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युवक ने तमंचे से गोली मारकर दी जान
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बंडा (शाहजहांपुर)। कथित तौर पर कर्ज में डूबे एक युवक ने अपने ही घर में तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक के पिता के अनुसार भारी कर्ज से परेशान होकर पुत्र ने आत्महत्या की है। सूचना पर फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट ने मौके पर पहुंचकर जांच की है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है।
गांव देवकली के सुच्चा सिंह के पुत्र जोगिंदर सिंह (26) की पांच वर्ष पहले शादी हुई थी। शादी के बाद वह पिता और छोटे भाई से अलग हो गया और बैंक से दो लाख रुपये और अन्य लोगों ने चार लाख रुपये कर्ज लेकर मकान बनवा लिया। बंटवारे में उसके हिस्से में करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन आई थी। जोगिंदर सिंह रविवार सुबह सोकर उठा और खेत पर चला गया। वापस आकर उसने पत्नी हरप्रीत कौर को चाय बनाने के लिए भेज दिया। इसके बाद उसने कमरे में जाकर तमंचे से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। फायर की आवाज सुनकर हरप्रीत कौर कमरे में गई तो पति को खून से लथपथ पड़ा देखा शोर मचाया। शोर सुनकर जोगिंदर के पिता सुच्चा सिंह और बड़ा भाई मेजर सिंह मौके पर पहुंचे, तब तक जोगिंदर की मौत हो चुकी थी। इससे घर में कोहराम मच गया।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। मृतक के पिता सुच्चा सिंह ने बताया कि जोगिंदर शादी के एक साल बाद ही अलग रहने लगा था। अलग होकर उसने नया मकान बनवाया था, जिसके लिए उसने क्षमता से अधिक छह लाख का कर्ज ले लिया। वह कई बार कहता था कि कर्ज अधिक हो गया है, कैसे चुकता कर पाऊंगा। वह पुत्र को समझाते भी थे कि सब ठीक हो जाएगा। कर्ज को लेकर जोगिंदर परेशान था और कुछ समय से कर्ज का ब्याज भी नहीं दे सका था। इसी कारण उसने आत्महत्या की है। जोगिंदर की मौत से पिता सुच्चा सिंह, मां स्वर्ण कौर, भाई मेजर सिंह, पत्नी हरप्रीत कौर का रो रोकर बुरा हाल हैं।
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गांव देवकली के सुच्चा सिंह के पुत्र जोगिंदर सिंह (26) की पांच वर्ष पहले शादी हुई थी। शादी के बाद वह पिता और छोटे भाई से अलग हो गया और बैंक से दो लाख रुपये और अन्य लोगों ने चार लाख रुपये कर्ज लेकर मकान बनवा लिया। बंटवारे में उसके हिस्से में करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन आई थी। जोगिंदर सिंह रविवार सुबह सोकर उठा और खेत पर चला गया। वापस आकर उसने पत्नी हरप्रीत कौर को चाय बनाने के लिए भेज दिया। इसके बाद उसने कमरे में जाकर तमंचे से सिर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। फायर की आवाज सुनकर हरप्रीत कौर कमरे में गई तो पति को खून से लथपथ पड़ा देखा शोर मचाया। शोर सुनकर जोगिंदर के पिता सुच्चा सिंह और बड़ा भाई मेजर सिंह मौके पर पहुंचे, तब तक जोगिंदर की मौत हो चुकी थी। इससे घर में कोहराम मच गया।
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सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया। मृतक के पिता सुच्चा सिंह ने बताया कि जोगिंदर शादी के एक साल बाद ही अलग रहने लगा था। अलग होकर उसने नया मकान बनवाया था, जिसके लिए उसने क्षमता से अधिक छह लाख का कर्ज ले लिया। वह कई बार कहता था कि कर्ज अधिक हो गया है, कैसे चुकता कर पाऊंगा। वह पुत्र को समझाते भी थे कि सब ठीक हो जाएगा। कर्ज को लेकर जोगिंदर परेशान था और कुछ समय से कर्ज का ब्याज भी नहीं दे सका था। इसी कारण उसने आत्महत्या की है। जोगिंदर की मौत से पिता सुच्चा सिंह, मां स्वर्ण कौर, भाई मेजर सिंह, पत्नी हरप्रीत कौर का रो रोकर बुरा हाल हैं।
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