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टीवी और मोबाइल में देखते रहे बजट, बाद में समझा नफा-नुकसान
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शाहजहांपुर में टीवी पर बजट देखते लोग । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। कड़ाके की सर्दी और कोहरा होने के बावजूद लोगों में मंगलवार को आम बजट को लेकर जबरदस्त उत्साह रहा। बजट की स्थिति पर नजर बनाए रखने के लिए लोग अपने घरों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर डटे रहे। बजट से किसी के चेहरे खुशी थी तो बहुत से लोगों को मायूसी हाथ लगी। दोपहर बाद स्थिति स्पष्ट होने के बाद नफे और नुकसान का आकलन होता रहा।
एक दिन पहले बजट का सर्वे आने के बाद से लोगों में काफी ज्यादा उत्साह था। उत्तर प्रदेश में चुनाव के करीब आने वाले बजट से लोगों को जबर्दस्त उम्मीद थी। महिलाएं रसोई गैस के सिलिंडर और खाद्य पदार्थों पर चढ़े दामों के उतार की आस लगाए बैठी थीं। वहीं सरकारी कर्मचारी बजट से आयकर के स्लैब में बढ़ोत्तरी, लोन की माफी, पेट्रोल-डीजल के रेट कम होने व रोजमर्रा की चीजों के दाम कम होने की संभावना जता रहे थे।
पूर्वान्ह 11 बजे वित्त मंत्री ने संसद में बजट को पढ़ना शुरू किया। उससे पहले ही लोगों की नजरें टीवी स्क्रीन पर टिक गईं। सदर बाजार, लाल इमली चौराहा, जलालनगर बजरिया, चौक समेत ग्रामीण इलाकों में लोग बजट देखते में व्यस्त रहे। बहुत से लोगों ने लैपटॉप और मोबाइल पर भी लाइव प्रसारण देखा। दोपहर बाद बजट भाषण खत्म होने के बाद लोगों ने आकलन शुरू किया। किसी की उम्मीदों पर भाषण खरा नहीं उतरा तो कोई बजट को देखकर काफी खुश नजर आया। कुछ लोगों ने बजट को चुनावी करार दिया, जबकि कुछ लोगों का कहना था कि यह बजट देश के भविष्य को बेहतर दिशा प्रदान करेगा।
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एक दिन पहले बजट का सर्वे आने के बाद से लोगों में काफी ज्यादा उत्साह था। उत्तर प्रदेश में चुनाव के करीब आने वाले बजट से लोगों को जबर्दस्त उम्मीद थी। महिलाएं रसोई गैस के सिलिंडर और खाद्य पदार्थों पर चढ़े दामों के उतार की आस लगाए बैठी थीं। वहीं सरकारी कर्मचारी बजट से आयकर के स्लैब में बढ़ोत्तरी, लोन की माफी, पेट्रोल-डीजल के रेट कम होने व रोजमर्रा की चीजों के दाम कम होने की संभावना जता रहे थे।
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पूर्वान्ह 11 बजे वित्त मंत्री ने संसद में बजट को पढ़ना शुरू किया। उससे पहले ही लोगों की नजरें टीवी स्क्रीन पर टिक गईं। सदर बाजार, लाल इमली चौराहा, जलालनगर बजरिया, चौक समेत ग्रामीण इलाकों में लोग बजट देखते में व्यस्त रहे। बहुत से लोगों ने लैपटॉप और मोबाइल पर भी लाइव प्रसारण देखा। दोपहर बाद बजट भाषण खत्म होने के बाद लोगों ने आकलन शुरू किया। किसी की उम्मीदों पर भाषण खरा नहीं उतरा तो कोई बजट को देखकर काफी खुश नजर आया। कुछ लोगों ने बजट को चुनावी करार दिया, जबकि कुछ लोगों का कहना था कि यह बजट देश के भविष्य को बेहतर दिशा प्रदान करेगा।
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