{"_id":"584c49e74f1c1bb35b447bd1","slug":"jan-dhan-began-investigating-money-in-pension-accounts","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनधन, पेंशन खातों में जमा धन की जांच शुरू ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनधन, पेंशन खातों में जमा धन की जांच शुरू
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Sun, 11 Dec 2016 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र सरकार की नोटबंदी के बाद काला धन खपाने का प्रमुख स्रोत माने जा रहे गरीबों के जनधन खातों समेत विभिन्न पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में काला धन की जांच शुरू हो गई। प्रवर्तन निदेशालय से प्राप्त एडवाइजरी के आधार पर आयकर विभाग समेत बैंक अधिकारी ऐसे सभी खातों की पड़ताल में जुट गए हैं, जिनमें नोटबंदी के बाद जमा रकम अप्रत्याशित तौर पर बढ़ गई है। यही नहीं, जनधन और पेंशन खातों की जांच के लिए कई श्रेणियां बनाकर उन्हें अलग-अलग सूचीबद्ध किया जा रहा है।
बता दें कि केंद्र सरकार ने देश में गरीब तबके के अधिकतम लोगों को बैंकों से जोड़कर उन्हें बैंकिंग सुविधाएं देने के लिए जीरो बैलेंस से खाते खुलवाने का अभियान चलाया था। इन खातों में सरकार की ओर से 15-15 लाख रुपये जमा कराए जाने की चर्चाओं का बाजार गर्म होने पर जन सामान्य ने इस योजना को हाथों हाथ लिया था। इस कारण एक माह के अंदर जिले में करीब 2.75 लाख लोगों ने विभिन्न बैंकों में जनधन खाते खुलवाए थे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जनधन खाते खुलने के बाद बमुश्किल 20 फीसदी लोगों ने बैंकों में रकम जमा करनी शुरू की। गत आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा होने से पहले तक 25 फीसदी जनधन खातों में किसानों ने अपनी जमा-पूंजी के एक लाख रुपये और इससे अधिक जमा कराए। इसके विपरीत 40 फीसदी खाते ऐसे पाए गए, जिनमें खातेदारों ने एक भी पैसा जमा नहीं किया लेकिन नोटबंदी के बाद इन खातों में धड़ाधड़ रकम जमा हुई। अन्य जिलों के जनधन खातों में एकाएक जमा रकम बढ़ने पर प्रवर्तन निदेशालय ने आयकर विभाग समेत विभिन्न बैंकों के उच्चाधिकारियों को जनधन खातों की जांच कराने के संबंध में सर्कुलर जारी करके जांच के बारे में दिशा निर्देश भी दिए। ईडी के निर्देश पर अधिकारियों ने जनधन खातों के साथ विभिन्न पेंशन योजनाओं के खातों को भी जांच के दायरे में शामिल करने का निर्णय किया है।
जांच के लिए अलग-अलग खाते चिन्हित
जनधन खातों को काला धन की जांच के लिए विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित किया जा रहा है। पहली सूची जीरो बैलेंस वाले खातोें की होगी, जिन्हें जांच के दायरे से बाहर रखा जाएगा। दूसरी सूची उन खातों की बनाई जा रही है, जिनमें नोटबंदी से पहले ट्रांजक्शन शुरू हो चुका था। तीसरी सूची में उन सभी खातों को समेटा जा रहा है, जिनमें सरकार से घोषित अधिकतम सीमा 2.50 लाख रुपये जमा कराए गए। एक अन्य सूची गहन जांच के लिए उन खातों की बनाई जा रही है, जिनमें तीन लाख और इससे अधिक धन आ चुका है।
विज्ञापन
1.53 लाख पेंशन खातों का चेक होगा बैलेंस
जिले में विभिन्न पेंशन योजनाआें के तहत एक लाख 53 हजार 997 लाभार्थी पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। इनमें समाजवादी पेंशन के 62903, वृद्धावस्था पेंशन के 72540 और विकलांग पेंशन के 18554 लाभार्थी खाते विभिन्न बैंकों में खुले हैं। अधिकारियों का मानना है कि पेंशन खातों में भी काला धन छिपाने की चेष्टा की गई है। इन खातों में पिछले छह माह के लेन-देन की तुलना गत एक माह में हुए ट्रांजक्शन से की जाएगी।
इन प्रमुख बिंदुओं पर की जाएगी जांच
0 जनधन खाते में नोटबंदी के पहले जमा की स्थिति।
0 नोटबंदी के बाद एक माह में खाते में जमा रकम का स्रोत।
0 जमा धनराशि अन्य व्यक्ति की बताए जाने की दशा में उसे किन परिस्थितियों में जनधन खाते में जमा किया गया।
0 जिस व्यक्ति की धनराशि बताई गई, उसके बैंक एकाउंट का विवरण।
0 एक माह में जनधन खाते से अधिकतम दस हजार रुपये निकालने की छूट सीमा का उल्लंघन किए जाने संबंधी मामले।
सभी बैंकों के शाखा प्रबंधकों को निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं कि जनधन खातों में सामान्य से अधिक धनराशि जमा कराए जाने की स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचित करें। हालांकि, अभी तक किसी भी ब्रांच मैनेजर से इस बारे में कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। आयकर विभाग बैंक खातों में जमा की सिथति पर नजर रखे हुए है। जिन लोगों ने गरीबों के बैंक खातों में काला धन जमा कराया है, उन्हें बेनकाब करना खातेदारों के सहयोग पर निर्भर करेगा।
-बीएम गुप्ता, अग्रणी बैंक प्रबंधक
विज्ञापन
बता दें कि केंद्र सरकार ने देश में गरीब तबके के अधिकतम लोगों को बैंकों से जोड़कर उन्हें बैंकिंग सुविधाएं देने के लिए जीरो बैलेंस से खाते खुलवाने का अभियान चलाया था। इन खातों में सरकार की ओर से 15-15 लाख रुपये जमा कराए जाने की चर्चाओं का बाजार गर्म होने पर जन सामान्य ने इस योजना को हाथों हाथ लिया था। इस कारण एक माह के अंदर जिले में करीब 2.75 लाख लोगों ने विभिन्न बैंकों में जनधन खाते खुलवाए थे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जनधन खाते खुलने के बाद बमुश्किल 20 फीसदी लोगों ने बैंकों में रकम जमा करनी शुरू की। गत आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा होने से पहले तक 25 फीसदी जनधन खातों में किसानों ने अपनी जमा-पूंजी के एक लाख रुपये और इससे अधिक जमा कराए। इसके विपरीत 40 फीसदी खाते ऐसे पाए गए, जिनमें खातेदारों ने एक भी पैसा जमा नहीं किया लेकिन नोटबंदी के बाद इन खातों में धड़ाधड़ रकम जमा हुई। अन्य जिलों के जनधन खातों में एकाएक जमा रकम बढ़ने पर प्रवर्तन निदेशालय ने आयकर विभाग समेत विभिन्न बैंकों के उच्चाधिकारियों को जनधन खातों की जांच कराने के संबंध में सर्कुलर जारी करके जांच के बारे में दिशा निर्देश भी दिए। ईडी के निर्देश पर अधिकारियों ने जनधन खातों के साथ विभिन्न पेंशन योजनाओं के खातों को भी जांच के दायरे में शामिल करने का निर्णय किया है।
विज्ञापन
जांच के लिए अलग-अलग खाते चिन्हित
जनधन खातों को काला धन की जांच के लिए विभिन्न श्रेणियों में चिन्हित किया जा रहा है। पहली सूची जीरो बैलेंस वाले खातोें की होगी, जिन्हें जांच के दायरे से बाहर रखा जाएगा। दूसरी सूची उन खातों की बनाई जा रही है, जिनमें नोटबंदी से पहले ट्रांजक्शन शुरू हो चुका था। तीसरी सूची में उन सभी खातों को समेटा जा रहा है, जिनमें सरकार से घोषित अधिकतम सीमा 2.50 लाख रुपये जमा कराए गए। एक अन्य सूची गहन जांच के लिए उन खातों की बनाई जा रही है, जिनमें तीन लाख और इससे अधिक धन आ चुका है।
विज्ञापन
1.53 लाख पेंशन खातों का चेक होगा बैलेंस
जिले में विभिन्न पेंशन योजनाआें के तहत एक लाख 53 हजार 997 लाभार्थी पेंशन प्राप्त कर रहे हैं। इनमें समाजवादी पेंशन के 62903, वृद्धावस्था पेंशन के 72540 और विकलांग पेंशन के 18554 लाभार्थी खाते विभिन्न बैंकों में खुले हैं। अधिकारियों का मानना है कि पेंशन खातों में भी काला धन छिपाने की चेष्टा की गई है। इन खातों में पिछले छह माह के लेन-देन की तुलना गत एक माह में हुए ट्रांजक्शन से की जाएगी।
इन प्रमुख बिंदुओं पर की जाएगी जांच
0 जनधन खाते में नोटबंदी के पहले जमा की स्थिति।
0 नोटबंदी के बाद एक माह में खाते में जमा रकम का स्रोत।
0 जमा धनराशि अन्य व्यक्ति की बताए जाने की दशा में उसे किन परिस्थितियों में जनधन खाते में जमा किया गया।
0 जिस व्यक्ति की धनराशि बताई गई, उसके बैंक एकाउंट का विवरण।
0 एक माह में जनधन खाते से अधिकतम दस हजार रुपये निकालने की छूट सीमा का उल्लंघन किए जाने संबंधी मामले।
सभी बैंकों के शाखा प्रबंधकों को निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं कि जनधन खातों में सामान्य से अधिक धनराशि जमा कराए जाने की स्थिति में तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचित करें। हालांकि, अभी तक किसी भी ब्रांच मैनेजर से इस बारे में कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। आयकर विभाग बैंक खातों में जमा की सिथति पर नजर रखे हुए है। जिन लोगों ने गरीबों के बैंक खातों में काला धन जमा कराया है, उन्हें बेनकाब करना खातेदारों के सहयोग पर निर्भर करेगा।
-बीएम गुप्ता, अग्रणी बैंक प्रबंधक