपद के सभी 220 भट्ठों पर ईंट की पथाई बंद करके अगले वर्ष 30 जून तक हड़ताल की जाएगी। इस मौके पर अली हुसैन, कृष्ण कुमार गर्ग, प्रकाश कलानी, प्रतुल कुमार गर्ग, राजेंद्र कुमार, अनुज सिंह, ताज मोहम्मद, वीरभान, अलीउश्शान खां, मो. ईशाक आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
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