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Shahjahanpur News: आय एवं परिसंपत्ति प्रमाणपत्र अब ऑनलाइन, तहसील के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत
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शाहजहांपुर। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों को अब आय एवं परिसंपत्ति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए तहसील के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्व परिषद ने इस प्रमाणपत्र को ऑनलाइन जारी करने की व्यवस्था लागू कर दी है। 11 सितंबर से ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन और प्रमाणपत्र जारी करने की सुविधा शुरू कर दी गई है। इससे आवेदकों को प्रमाणपत्र बनवाने में होने वाली परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से आमजन को सुविधा मिलेगी और उन्हें प्रमाणपत्र के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब तक आय, जाति, निवास और हैसियत प्रमाणपत्र ऑनलाइन जारी किए जाते थे, जबकि ईडब्ल्यूएस के लिए आय एवं परिसंपत्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया ऑफलाइन थी। अब इसे भी ऑनलाइन कर दिया गया है।
ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर शिखर दीक्षित ने बताया कि आवेदक पहले से जारी होने वाले आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र की तरह ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से जनसेवा केंद्र से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा ई-सुविधा पोर्टल पर स्वयं को पंजीकृत कर लॉगिन के बाद भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन संबंधित तहसील के तहसीलदार के पोर्टल पर पहुंचेगा।
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तहसीलदार आवेदन को जांच के लिए संबंधित क्षेत्र के लेखपाल के पोर्टल पर भेजेंगे। लेखपाल जांच के बाद स्वीकृति या अस्वीकृति की रिपोर्ट तहसीलदार को भेजेंगे। इसके बाद तहसीलदार डिजिटल हस्ताक्षर कर प्रमाणपत्र आवेदक अथवा जनसेवा केंद्र संचालक के पोर्टल पर उपलब्ध कराएंगे।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से आच्छादित नहीं होने वाले उत्तर प्रदेश के मूल निवासी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को सरकारी सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आय एवं परिसंपत्ति प्रमाणपत्र इसी व्यवस्था के तहत आवश्यक दस्तावेजों में शामिल है।
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अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरविंद कुमार ने बताया कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से आमजन को सुविधा मिलेगी और उन्हें प्रमाणपत्र के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब तक आय, जाति, निवास और हैसियत प्रमाणपत्र ऑनलाइन जारी किए जाते थे, जबकि ईडब्ल्यूएस के लिए आय एवं परिसंपत्ति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया ऑफलाइन थी। अब इसे भी ऑनलाइन कर दिया गया है।
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ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर शिखर दीक्षित ने बताया कि आवेदक पहले से जारी होने वाले आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र की तरह ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से जनसेवा केंद्र से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा ई-सुविधा पोर्टल पर स्वयं को पंजीकृत कर लॉगिन के बाद भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन संबंधित तहसील के तहसीलदार के पोर्टल पर पहुंचेगा।
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तहसीलदार आवेदन को जांच के लिए संबंधित क्षेत्र के लेखपाल के पोर्टल पर भेजेंगे। लेखपाल जांच के बाद स्वीकृति या अस्वीकृति की रिपोर्ट तहसीलदार को भेजेंगे। इसके बाद तहसीलदार डिजिटल हस्ताक्षर कर प्रमाणपत्र आवेदक अथवा जनसेवा केंद्र संचालक के पोर्टल पर उपलब्ध कराएंगे।
अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण से आच्छादित नहीं होने वाले उत्तर प्रदेश के मूल निवासी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को सरकारी सेवाओं और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश में 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आय एवं परिसंपत्ति प्रमाणपत्र इसी व्यवस्था के तहत आवश्यक दस्तावेजों में शामिल है।