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‘अहंकार का नाश करती है भागवत’
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 11 Mar 2015 12:13 AM IST
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घूरनतलैया स्थित खत्री धर्मशाला में श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ समारोह एवं संत सम्मेलन शुरू हो गया। पहले दिन वृंदावन के कथा व्यास डॉ. दामोदर दीक्षित ने मंगलाचरण के साथ कथा के महत्व पर प्रकाश डाला।
कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण के श्रवण करने से व्यक्ति की ईश्वर के प्रति समीप्यता बढ़ती है, अहंकार का नाश होता है। धुंधकारी की कथा सुनाते हुए आचार्य दीक्षित ने कहा कि संसार का कितना बड़ा पापी ही क्यों न हो, भगवत कथा सुनने से उसके भी पाप दूर हो जाते हैं और वह मुक्ति को प्राप्त करता है।
इससे पूर्व रमेश त्रिपाठी और रामबली ने भजन सुनाकर श्रोताओं को गदगद किया। राम दुलारे त्रिगुणायत ने रामराज की व्याख्या करते हुए उसके महत्व को समझाया। इससे पहले आयोजक कमलेश खन्ना ने पत्नी सरला खन्ना और पुत्र जय प्रकाश एवं धीरू खन्ना के साथ कथा व्यास और अन्य अतिथि वक्ताओं का रोली तिलक कर सम्मानित किया। भागवत पूजन के बाद अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। आरती के पश्चात कथा को विश्राम दिया गया। इस मौके पर रागिनी खन्ना, ओम, राघव, राज आदि का योगदान रहा।
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कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण के श्रवण करने से व्यक्ति की ईश्वर के प्रति समीप्यता बढ़ती है, अहंकार का नाश होता है। धुंधकारी की कथा सुनाते हुए आचार्य दीक्षित ने कहा कि संसार का कितना बड़ा पापी ही क्यों न हो, भगवत कथा सुनने से उसके भी पाप दूर हो जाते हैं और वह मुक्ति को प्राप्त करता है।
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इससे पूर्व रमेश त्रिपाठी और रामबली ने भजन सुनाकर श्रोताओं को गदगद किया। राम दुलारे त्रिगुणायत ने रामराज की व्याख्या करते हुए उसके महत्व को समझाया। इससे पहले आयोजक कमलेश खन्ना ने पत्नी सरला खन्ना और पुत्र जय प्रकाश एवं धीरू खन्ना के साथ कथा व्यास और अन्य अतिथि वक्ताओं का रोली तिलक कर सम्मानित किया। भागवत पूजन के बाद अनुष्ठान का शुभारंभ हुआ। आरती के पश्चात कथा को विश्राम दिया गया। इस मौके पर रागिनी खन्ना, ओम, राघव, राज आदि का योगदान रहा।
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