{"_id":"6a46bf83af61f6bafd076e1a","slug":"jurisdiction-over-criminal-cases-from-alhaganj-police-station-transferred-to-the-civil-judge-shahjahanpur-news-c-122-1-sbly1036-177893-2026-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Shahjahanpur News: अल्हागंज थाने के फौजदारी वादों का क्षेत्राधिकार सिविल जज को स्थानांतरित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Shahjahanpur News: अल्हागंज थाने के फौजदारी वादों का क्षेत्राधिकार सिविल जज को स्थानांतरित
विज्ञापन
जलालाबाद। जनपद न्यायाधीश ने अल्हागंज थाने के फौजदारी वादों का क्षेत्राधिकार तहसील स्थित न्यायालय सिविल जज (जूनियर डिवीजन) को स्थानांतरित करने की संस्तुति की है। अब तक यहां के वादों की सुनवाई जनपद स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में हो रही थी। इस आदेश से वादकारियों को सहूलियत मिल जाएगी।
जनपद न्यायाधीश कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि 25 जून को शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में जलालाबाद बार संघ अध्यक्ष अनिल पाठक की ओर से दिए गए प्रार्थनापत्र के संबंध में प्रशासनिक समिति न्यायालय शाहजहांपुर की ओर से थाना अल्हागंज के फौजदारी वादों का क्षेत्राधिकार न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन को किए जाने की संस्तुति कर दी गई है। इस संबंध में अध्यक्ष अनिल पाठक ने बताया कि इस आदेश से कलान और परौर के बाद अल्हागंज थाने का क्षेत्राधिकार भी यहां न्यायालय को मिल गया है।
अब तक जलालाबाद के अलावा मिर्जापुर थानों के वादों की सुनवाई का क्षेत्राधिकार सिविल जज न्यायालय को नहीं मिल सका है। अनिल पाठक ने बताया कि इन दोनों थानों के वादों की सुनवाई यहां शुरू हो सके, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
जनपद न्यायाधीश कार्यालय से जारी पत्र में कहा गया है कि 25 जून को शिकायत निवारण प्रकोष्ठ में जलालाबाद बार संघ अध्यक्ष अनिल पाठक की ओर से दिए गए प्रार्थनापत्र के संबंध में प्रशासनिक समिति न्यायालय शाहजहांपुर की ओर से थाना अल्हागंज के फौजदारी वादों का क्षेत्राधिकार न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन को किए जाने की संस्तुति कर दी गई है। इस संबंध में अध्यक्ष अनिल पाठक ने बताया कि इस आदेश से कलान और परौर के बाद अल्हागंज थाने का क्षेत्राधिकार भी यहां न्यायालय को मिल गया है।
विज्ञापन
अब तक जलालाबाद के अलावा मिर्जापुर थानों के वादों की सुनवाई का क्षेत्राधिकार सिविल जज न्यायालय को नहीं मिल सका है। अनिल पाठक ने बताया कि इन दोनों थानों के वादों की सुनवाई यहां शुरू हो सके, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। संवाद
विज्ञापन