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Shahjahanpur News: ढाई घाट गंगा तट पर कार्तिक मेला शुरू
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मिर्जापुर में ढाई घाट के तट लगाए गए तंबू। संवाद
मिर्जापुर। ढाई घाट के पावन गंगा तट पर कार्तिक मेला शुक्रवार से आरंभ हो गया। मेले की शुरुआत होते ही गंगा तट पर रौनक दिखने लगी। शनिवार को देवउठनी एकादशी पर पहले पर्व स्नान के लिए तमाम श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद में पंडे-पुजारी अपने यजमानों के ठहराने की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहे हैं।
पंडे-पुजारियों ने मेला क्षेत्र में आकर्षक रंग-बिरंगे टेंट लगाए हैं। पंडों ने अपने डेरों की दूर से पहचान कराने के लिए रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं काफी ऊंचाई पर लटकाईं हैं, ताकि भीड़ होने पर यजमान उनके ठिकाने आसानी से तलाश कर सकें। मेला स्थल पर बिजली और पेयजल की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
प्रशासन सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन के लिए आवश्यक इंतजाम करने में जुटा है। इसमें सर्वाधिक योगदान जिला पंचायत कर रही है। जिला पंचायत के मेला बाबू रजनीश कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में पेयजल सुविधा के लिए 15 हैंडपंप लगाए गए हैं। इसके अलावा आठ शौचालय बनाए गए हैं। साथ ही घाट पर महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए चारों ओर पर्दे से घिरे स्थान बनाए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि अधिकारियों के ठहराव के लिए मेले में दो आफीसर काॅलोनी बनाई गई हैं। सुरक्षा के लिए थाने के कैंप में छह पुलिया कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को डूबने से बचाने के लिए छह गोताखोर भी बुला लिए गए हैं।
मेला बाबू का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर प्रकाश, पेयजल, शौचालय आदि व्यवस्थाओं में विस्तार कराया जाएगा। फिलहाल, मेले में दूर-दराज से आए व्यापारी अपनी दुकानों के साथ पहुंच चुके हैं। आठ नवंबर तक चलने वाले मेले में मुख्य स्नान पर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन पांच नवंबर को होगा।
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पंडे-पुजारियों ने मेला क्षेत्र में आकर्षक रंग-बिरंगे टेंट लगाए हैं। पंडों ने अपने डेरों की दूर से पहचान कराने के लिए रोजमर्रा के इस्तेमाल की वस्तुएं काफी ऊंचाई पर लटकाईं हैं, ताकि भीड़ होने पर यजमान उनके ठिकाने आसानी से तलाश कर सकें। मेला स्थल पर बिजली और पेयजल की व्यवस्था शुरू कर दी गई है।
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प्रशासन सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन के लिए आवश्यक इंतजाम करने में जुटा है। इसमें सर्वाधिक योगदान जिला पंचायत कर रही है। जिला पंचायत के मेला बाबू रजनीश कुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र में पेयजल सुविधा के लिए 15 हैंडपंप लगाए गए हैं। इसके अलावा आठ शौचालय बनाए गए हैं। साथ ही घाट पर महिलाओं के कपड़े बदलने के लिए चारों ओर पर्दे से घिरे स्थान बनाए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि अधिकारियों के ठहराव के लिए मेले में दो आफीसर काॅलोनी बनाई गई हैं। सुरक्षा के लिए थाने के कैंप में छह पुलिया कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को डूबने से बचाने के लिए छह गोताखोर भी बुला लिए गए हैं।
मेला बाबू का कहना है कि आवश्यकता पड़ने पर प्रकाश, पेयजल, शौचालय आदि व्यवस्थाओं में विस्तार कराया जाएगा। फिलहाल, मेले में दूर-दराज से आए व्यापारी अपनी दुकानों के साथ पहुंच चुके हैं। आठ नवंबर तक चलने वाले मेले में मुख्य स्नान पर्व कार्तिक पूर्णिमा के दिन पांच नवंबर को होगा।