{"_id":"64e115bc94962de77209fc55","slug":"kalsarp-dosh-will-be-removed-by-worshiping-in-shiv-yoga-muhurta-shahjahanpur-news-c-4-bly1014-230569-2023-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: शिव योग मुहूर्त में पूजा से दूर होगा कालसर्प दोष","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: शिव योग मुहूर्त में पूजा से दूर होगा कालसर्प दोष
विज्ञापन
demo
शाहजहांपुर। नागपंचमी 21 अगस्त को है। इसमें शिव योग का निर्माण हो रहा है और विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। इसके माध्यम से कालसर्प दोष से मुक्ति पाई जा सकती है। वैदिक पंचांग के हिसाब से श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाई जाती है। इस दिन नागदेव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में 9 में से 7 ग्रह राहु-केतु के बीच में आ जाते हैं तो कालसर्प दोष बनता है। ऐसा माना जाता है कि कालसर्प दोष के व्यक्ति को जीवन में सफलता नहीं मिल पाती है। परेशानियां बनी रहती हैं। वहीं शास्त्रों में इसे राहु और नाग दोष भी कहा गया है। यह दोष अगर किसी भी व्यक्ति की जन्मकुंडली में होता है। उस व्यक्ति को कभी भाग्य का साथ नहीं मिलता है। इसके साथ ही उसके वैवाहिक जीवन और करियर में भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कालसर्प दोष की शांति के लिए नागपंचमी का दिन सबसे उत्तम माना गया है।
नागपंचमी शुभ तिथि
पंचमी तिथि प्रारंभ - 21 अगस्त, सोमवार, प्रात: 12:21 बजे से।
पंचमी तिथि समाप्ति - 22 अगस्त, मंगलवार, रात 02:00 बजे तक।
पूजा मुहूर्त - सुबह 05.33 - सुबह 08.30 बजे तक।
नागपंचमी के दिन शुभ योग में रुद्राभिषेक करना भी लाभकारी
ज्योतिषाचार्य सत्यम दीक्षित बताते हैं कि नागपंचमी के दिन शुभ योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन शिव (शिव मंत्र) योग रहेगा। इसमें रुद्राभिषेक करना भी मंगलकारी माना जाता है। नागपंचमी के दिन पूजा में ‘ऊँ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नाग: प्रचोदयात्।।’ मंत्र का जाप करना करें।
विज्ञापन
नागपंचमी पर नाग देवता को चढ़ाएं दूध से बना प्रसाद
शास्त्रों के हिसाब से कालसर्प दोष की पूजा में गाय का शुद्ध घी, फूल, मौसमी, चंदन, धूप, सुपारी, भांग, धतूरा, बेलपत्र, सुपारी, पान का पत्ता, कपूर आदि। अगर आप मनोकामना पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक (रुद्राभिषेक नियम) कराना चाहते हैं तो इससे संबंधित चीजें जैसे कि गन्ने का रस, दूध, दही, शहद आदि। भगवान शिव की पूजा में रोली का प्रयोग न करें।
ऐसे करें पूजा
इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी, चीनी अर्पित करें। साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे अगर आपके जीवन में कोई बाधा आ रही होगी, तो उससे आपको छुटकारा मिल सकता है। साथ ही राहु केतु दोष से भी मुक्ति मिल सकती है।
नागपंचमी के दिन आर्थिक तंगी से छुटकारे का उपाय
सबसे पहले मुख्य द्वार पर गाय के गोबर से धान और दूर्वा लगाएं। इसके साथ नाग देवता की चित्र बनाएं। इस दिन तिजोरी की पूजा भी अवश्य करें। इससे आपको लाभ हो सकता है।
विज्ञापन
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में 9 में से 7 ग्रह राहु-केतु के बीच में आ जाते हैं तो कालसर्प दोष बनता है। ऐसा माना जाता है कि कालसर्प दोष के व्यक्ति को जीवन में सफलता नहीं मिल पाती है। परेशानियां बनी रहती हैं। वहीं शास्त्रों में इसे राहु और नाग दोष भी कहा गया है। यह दोष अगर किसी भी व्यक्ति की जन्मकुंडली में होता है। उस व्यक्ति को कभी भाग्य का साथ नहीं मिलता है। इसके साथ ही उसके वैवाहिक जीवन और करियर में भी कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कालसर्प दोष की शांति के लिए नागपंचमी का दिन सबसे उत्तम माना गया है।
विज्ञापन
नागपंचमी शुभ तिथि
पंचमी तिथि प्रारंभ - 21 अगस्त, सोमवार, प्रात: 12:21 बजे से।
पंचमी तिथि समाप्ति - 22 अगस्त, मंगलवार, रात 02:00 बजे तक।
पूजा मुहूर्त - सुबह 05.33 - सुबह 08.30 बजे तक।
नागपंचमी के दिन शुभ योग में रुद्राभिषेक करना भी लाभकारी
ज्योतिषाचार्य सत्यम दीक्षित बताते हैं कि नागपंचमी के दिन शुभ योग का निर्माण हो रहा है। इस दिन शिव (शिव मंत्र) योग रहेगा। इसमें रुद्राभिषेक करना भी मंगलकारी माना जाता है। नागपंचमी के दिन पूजा में ‘ऊँ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नाग: प्रचोदयात्।।’ मंत्र का जाप करना करें।
विज्ञापन
नागपंचमी पर नाग देवता को चढ़ाएं दूध से बना प्रसाद
शास्त्रों के हिसाब से कालसर्प दोष की पूजा में गाय का शुद्ध घी, फूल, मौसमी, चंदन, धूप, सुपारी, भांग, धतूरा, बेलपत्र, सुपारी, पान का पत्ता, कपूर आदि। अगर आप मनोकामना पूर्ति के लिए रुद्राभिषेक (रुद्राभिषेक नियम) कराना चाहते हैं तो इससे संबंधित चीजें जैसे कि गन्ने का रस, दूध, दही, शहद आदि। भगवान शिव की पूजा में रोली का प्रयोग न करें।
ऐसे करें पूजा
इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें और शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद, घी, चीनी अर्पित करें। साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे अगर आपके जीवन में कोई बाधा आ रही होगी, तो उससे आपको छुटकारा मिल सकता है। साथ ही राहु केतु दोष से भी मुक्ति मिल सकती है।
नागपंचमी के दिन आर्थिक तंगी से छुटकारे का उपाय
सबसे पहले मुख्य द्वार पर गाय के गोबर से धान और दूर्वा लगाएं। इसके साथ नाग देवता की चित्र बनाएं। इस दिन तिजोरी की पूजा भी अवश्य करें। इससे आपको लाभ हो सकता है।