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Shahjahanpur News: मिट्टी में दबी मिली मासूम आठ दिन बाद हार गई जिंदगी से जंग
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जैतीपुर में मिट्टी से बच्ची को निकालने के बाद देखते उपनिरीक्षक। फाइल फोटो
शाहजहांपुर। जिंदगी और मौत से जंग लड़ रही बच्ची ने आठवें दिन राजकीय मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बच्ची को जिंदा दफनाने वाले बेदर्दों का इस बीच पता नहीं चल सका है। हालांकि महिला कर्मचारियों की टीम गांव-गांव जाकर बच्ची के बारे में लोगों से पूछताछ कर रही है।
जैतीपुर थाना क्षेत्र के गौहावर गांव में बहगुल नदी किनारे 14 सितंबर को सुबह करीब नौ बजे मासूम मिट्टी में दबी मिली थी। गांव का डबलू वहां बकरी चरा रहा रहा था। उसने रोने की आवाज सुनी तो वह नजदीक गया। देखा कि खून से सना हाथ मिट्टी से बाहर निकला था, बाकी पूरा शरीर मिट्टी में दबा हुआ था।
डबलू के शोर मचाने पर आसपास खेतों में काम करने वाले आए लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्ची को जमीन से बाहर निकाला तो उसके माथे पर तिलक लगा पाया। बच्ची नए कपड़े पहने हुए थी। बच्ची को सीएचसी भेजा गया। वहां से रेफर की गई बच्ची का राजकीय मेडिकल कॉलेज के एनएनसीयू वार्ड में उपचार चल रहा था। पहले दिन से ही डॉक्टर बच्ची की हालत गंभीर बता रहे थे। रविवार को दोपहर बच्ची ने दम तोड़ दिया।
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पुलिस पूछताछ में जुटी
बच्ची को जिंदा दफनाने वालों का आठ दिन बीतने के बाद भी सुराग नहीं लग सका है। आशंका है कि ऐसा कृत्य करने वाला कोई नजदीकी ही है। पुलिस ने अब तक निजी व सरकारी अस्पतालों के रजिस्टर खंगाले हैं, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा है। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भी पूछताछ की जा रही है। जैतीपुर थाना प्रभारी गौरव त्यागी ने बताया कि बच्ची की मौत हो गई है। बच्ची को दफनाने वालों की तलाश की जा रही है।
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जैतीपुर में मिली बच्ची का एसएनसीयू वार्ड में उपचार चल रहा था। बच्ची की हालत काफी गंभीर थी। रविवार दोपहर उसकी मौत हो गई।
- डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज
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जैतीपुर थाना क्षेत्र के गौहावर गांव में बहगुल नदी किनारे 14 सितंबर को सुबह करीब नौ बजे मासूम मिट्टी में दबी मिली थी। गांव का डबलू वहां बकरी चरा रहा रहा था। उसने रोने की आवाज सुनी तो वह नजदीक गया। देखा कि खून से सना हाथ मिट्टी से बाहर निकला था, बाकी पूरा शरीर मिट्टी में दबा हुआ था।
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डबलू के शोर मचाने पर आसपास खेतों में काम करने वाले आए लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बच्ची को जमीन से बाहर निकाला तो उसके माथे पर तिलक लगा पाया। बच्ची नए कपड़े पहने हुए थी। बच्ची को सीएचसी भेजा गया। वहां से रेफर की गई बच्ची का राजकीय मेडिकल कॉलेज के एनएनसीयू वार्ड में उपचार चल रहा था। पहले दिन से ही डॉक्टर बच्ची की हालत गंभीर बता रहे थे। रविवार को दोपहर बच्ची ने दम तोड़ दिया।
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पुलिस पूछताछ में जुटी
बच्ची को जिंदा दफनाने वालों का आठ दिन बीतने के बाद भी सुराग नहीं लग सका है। आशंका है कि ऐसा कृत्य करने वाला कोई नजदीकी ही है। पुलिस ने अब तक निजी व सरकारी अस्पतालों के रजिस्टर खंगाले हैं, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा है। आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भी पूछताछ की जा रही है। जैतीपुर थाना प्रभारी गौरव त्यागी ने बताया कि बच्ची की मौत हो गई है। बच्ची को दफनाने वालों की तलाश की जा रही है।
जैतीपुर में मिली बच्ची का एसएनसीयू वार्ड में उपचार चल रहा था। बच्ची की हालत काफी गंभीर थी। रविवार दोपहर उसकी मौत हो गई।
- डॉ. राजेश कुमार, प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज