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अजगर को मारने की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम

Tue, 12 Oct 2021 02:17 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 02:17 AM IST
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kill python
गांव जसवंतनगर में अजगर के मारे जाने की सूचना पर जांच करती वन विभाग की टीम - फोटो : POWAYAN
खुटार। वन्य जंतुओं की सुरक्षा के लिए बनी श्रेणी में पहली अनुसूची में शामिल अजगर को मारने की सूचना पर रेंजर टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की। टीम को सांप की पूंछ का हिस्सा मिला है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है। सोमवार को किसी ने रेंजर को सूचना दी कि गांव जसवंतनगर में कुछ लोगों ने एक अजगर का शिकार किया है। लोगों ने देख लिया तो अजगर के टुुकड़े कर अलग-अलग दफना दिए गए हैं।
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सूचना पर रेंजर डीएस यादव टीम के साथ पहुंचे और सूचना देने वाले की निशानदेही पर सांप की पूंछ का एक टुकड़ा बरामद कर लिया। रेंजर ने बताया कि सांप की पूछ का हिस्सा प्रधान के खेत से बरामद हुआ है। उसे जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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प्रधान रविंद्र सिंह ने बताया कि रविवार शाम उनके खेत में कंबाइन से धान की कटाई हो रही थी। नौकर ने बताया कि कंबाइन में कोई जानवर आ गया था, जिसके टुकड़े-टुकड़े हो गए हैं। उन्होंने नौकर से कहा था कि उसे कही गाड़ दो। उनको नहीं मालूम था कि अजगर या अन्य कोई सांप कंबाइन से कट गया है। क्षेत्र में कभी भी अजगर नहीं देखा गया है।
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सांप को मारने और हानि पहुंचाने पर जेल संभव
रेंजर डीएस यादव के अनुसार सरकार ने निरीह और बेसहारा वन्य जीव जंतुओं के संरक्षण के लिए पांच अनुसूचियां जारी कर रखी हैं। इन अनुसूचियों में चिड़ियों, रेंगते घूम रहे सांप, मगरमच्छ आदि को शामिल किया है। इन्हें मारने, प्रताड़ित करने, बंधक बनाने पर भी जुर्माना और सजा दोनों ही संभव है।
क्या हो सकता है नुकसान पहुंचाने पर
रेंजर के अनुसार अनुसूची एक के पशु-पक्षियों को मारने पर कठोर दंड का प्रावधान है। अनुसूची दो और तीन के पशु-पक्षी भी लुप्त हो चली प्रजातियों के हैं। इनको मारने और प्रताड़ित करने पर प्रतिबंध है। ऐसा करने पर सजा और जुर्माना हो सकता है। अनुसूची चार में शामिल नीलगाय को डीएम के आदेश पर ही मारा जा सकता है। अनुसूची पांच में शामिल पशु-पक्षियों को मारने पर प्रतिबंध नहीं है।

लोगों ने अजगर को मारे जाने की सूचना दी थी। जांच की गई तो प्रधान के खेत से सांप की पूंछ का हिस्सा मिला है, जिसे जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- डीएस यादव, रेंजर खुटार रेंज
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