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Shahjahanpur News: उद्योगों को मिल रही नई उड़ान...चुनौतियां फिर भी बरकरार
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ज्योति सक्सेना। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम का दायरा तेजी से बढ़ रहा है लेकिन रोज नई चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। उद्यमियों को बिजली की कटाैती से लेकर ट्रिपिंग तक से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। नए उद्योग लगाने के लिए जमीन भी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। दूसरी ओर बैंक भी नए कारोबारियाें को ऋण देने से कतरा रहे हैं।
27 जून को एमएसएमई दिवस मनाया जाता है। उद्योग विभाग के आंकड़ों में एमएसएमई से करीब तीन हजार उद्यमी जुड़े हैं। उनके सामने सबसे बड़ा संकट बिजली की ट्रिपिंग है। भीषण गर्मी में रोजा और जमौर औद्योगिक क्षेत्र में 12 घंटे में लगभग सात बार बिजली ट्रिप होती है। उद्यमियों के अनुसार, एक बार ट्रिपिंग होने पर आधा घंटे के लिए मशीनें बंद होती है। इसके चलते दिनभर में तीन घंटे कार्य ठप हो जाता है। ट्रिपिंग के चलते मशीनों में फंसा कच्चा माल भी खराब हो जाता है, साथ ही मजदूर भी इस अवधि में खाली बैठे रहते हैं।
जमौर औद्योगिक एरिया में यूपीडा के सारे प्लाट आवंटित हो गए हैं। ऐसे में नया उद्योग लगाने के लिए उद्यमी नई जगह पर जमीन की तलाश कर रहे हैं। दूसरी ओर जलालाबाद में यूपीडा ने औद्योगिक गलियारा बनाकर तैयार किया, लेकिन वहां पर बड़े प्लाॅट होने के कारण छोटे कारोबारी रुख नहीं कर पा रहे हैं।
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कच्चे माल की कीमत बढ़ने से दिक्कत
कच्चे माल की कीमत भी दस से 30 प्रतिशत बढ़ गई है। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के मध्य युद्ध के कारण कच्चे माल के दामों में भी इजाफा हुआ है। वहीं मजदूरी भी दस प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई है। और तो और आवेदक के निवेश की पूंजी कम होने से बैंक भी ऋण देने से इन्कार कर रहे हैं। ऐसे में तमाम फाइलें लंबित हैं।
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-2300 लोगों को वर्ष 2024 से अब तक मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत लाभ मिला।
-04 करोड़ रुपये के ऋण अब तक उद्यमी योजना के तहत किए गए।
-5000 आवेदन आए, जिनमें पांच सौ लंबित हैं।
-28 आवेदन ओडीओपी योजना के तहत वर्ष 2025-26 में स्वीकृत किए गए।
-2200 नए पंजीकरण इस वर्ष किए गए।
-4400 लोगों को नए पंजीकरण में रोजगार मिला।
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ऋण लेकर शुरू किया भगवान की पोशाकें और सिंहासन बनाने का कारोबार
आवास विकास निवासी ज्योति सक्सेना ने जिला उद्योग केंद्र से 1.90 लाख रुपये का ऋण लेकर रोजगार शुरू किया। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार अब कई शहरों तक पहुंच चुका है। ज्योति सक्सेना भगवान की पोशाकें, सिंहासन, दीपावली की सजावटी सामग्री सहित धार्मिक उपयोग की विभिन्न वस्तुएं तैयार करती हैं। उनके उत्पादों की मांग लखनऊ, जयपुर और मथुरा समेत कई शहरों में है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक के माध्यम से भी उनके उत्पादों की अच्छी बिक्री होती है। ऑनलाइन माध्यम से लगातार नए ग्राहक जुड़ रहे हैं।
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बुटीक के साथ कारचोबी के कार्य से महिलाओं को दिया रोजगार
निगोही क्षेत्र की कुमकुम पांडेय ने सरकारी योजना के तहत पांच लाख रुपये का ऋण लेकर बुटीक शुरू किया। वह कारचोबी, ब्लाउज सिलाई और परिधानों के निर्माण का कार्य भी करने लगीं। उनके तैयार किए गए उत्पादों को काफी पसंद किया जाता है। कुमकुम पांडेय स्वयं सहायता समूह का संचालन भी करती हैं। उनके समूह से जुड़ी महिलाएं कारचोबी का काम कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। तैयार उत्पादों की बिक्री विभिन्न प्रदर्शनियों और स्टॉल लगाकर की जाती है, जिससे उन्हें अच्छा बाजार मिल रहा है।
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उद्योग केंद्र में आने वाले आवेदनों की जांच के बाद उन्हें बैंकों में भेज दिया जाता है। प्रयास रहता है कि बैंक से ऋण स्वीकृत हो जाएं। आवेदनों की निगरानी भी की जाती है।
-संजय सिंह, उपायुक्त उद्योग
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उद्योग लगाने के बाद कई तरह की दुश्वारियां आती हैं। बिजली की ट्रिपिंग इन दिनों परेशान कर रही है। बिजली पर चार्ज बढ़ाकर लगाने के साथ ही परिवहन का भाड़ा भी बढ़ गया है।
-प्रेम प्रकाश, जिलाध्यक्ष-लघु उद्योग भारती
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27 जून को एमएसएमई दिवस मनाया जाता है। उद्योग विभाग के आंकड़ों में एमएसएमई से करीब तीन हजार उद्यमी जुड़े हैं। उनके सामने सबसे बड़ा संकट बिजली की ट्रिपिंग है। भीषण गर्मी में रोजा और जमौर औद्योगिक क्षेत्र में 12 घंटे में लगभग सात बार बिजली ट्रिप होती है। उद्यमियों के अनुसार, एक बार ट्रिपिंग होने पर आधा घंटे के लिए मशीनें बंद होती है। इसके चलते दिनभर में तीन घंटे कार्य ठप हो जाता है। ट्रिपिंग के चलते मशीनों में फंसा कच्चा माल भी खराब हो जाता है, साथ ही मजदूर भी इस अवधि में खाली बैठे रहते हैं।
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जमौर औद्योगिक एरिया में यूपीडा के सारे प्लाट आवंटित हो गए हैं। ऐसे में नया उद्योग लगाने के लिए उद्यमी नई जगह पर जमीन की तलाश कर रहे हैं। दूसरी ओर जलालाबाद में यूपीडा ने औद्योगिक गलियारा बनाकर तैयार किया, लेकिन वहां पर बड़े प्लाॅट होने के कारण छोटे कारोबारी रुख नहीं कर पा रहे हैं।
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कच्चे माल की कीमत बढ़ने से दिक्कत
कच्चे माल की कीमत भी दस से 30 प्रतिशत बढ़ गई है। अमेरिका-इस्राइल और ईरान के मध्य युद्ध के कारण कच्चे माल के दामों में भी इजाफा हुआ है। वहीं मजदूरी भी दस प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई है। और तो और आवेदक के निवेश की पूंजी कम होने से बैंक भी ऋण देने से इन्कार कर रहे हैं। ऐसे में तमाम फाइलें लंबित हैं।
-2300 लोगों को वर्ष 2024 से अब तक मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत लाभ मिला।
-04 करोड़ रुपये के ऋण अब तक उद्यमी योजना के तहत किए गए।
-5000 आवेदन आए, जिनमें पांच सौ लंबित हैं।
-28 आवेदन ओडीओपी योजना के तहत वर्ष 2025-26 में स्वीकृत किए गए।
-2200 नए पंजीकरण इस वर्ष किए गए।
-4400 लोगों को नए पंजीकरण में रोजगार मिला।
ऋण लेकर शुरू किया भगवान की पोशाकें और सिंहासन बनाने का कारोबार
आवास विकास निवासी ज्योति सक्सेना ने जिला उद्योग केंद्र से 1.90 लाख रुपये का ऋण लेकर रोजगार शुरू किया। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार अब कई शहरों तक पहुंच चुका है। ज्योति सक्सेना भगवान की पोशाकें, सिंहासन, दीपावली की सजावटी सामग्री सहित धार्मिक उपयोग की विभिन्न वस्तुएं तैयार करती हैं। उनके उत्पादों की मांग लखनऊ, जयपुर और मथुरा समेत कई शहरों में है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया, विशेषकर फेसबुक के माध्यम से भी उनके उत्पादों की अच्छी बिक्री होती है। ऑनलाइन माध्यम से लगातार नए ग्राहक जुड़ रहे हैं।
बुटीक के साथ कारचोबी के कार्य से महिलाओं को दिया रोजगार
निगोही क्षेत्र की कुमकुम पांडेय ने सरकारी योजना के तहत पांच लाख रुपये का ऋण लेकर बुटीक शुरू किया। वह कारचोबी, ब्लाउज सिलाई और परिधानों के निर्माण का कार्य भी करने लगीं। उनके तैयार किए गए उत्पादों को काफी पसंद किया जाता है। कुमकुम पांडेय स्वयं सहायता समूह का संचालन भी करती हैं। उनके समूह से जुड़ी महिलाएं कारचोबी का काम कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। तैयार उत्पादों की बिक्री विभिन्न प्रदर्शनियों और स्टॉल लगाकर की जाती है, जिससे उन्हें अच्छा बाजार मिल रहा है।
उद्योग केंद्र में आने वाले आवेदनों की जांच के बाद उन्हें बैंकों में भेज दिया जाता है। प्रयास रहता है कि बैंक से ऋण स्वीकृत हो जाएं। आवेदनों की निगरानी भी की जाती है।
-संजय सिंह, उपायुक्त उद्योग
उद्योग लगाने के बाद कई तरह की दुश्वारियां आती हैं। बिजली की ट्रिपिंग इन दिनों परेशान कर रही है। बिजली पर चार्ज बढ़ाकर लगाने के साथ ही परिवहन का भाड़ा भी बढ़ गया है।
-प्रेम प्रकाश, जिलाध्यक्ष-लघु उद्योग भारती

ज्योति सक्सेना। स्रोत: स्वयं