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भाजपा-बसपा की जुगलबंदी पर नजर रखें : अखिलेश
ब्यूरो /शाहजहांपुर
Updated Sat, 18 Jun 2016 09:15 PM IST
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भाजपा-बसपा की जुगलबंदी पर नजर रखें : अखिलेश
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वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव का जिक्र आते ही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ रवाना होने से पहले शनिवार को यहां अजीजपुर जिगनेरा गांव के हेलीपैड पर पत्रकारों से कहा कि पुराने रिश्ते किसके हैं? बिना बसपा सुप्रीमो का नाम लिए कहा कि हमारी बुआ ने किस पार्टी के नेताओं को राखी बांधी थी, सभी जानते हैं। भाजपा - बसपा की जुगलबंदी पर सभी नजर रखें और सपा भी रख रही है। रही बात सपा की तो अपने चतुर्दिक विकास कार्यों के साथ जनता से गले मिलकर दोबारा में सरकार में आने का मौका मांगेगी। कैराना का प्रसंग उठते ही उन्होंने कहा कि इसे जानबूझकर तूल दिया जा रहा है। सपा सरकार के चतुर्दिक विकास कार्यों से जनता का ध्यान बंटाने के लिए ऐसा किया जा रहा है। गाय, धर्मपरिवर्तन आदि की बात करने वाले कौन हैं, सभी जानते हैं। मथुरा कांड की सीबीआई जांच की मांग को उन्होंने अपने लहजे में नकारा। कहा कि न्यायिक जांच हो रही है और सारे तथ्य सामने आएंगे जिसके आधार पर समुचित कार्रवाई होगी। न्यायिक संस्था पर भरोसा रखना चाहिए। बदायूं में क्या हुआ था? सीबीआई जांच में वही तथ्य सामने आए तो राज्य पुलिस ने पाए थे। गन्ना में परता बढ़ने के प्रसंग पर उन्होंने कहा कि गन्ना उत्पादन और परते में इस बार यूपी नंबर वन रहा है। लेकिन अपने कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए भाजपा और उससे पहले कांग्रेस की केंद्र सरकार विदेशों से चीनी आयात करने की नीति पर रहे। दाल के मामले में भी यही है। यहां किसान को जरूरी सब्सिडी मिले तो वह पर्याप्त दाल उत्पादित कर लेगा लेकिन बनावटी कमी दिखाकर विदेश से दाल आयात हो रहा है। शाहजहांपुर गन्ना शोध परिषद का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे गन्ना के मामले में काफी कुछ काम किया जाना है। शाहजहांपुर के लिए देन का प्रसंग आने पर कहा कि बंद पड़ी पुवायां चीनी मिल शुरू कराई। शाहजहांपुर में नलकूप के लिए बिजली कनेक्शन में पेंडेंसी बढ़ने के सवाल पर कहा कि इसे रविवार को दिखवाकर निर्णय लेंगे। कहा कि पूरे प्रदेश में नलकूपों के लिए तुरंत बिजली कनेक्शन देने का आदेश दिया तो यहां पालन क्यों नहीं हो रहा, यह देखेंगे।
कांग्रेस कम होशियार नहीं : सीएम
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सूबे में एम्स का जिक्र आने पर कहा कि गोरखपुर में एम्स के लिए जरूरी 200 एकड़ जमीन मुहैया करा दी गई है। साथ ही उसे फोरलेन से जोड़ने और उसके लिए अलग बिजली फीडर की व्यवस्था की गई है। अभी इस एम्स का शिलान्यास होना है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार कार्यरत है। मेडिकल कॉलेजों और एम्स के लिए जमीन मुहैया न कराएं तो कैसे बनें। बसपा का नाम लिए बिना कहा कि पिछली राज्य सरकार ने रायबरेली में एम्स बनाने के लिए जमीन ही मुहैया नहीं कराई तो योजना अधर में पड़ी रही। सपा के सरकार में आते ही जमीन मुहैया करा दी गई तो काम शुरू हो पाया। लेकिन कांग्रेस वाले कम होशियार नहीं हैं। उन्होंने तो उसके शिलान्यास कार्यक्रम में उस मुख्यमंत्री तक को न्यौता नहीं दिया जिसने जमीन मुहैया कराई।
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कांग्रेस कम होशियार नहीं : सीएम
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सूबे में एम्स का जिक्र आने पर कहा कि गोरखपुर में एम्स के लिए जरूरी 200 एकड़ जमीन मुहैया करा दी गई है। साथ ही उसे फोरलेन से जोड़ने और उसके लिए अलग बिजली फीडर की व्यवस्था की गई है। अभी इस एम्स का शिलान्यास होना है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार कार्यरत है। मेडिकल कॉलेजों और एम्स के लिए जमीन मुहैया न कराएं तो कैसे बनें। बसपा का नाम लिए बिना कहा कि पिछली राज्य सरकार ने रायबरेली में एम्स बनाने के लिए जमीन ही मुहैया नहीं कराई तो योजना अधर में पड़ी रही। सपा के सरकार में आते ही जमीन मुहैया करा दी गई तो काम शुरू हो पाया। लेकिन कांग्रेस वाले कम होशियार नहीं हैं। उन्होंने तो उसके शिलान्यास कार्यक्रम में उस मुख्यमंत्री तक को न्यौता नहीं दिया जिसने जमीन मुहैया कराई।
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