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यूरिया की कालाबाजारी से किसान त्रस्त, विक्रेता मस्त, अधिकारी व्यस्त
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शाहजहांपुर/ मिर्जापुर। मानसून की बरसात के बाद किसानों ने खरीफ फ सलों की बुवाई के साथ उवर्रको, विशेषकर यूरिया, डीएपी, पोटाश आदि उवर्रकों का छिड़काव शुरू कर दिया है। इन उवर्रकों की मांग बढ़ने के साथ विक्त्रस्ेता किसानों को यूरिया के साथ जिंक पोषक तत्व का पैकेट खरीदने को भी मजबूर कर रहे हैं। यही नहीं, किसानों से यूरिया के अधिक दाम लिए जाने की शिकायतें भी मिल रही हैं, लेकिन कृषि विभाग के अधिकारी ओवररेटिंग पर चेतावनी देने के बाद से किसान सम्मान निधि समेत अन्य योजनाओं पर व्यस्तता के बहाने इस ओर से आंखें मूंदे हैं।
खरीफ सीजन में 2.43 लाख हेक्टेयर में विभिन्न फ सलों की बुवाई होनी है। इस समय 2.07 लाख हेक्टेयर धान समेत ज्वार-बाजरा आदि फ सलों में पहली खाद लगाई जा रही है, लेकिन कलान तहसील के मिर्जापुर और तिलहर तहसील मेें खुदागंज, जैतीपुर आदि क्षेत्रों में थोक विक्रेताओं ने यूरिया की मांग बढ़ने के साथ स्टॉक डंप करके उसकी कालाबाजारी शुरू कर दी है। जिले मेें उवर्रकों के 25 थोक एवं 1030 फ ुटकर विक्रेता हैं। इन सभी को रेट लिस्ट में नियत दरों पर यूरिया बेचने के निर्देश दिए जा चुके है, लेकिन विक्रेता कीमतें बढ़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक भी मानते हैं कि जिंक माइक्त्रसे न्यूट्रिएंट (सूक्ष्म पोषक तत्व) है, और मृदा में जिप्सम की कमी होने पर ही इसका उपयोग किया जाना चाहिए। इसके बावजूद दुकानदार महंगी यूरिया के साथ जिंक पैकेट लेने को भी बाध्य कर रहे हैं। किसानों के अनुसार बीते शनिवार तक यूरिया 267 रुपये प्रति कट्टा मिल रही थी। रविवार से दुकानदारों ने यूरिया के रेट बढ़ाकर 320 रुपये प्रति कट्टा कर दिए। 000
उवर्रकों की शासन से अनुमन्य दरें प्रति बैग (रुपये में)
उवर्रक मूल्य
0 यूरिया 270
0 डीएपी 1400
0 एनपीके 1325
0 एमओपी 980
खरीफ की मांग के अनुरूप यूरिया समेत अन्य उवर्रक जिले के सभी 942 बिक्री केंद्रों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जा चुके हैं। गत सप्ताह छापामारी के दौरान उर्वरक विक्रेताओं को ओवररेटिंग नहीं करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। अभी इस बारे मेें किसानों से कोई शिकायत नहीं मिली है। अधिक मूल्य लिए जाने अथवा जबरन जिंक थोपे जाने की दशा में किसान तत्काल कृषि कार्यालय से शिकायत करें। -डॉ. सतीश चंद्र पाठक, जिला कृषि अधिकारी
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खरीफ सीजन में 2.43 लाख हेक्टेयर में विभिन्न फ सलों की बुवाई होनी है। इस समय 2.07 लाख हेक्टेयर धान समेत ज्वार-बाजरा आदि फ सलों में पहली खाद लगाई जा रही है, लेकिन कलान तहसील के मिर्जापुर और तिलहर तहसील मेें खुदागंज, जैतीपुर आदि क्षेत्रों में थोक विक्रेताओं ने यूरिया की मांग बढ़ने के साथ स्टॉक डंप करके उसकी कालाबाजारी शुरू कर दी है। जिले मेें उवर्रकों के 25 थोक एवं 1030 फ ुटकर विक्रेता हैं। इन सभी को रेट लिस्ट में नियत दरों पर यूरिया बेचने के निर्देश दिए जा चुके है, लेकिन विक्रेता कीमतें बढ़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं। कृषि वैज्ञानिक भी मानते हैं कि जिंक माइक्त्रसे न्यूट्रिएंट (सूक्ष्म पोषक तत्व) है, और मृदा में जिप्सम की कमी होने पर ही इसका उपयोग किया जाना चाहिए। इसके बावजूद दुकानदार महंगी यूरिया के साथ जिंक पैकेट लेने को भी बाध्य कर रहे हैं। किसानों के अनुसार बीते शनिवार तक यूरिया 267 रुपये प्रति कट्टा मिल रही थी। रविवार से दुकानदारों ने यूरिया के रेट बढ़ाकर 320 रुपये प्रति कट्टा कर दिए। 000
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उवर्रकों की शासन से अनुमन्य दरें प्रति बैग (रुपये में)
उवर्रक मूल्य
0 यूरिया 270
0 डीएपी 1400
0 एनपीके 1325
0 एमओपी 980
खरीफ की मांग के अनुरूप यूरिया समेत अन्य उवर्रक जिले के सभी 942 बिक्री केंद्रों को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराए जा चुके हैं। गत सप्ताह छापामारी के दौरान उर्वरक विक्रेताओं को ओवररेटिंग नहीं करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। अभी इस बारे मेें किसानों से कोई शिकायत नहीं मिली है। अधिक मूल्य लिए जाने अथवा जबरन जिंक थोपे जाने की दशा में किसान तत्काल कृषि कार्यालय से शिकायत करें। -डॉ. सतीश चंद्र पाठक, जिला कृषि अधिकारी
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