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इटौरा में लोहिया आवास आवंटन की होगी जांच
श्ााहजहांपुर
Updated Sun, 04 Jan 2015 12:08 AM IST
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ददरौल ब्लॉक के इटौरा गांव में अपात्र लोगोें को लोहिया आवास देने के मामले को प्रभारी सीडीओ प्रेम प्रकाश त्रिपाठी ने गंभीरता से लेते हुए जांच कराने का निर्णय किया है।
उन्होंने इस संबंध में युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों और संबंधित ग्रामीणों से मिली शिकायत पर यह फैसला किया। त्रिपाठी ने कांग्रेस नेताओं को आश्वस्त किया कि डीआरडीए के परियोजना निदेशक से जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
बीते बुधवार को युवा कांग्रेस के पूर्व लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष रोहित सिंह और शहर विधानसभा अध्यक्ष फुरकान अहमद कुरैशी इटौरा के रहने वाले कई ग्रामीणों के साथ प्रभारी सीडीओ से मिले थे। उन्हें ज्ञापन देकर बताया था कि लोहिया समग्र ग्राम श्रेणी के इटौरा गांव में आवासों और समाजवादी पेंशन के लिए अपात्रों का चयन किया गया है। ज्ञापन में लोहिया आवासों की चयन सूची संलग्न करके उसमें दर्ज अपात्रों की बेहतर माली हैसियत का हवाला भी दिया था।
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इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने पर युवक कांग्रेस नेता शनिवार को फिर प्रभारी सीडीओ से मिले। ज्ञापन का संदर्भ देकर बात करने पर प्रभारी सीडीओ ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने नेताओं को जांच कराने का आश्वासन देने के साथ लोहिया आवासों के निर्माण की मॉनिटरिंग से जुड़े डीआरडीए के पीडी चंद्रशेखर शुक्ला से संपर्क करने की सलाह दी। पीडी ने कांग्रेस नेताओं को इस मुद्दे पर बात करने के लिए सोमवार को बुलाया है।
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पक्के मकानों और कृषि भूमि वाले बने पात्र
शासन के नियमानुसार लोहिया आवास पाने के वही बीपीएल परिवार हकदार हैं जो झोपड़ियों में गुजर-बसर करते हों। जिनके पास आजीविका के लिए मजदूरी के अतिरिक्त अन्य कोई साधन नहीं हो। इसके विपरीत ज्ञापन में नत्थी इटौरा के 42 आवासों की आवंटन सूची में 18 ऐसे लोग दर्शाए गए जो पहले से पक्के मकानों में रह रहे हैं। पात्रता सूची में शामिल कई लोगों के पास पक्की दुकानें और खेती की जमीन है जबकि दो पात्रों के परिवार वालों को पहले भी आवास मिल चुका है।
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पीडी से कराई जाएगी मामले की जांच
‘इस संबंध में कुछ लोग मुझसे मिले थे। उन्हें जांच के लिए पीडी (डीआरडीए) केपास भेजा है। जांच से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुए तो इस मामले को स्वयं देखूंगा। जांच में गड़बड़ी पाई गई तो संबंधितों के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई की होगी।’
- प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, प्रभारी सीडीओ
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उन्होंने इस संबंध में युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों और संबंधित ग्रामीणों से मिली शिकायत पर यह फैसला किया। त्रिपाठी ने कांग्रेस नेताओं को आश्वस्त किया कि डीआरडीए के परियोजना निदेशक से जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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बीते बुधवार को युवा कांग्रेस के पूर्व लोकसभा क्षेत्र अध्यक्ष रोहित सिंह और शहर विधानसभा अध्यक्ष फुरकान अहमद कुरैशी इटौरा के रहने वाले कई ग्रामीणों के साथ प्रभारी सीडीओ से मिले थे। उन्हें ज्ञापन देकर बताया था कि लोहिया समग्र ग्राम श्रेणी के इटौरा गांव में आवासों और समाजवादी पेंशन के लिए अपात्रों का चयन किया गया है। ज्ञापन में लोहिया आवासों की चयन सूची संलग्न करके उसमें दर्ज अपात्रों की बेहतर माली हैसियत का हवाला भी दिया था।
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इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने पर युवक कांग्रेस नेता शनिवार को फिर प्रभारी सीडीओ से मिले। ज्ञापन का संदर्भ देकर बात करने पर प्रभारी सीडीओ ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने नेताओं को जांच कराने का आश्वासन देने के साथ लोहिया आवासों के निर्माण की मॉनिटरिंग से जुड़े डीआरडीए के पीडी चंद्रशेखर शुक्ला से संपर्क करने की सलाह दी। पीडी ने कांग्रेस नेताओं को इस मुद्दे पर बात करने के लिए सोमवार को बुलाया है।
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पक्के मकानों और कृषि भूमि वाले बने पात्र
शासन के नियमानुसार लोहिया आवास पाने के वही बीपीएल परिवार हकदार हैं जो झोपड़ियों में गुजर-बसर करते हों। जिनके पास आजीविका के लिए मजदूरी के अतिरिक्त अन्य कोई साधन नहीं हो। इसके विपरीत ज्ञापन में नत्थी इटौरा के 42 आवासों की आवंटन सूची में 18 ऐसे लोग दर्शाए गए जो पहले से पक्के मकानों में रह रहे हैं। पात्रता सूची में शामिल कई लोगों के पास पक्की दुकानें और खेती की जमीन है जबकि दो पात्रों के परिवार वालों को पहले भी आवास मिल चुका है।
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पीडी से कराई जाएगी मामले की जांच
‘इस संबंध में कुछ लोग मुझसे मिले थे। उन्हें जांच के लिए पीडी (डीआरडीए) केपास भेजा है। जांच से शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं हुए तो इस मामले को स्वयं देखूंगा। जांच में गड़बड़ी पाई गई तो संबंधितों के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई की होगी।’
- प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, प्रभारी सीडीओ