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Shahjahanpur News: कांवड़ मार्ग पर अधूरे इंतजाम... टूटी सड़क और लटकते तार बने मुसीबत
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राजघाट से केरूगंज मार्ग पर सड़क पर काफी नीचे तक तार है। संवाद
शाहजहांपुर। सावन में कांवड़ यात्रा शुरू होने में अब केवल तीन दिन रह गए हैं लेकिन शहर से गुजरने वाले कांवड़ मार्ग पर तैयारियां अब भी अधूरी हैं। अवैध वाहन स्टैंड, जगह-जगह गड्ढों वाली सड़कें, नीचे लटकते बिजली के तार, ऊबड़-खाबड़ मैनहोल और बिजली के खंभों पर सुरक्षा के लिए पॉलिथीन नहीं लपेटे जाने जैसी कमियां कांवड़ियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहीं थीं।
फर्रुखाबाद के पांचाल घाट से जल भरकर आने वाले कांवड़िए अल्हागंज, मिर्जापुर और जलालाबाद होते हुए बरेली मोड़ पहुंचते हैं। यहां से एक रूट हाईवे से और दूसरा शहर के भीतर से होकर गोला गोकर्णनाथ जाता है। कांवड़ यात्रा से पहले जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सोमवार को बरेली मोड़ से पुत्तूलाल चौराहा तक किए गए निरीक्षण में कई कमियां सामने आईं।
बरेली मोड़ पर सड़क पर ही ई-रिक्शा, ऑटो और अन्य डग्गामार वाहनों का अवैध स्टैंड संचालित मिला। आधी सड़क वाहनों से घिरी होने के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था। कांवड़ यात्रा के दौरान यही स्थिति बनी रही तो जाम और हादसों की आशंका बढ़ सकती है। इसी क्षेत्र में सड़क पर कई गड्ढों में बारिश का पानी भरा मिला।
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गर्रा पुल के पास भी सड़क क्षतिग्रस्त मिली। राजघाट चौकी के पास सड़क किनारे एप्रोच रोड टूटी हुई थी, जिस पर रोड़ी डालने से रास्ता और ऊबड़-खाबड़ हो गया था। चारखंभा और केरूगंज मार्ग पर भी कई स्थानों पर सड़क की हालत खराब मिली।
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लटकते तार और बिना पॉलिथीन के खंभे बढ़ा रहे खतरा
राजघाट चौकी से चारखंभा के बीच कई स्थानों पर बिजली के तार लटकते मिले। पेट्रोल पंप के पास एक स्थान पर तार इतने नीचे थे कि राहगीरों के संपर्क में आने का खतरा बना हुआ था। वहीं कई बिजली के खंभों पर बारिश के दौरान करंट से बचाव के लिए पॉलिथीन भी नहीं लपेटी गई थी, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।
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ऊंचे-नीचे मैनहोल भी बने परेशानी
कांवड़ मार्ग पर कई स्थानों पर मैनहोल सड़क की सतह से ऊपर या नीचे हैं। बारिश में इनके आसपास जलभराव होने से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के फिसलने तथा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यात्रा नजदीक होने के बावजूद इनका समतलीकरण नहीं कराया गया है।
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सड़कों के गड्ढे भरने और रास्ता पूरी तरह से ठीक करने के लिए नगर निगम और पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया गया है। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पूर्व मार्ग को दुरुस्त कर लिया जाएगा। कांवड़ यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से संपन्न कराई जाएगी।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
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कांवड़ मार्ग के 4400 खंभे पॉलिथीन लपटने के लिए चिह्नित किए गए थे। इनमें 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। इसी तरह 29 लाइनों में 23 सही कर दी गई हैं। कांवड़ मार्ग के 75 ट्रांसफॉर्मर भी फेंसिंग के लिए चिह्नित किए हैं। अधिकतर में कार्य पूरा करा दिया गया है। दो दिन में शेष कार्य पूर्ण कर देंगे।
-अनुज प्रताप सिंह, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम
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फर्रुखाबाद के पांचाल घाट से जल भरकर आने वाले कांवड़िए अल्हागंज, मिर्जापुर और जलालाबाद होते हुए बरेली मोड़ पहुंचते हैं। यहां से एक रूट हाईवे से और दूसरा शहर के भीतर से होकर गोला गोकर्णनाथ जाता है। कांवड़ यात्रा से पहले जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे, लेकिन सोमवार को बरेली मोड़ से पुत्तूलाल चौराहा तक किए गए निरीक्षण में कई कमियां सामने आईं।
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बरेली मोड़ पर सड़क पर ही ई-रिक्शा, ऑटो और अन्य डग्गामार वाहनों का अवैध स्टैंड संचालित मिला। आधी सड़क वाहनों से घिरी होने के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था। कांवड़ यात्रा के दौरान यही स्थिति बनी रही तो जाम और हादसों की आशंका बढ़ सकती है। इसी क्षेत्र में सड़क पर कई गड्ढों में बारिश का पानी भरा मिला।
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गर्रा पुल के पास भी सड़क क्षतिग्रस्त मिली। राजघाट चौकी के पास सड़क किनारे एप्रोच रोड टूटी हुई थी, जिस पर रोड़ी डालने से रास्ता और ऊबड़-खाबड़ हो गया था। चारखंभा और केरूगंज मार्ग पर भी कई स्थानों पर सड़क की हालत खराब मिली।
लटकते तार और बिना पॉलिथीन के खंभे बढ़ा रहे खतरा
राजघाट चौकी से चारखंभा के बीच कई स्थानों पर बिजली के तार लटकते मिले। पेट्रोल पंप के पास एक स्थान पर तार इतने नीचे थे कि राहगीरों के संपर्क में आने का खतरा बना हुआ था। वहीं कई बिजली के खंभों पर बारिश के दौरान करंट से बचाव के लिए पॉलिथीन भी नहीं लपेटी गई थी, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।
ऊंचे-नीचे मैनहोल भी बने परेशानी
कांवड़ मार्ग पर कई स्थानों पर मैनहोल सड़क की सतह से ऊपर या नीचे हैं। बारिश में इनके आसपास जलभराव होने से वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के फिसलने तथा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यात्रा नजदीक होने के बावजूद इनका समतलीकरण नहीं कराया गया है।
सड़कों के गड्ढे भरने और रास्ता पूरी तरह से ठीक करने के लिए नगर निगम और पीडब्ल्यूडी को निर्देशित किया गया है। कांवड़ यात्रा शुरू होने से पूर्व मार्ग को दुरुस्त कर लिया जाएगा। कांवड़ यात्रा पूरी तरह से सुरक्षित और सुविधाजनक रूप से संपन्न कराई जाएगी।
-धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम
कांवड़ मार्ग के 4400 खंभे पॉलिथीन लपटने के लिए चिह्नित किए गए थे। इनमें 80 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है। इसी तरह 29 लाइनों में 23 सही कर दी गई हैं। कांवड़ मार्ग के 75 ट्रांसफॉर्मर भी फेंसिंग के लिए चिह्नित किए हैं। अधिकतर में कार्य पूरा करा दिया गया है। दो दिन में शेष कार्य पूर्ण कर देंगे।
-अनुज प्रताप सिंह, अधीक्षण अभियंता, बिजली निगम

राजघाट से केरूगंज मार्ग पर सड़क पर काफी नीचे तक तार है। संवाद