{"_id":"60ec94208ebc3e05e87bb047","slug":"jangal-shahjahanpur-news-bly452920318","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ के पदचिह्न मिलने से ग्रामीणों में दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ के पदचिह्न मिलने से ग्रामीणों में दहशत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निगोही। गांव पराझरसा के जंगल में बाघ पदचिह्न मिलने से ग्रामीणों में दहशत है। डीएफओ के निर्देश पर तिलहर रेंजर ने टीम के साथ गांव पहुंचकर तलाश कराई। बाघ के पगचिह्न होने की पुष्टि तो नहीं हुई, लेकिन ग्रामीणों से अलर्ट रहने को कहा गया है।
निगोही क्षेत्र के गांव पराझरसा निवासी संजीव कुमार द्विवेदी सोमवार सुबह अपने खेतों की ओर गए थे। अचानक उन्हें किसी जंगली जानवर के पैरों के निशान दिखाई दिये। जंगली जानवर के भय से वह चुपचाप गांव लौट आए और लोगों को बताया। बड़े जानवर की सूचना पर ग्रामीण एकत्र हो गए। प्रधान हरचन्द संदू भी आ गए। प्रधान हरचन्द सन्दू ने डीएफओ को जानकारी दी। डीएफओ के निर्देश पर तिलहर रेंजर टीसी पंथ अपनी टीम के साथ गांव पराझरसा आये और गांव वालों को साथ लेकर खेतों की ओर गये। जंगली जानवर के पद चिह्नों की जांच की। खेतों की मिट्टी गीली होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका कि पदचिह्न बाघ के थे या अन्य किसी जानवर के। गांव पराझरसा के लोगों के साथ वन रेंजर टीसी पंथ ने अपनी टीम के साथ खेतों में कांबिंग की। रेन्जर टीसी पंथ ने लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। टीसी पंथ ने बताया कि खेतों की मिट्टी गीली होने के कारण स्पष्ट तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।
विज्ञापन
निगोही क्षेत्र के गांव पराझरसा निवासी संजीव कुमार द्विवेदी सोमवार सुबह अपने खेतों की ओर गए थे। अचानक उन्हें किसी जंगली जानवर के पैरों के निशान दिखाई दिये। जंगली जानवर के भय से वह चुपचाप गांव लौट आए और लोगों को बताया। बड़े जानवर की सूचना पर ग्रामीण एकत्र हो गए। प्रधान हरचन्द संदू भी आ गए। प्रधान हरचन्द सन्दू ने डीएफओ को जानकारी दी। डीएफओ के निर्देश पर तिलहर रेंजर टीसी पंथ अपनी टीम के साथ गांव पराझरसा आये और गांव वालों को साथ लेकर खेतों की ओर गये। जंगली जानवर के पद चिह्नों की जांच की। खेतों की मिट्टी गीली होने के कारण यह स्पष्ट नहीं हो सका कि पदचिह्न बाघ के थे या अन्य किसी जानवर के। गांव पराझरसा के लोगों के साथ वन रेंजर टीसी पंथ ने अपनी टीम के साथ खेतों में कांबिंग की। रेन्जर टीसी पंथ ने लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दी है। टीसी पंथ ने बताया कि खेतों की मिट्टी गीली होने के कारण स्पष्ट तौर पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।
विज्ञापन