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कानुपर का माफिया बहेड़ी डिस्टलरी के फाइटर और सोल्जर ब्रांड के नाम से बेचते थे अवैध शराब
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शाहजहांपुर। कानपुर का माफिया विकास गुप्ता अवैध शराब बनाकर बरेली के बहेड़ी कस्बा स्थित डिस्टलरी के फाइटर और साल्जर ब्रांड के नाम से बेचता था। उसे कांट क्षेत्र के जमौर इंडस्ट्रियल एरिया के पास बना सिंचाई विभाग के कर्मचारी ने अपना गोदाम किराए पर दिया था, जिसकी पुलिस को तलाश है। उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी एस. आनंद ने रविवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि आरोपी बहेड़ी (बरेली) डिस्टलरी के फाइटर और सोल्जर ब्रांड नेम की अवैध शराब स्प्रिट, फ्लेवर और रंग के जरिये बनाते थे। इस गैंग का सरगना कानपुर निवासी विकास गुप्ता पहले से अवैध शराब का धंधा करता आया है। उसके खिलाफ कानपुर देहात और उन्नाव में आईपीसी और आबकारी एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज है। वर्ष 2018 में उन्नाव में जहरीली शराब पीने से 23 लोगों की मौत हुई थी। मामले में नामजद होने पर विकास को जेला भेजा गया था। वहां के प्रशासन ने नकेल कसी तो विकास ने अपना कार्य क्षेत्र बदलने का प्लान बना लिया। नौ अगस्त को उसने कांट के इंडस्ट्रियल एरिया में सिंचाई विभाग के एक कर्मचारी का गोदाम किराए पर लिया और अवैध शराब बनाने का धंधा शुरू कर दिया। डीएम ने बताया कि अब कानपुर देहात के मूसानगर थानांतर्गत गांव सुरजूपुर निवासी दीपू पुत्र जाहर सिंह की तलाश है, जिसने जमौर में किराये पर गोदाम लिया था। गोदाम सिंचाई विभाग के कर्मचारी का बताया जा रहा पता लगाया जा रहा है कि एक सामान्य कर्मचारी ने इतनी संपत्ति कैसे अर्जित की। जांच के बाद उस पर कार्रवाई के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों की संपत्तियों का भी पता लगाया जा रहा है और बाद मेें उनकी जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि शनिवार को एसओजी, कांट पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने अवैध शराब बनाने वाले गैंग के सरगना सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें सरगना कानपुर के थाना विधनू के ग्राम चोराई निवासी विकास गुप्ता पुत्र रामप्रकाश गुप्ता, वहीं का प्रताप कुमार गुप्ता पुत्र प्रकाश, कानपुर का ही हरवंशपुर का प्रमोद कुमार पुत्र बुद्धिलाल और शाहजहांपुर के थाना सेहरामऊ दक्षिणी का चमन सिंह पुत्र जगूनंदन सिंह हैं। मौके पर करीब एक हजार लीटर स्प्रिट, खाली बोतलें फाइटर और सोल्जर ब्रांड के रैफरी और अवैध शराब की कई पेटियों समेत करीब एक ट्रक सामान मिला था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया।
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शराब की 60 दुकानों पर की गई छापामारी
डीएम ने बताया कि आबकारी विभाग की टीम ने जिले में अलग-अलग इलाकों में शराब की 60 दुकानों पर छापे मारे। इस दौरान किसी भी दुकान पर अवैध शराब नहीं मिली। इससे साफ है कि माफिया विकास और उसके साथी अवैध शराब बनाकर दूसरे जिलों में सप्लाई करते थे। इसका भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध शराब कहां भेजी जा रही थी।
अपर मुख्य सचिव ने की सराहना
डीएम ने बताया कि विकास गैंग के पकड़े जाने से बड़ी घटना होने से बच गई। शाहजहांपुर पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा विकास गैंग को पकड़ने पर अपर मुख्य सचिव ने सराहना करने के साथ टीम को इनाम देने की घोषणा की है।
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डीएम इंद्र विक्रम सिंह और एसपी एस. आनंद ने रविवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि आरोपी बहेड़ी (बरेली) डिस्टलरी के फाइटर और सोल्जर ब्रांड नेम की अवैध शराब स्प्रिट, फ्लेवर और रंग के जरिये बनाते थे। इस गैंग का सरगना कानपुर निवासी विकास गुप्ता पहले से अवैध शराब का धंधा करता आया है। उसके खिलाफ कानपुर देहात और उन्नाव में आईपीसी और आबकारी एक्ट की धाराओं में एफआईआर दर्ज है। वर्ष 2018 में उन्नाव में जहरीली शराब पीने से 23 लोगों की मौत हुई थी। मामले में नामजद होने पर विकास को जेला भेजा गया था। वहां के प्रशासन ने नकेल कसी तो विकास ने अपना कार्य क्षेत्र बदलने का प्लान बना लिया। नौ अगस्त को उसने कांट के इंडस्ट्रियल एरिया में सिंचाई विभाग के एक कर्मचारी का गोदाम किराए पर लिया और अवैध शराब बनाने का धंधा शुरू कर दिया। डीएम ने बताया कि अब कानपुर देहात के मूसानगर थानांतर्गत गांव सुरजूपुर निवासी दीपू पुत्र जाहर सिंह की तलाश है, जिसने जमौर में किराये पर गोदाम लिया था। गोदाम सिंचाई विभाग के कर्मचारी का बताया जा रहा पता लगाया जा रहा है कि एक सामान्य कर्मचारी ने इतनी संपत्ति कैसे अर्जित की। जांच के बाद उस पर कार्रवाई के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों की संपत्तियों का भी पता लगाया जा रहा है और बाद मेें उनकी जब्ती की कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें कि शनिवार को एसओजी, कांट पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने अवैध शराब बनाने वाले गैंग के सरगना सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया था। इसमें सरगना कानपुर के थाना विधनू के ग्राम चोराई निवासी विकास गुप्ता पुत्र रामप्रकाश गुप्ता, वहीं का प्रताप कुमार गुप्ता पुत्र प्रकाश, कानपुर का ही हरवंशपुर का प्रमोद कुमार पुत्र बुद्धिलाल और शाहजहांपुर के थाना सेहरामऊ दक्षिणी का चमन सिंह पुत्र जगूनंदन सिंह हैं। मौके पर करीब एक हजार लीटर स्प्रिट, खाली बोतलें फाइटर और सोल्जर ब्रांड के रैफरी और अवैध शराब की कई पेटियों समेत करीब एक ट्रक सामान मिला था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया।
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शराब की 60 दुकानों पर की गई छापामारी
डीएम ने बताया कि आबकारी विभाग की टीम ने जिले में अलग-अलग इलाकों में शराब की 60 दुकानों पर छापे मारे। इस दौरान किसी भी दुकान पर अवैध शराब नहीं मिली। इससे साफ है कि माफिया विकास और उसके साथी अवैध शराब बनाकर दूसरे जिलों में सप्लाई करते थे। इसका भी पता लगाया जा रहा है कि अवैध शराब कहां भेजी जा रही थी।
अपर मुख्य सचिव ने की सराहना
डीएम ने बताया कि विकास गैंग के पकड़े जाने से बड़ी घटना होने से बच गई। शाहजहांपुर पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा विकास गैंग को पकड़ने पर अपर मुख्य सचिव ने सराहना करने के साथ टीम को इनाम देने की घोषणा की है।