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ईंट पर टैक्स बढ़ाने के विरोध में भट्ठा मालिकों ने किया प्रदर्शन
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शाहजहांपुर के कलक्ट्रेट परिसर में सिटी मजिस्ट्रेट को व्यापारियों के साथ ज्ञापन देने जाते ईंट भट
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। जीएसटी काउंसिल द्वारा ईंटों पर कर की दरें बढ़ाने के विरोध में ईंट भट्ठा मालिकों ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। उद्योग व्यापार मंडल मिश्रा गुट से जुड़े तमाम पदाधिकारी भी मौजूद रहे। बाद में भट्ठा मालिकों का शिष्टमंडल सिटी मजिस्ट्रेट देवेंद्र प्रताप सिंह से मिला। उन्हें केंद्रीय वित्त मंत्री के नाम ज्ञापन देकर ईंटों पर कर की दरें बढ़ाने संबंधी प्रस्ताव वापस लिए जाने की मांग की।
ईंट निर्माता कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष राकेश कपूर ने कहा कि ईंट भट्ठा सीजनल श्रेणी का ग्रामीण कुटीर उद्योग होने के कारण सरकार से अधिक सहायता की अपेक्षा रखता है। कोरोना महामारी के कारण ईंट भट्ठा उद्योग पहले से घाटे में होने से वित्तीय स्थिति खराब है। इसके बावजूद जीएसटी की केंद्रीय परिषद ने ईंट पर कर कई गुना बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। यह प्रस्ताव जनविरोधी है, क्योंकि ईंट महंगी होने पर तमाम मध्य आयवर्गीय लोगों का घर बनाने का सपना पूरा नहीं हो सकेगा।
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ की ओर से दिए ज्ञापन में कहा कि सभी निर्माण क्षेत्र के 40 लाख रुपये तक सालाना टर्न ओवर वाले व्यवसाय जीएसटी से मुक्त हैं। इसके उलट जीएसटी काउंसिल ने 20 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर तक करमुक्त करने का प्रस्ताव किया है। यह निर्णय ईंट भट्ठा संचालकों के साथ घोर अन्याय है।
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वाणिज्य कर समाधान योजना के तहत तमाम भट्ठा मालिक ग्राहकों से ईंट पर कर वसूल नहीं करते और इस प्रस्ताव को वापस नहीं लिया तो भट्ठों से जुड़े भूमिहीन कामगार परिवार बेरोजगार हो जाएंगे। इस दौरान नाजिम खां, नीरज गुप्ता, रोहित अग्रवाल, चंद्र प्रकाश गुलाटी, आरिफ जमाल खां, रजत कपूर, फिरोज हुसैन खां, मो. रफी आदि मौजूद रहे।
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ईंट निर्माता कल्याण समिति के जिलाध्यक्ष राकेश कपूर ने कहा कि ईंट भट्ठा सीजनल श्रेणी का ग्रामीण कुटीर उद्योग होने के कारण सरकार से अधिक सहायता की अपेक्षा रखता है। कोरोना महामारी के कारण ईंट भट्ठा उद्योग पहले से घाटे में होने से वित्तीय स्थिति खराब है। इसके बावजूद जीएसटी की केंद्रीय परिषद ने ईंट पर कर कई गुना बढ़ाने का प्रस्ताव किया है। यह प्रस्ताव जनविरोधी है, क्योंकि ईंट महंगी होने पर तमाम मध्य आयवर्गीय लोगों का घर बनाने का सपना पूरा नहीं हो सकेगा।
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व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह दुआ की ओर से दिए ज्ञापन में कहा कि सभी निर्माण क्षेत्र के 40 लाख रुपये तक सालाना टर्न ओवर वाले व्यवसाय जीएसटी से मुक्त हैं। इसके उलट जीएसटी काउंसिल ने 20 लाख रुपये तक सालाना टर्नओवर तक करमुक्त करने का प्रस्ताव किया है। यह निर्णय ईंट भट्ठा संचालकों के साथ घोर अन्याय है।
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वाणिज्य कर समाधान योजना के तहत तमाम भट्ठा मालिक ग्राहकों से ईंट पर कर वसूल नहीं करते और इस प्रस्ताव को वापस नहीं लिया तो भट्ठों से जुड़े भूमिहीन कामगार परिवार बेरोजगार हो जाएंगे। इस दौरान नाजिम खां, नीरज गुप्ता, रोहित अग्रवाल, चंद्र प्रकाश गुलाटी, आरिफ जमाल खां, रजत कपूर, फिरोज हुसैन खां, मो. रफी आदि मौजूद रहे।