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एनकाउंटर में दो लोगों की मौत के मामले में 18 साल बाद कोर्ट ने दिए केस दर्ज करने के आदेश

Thu, 03 Feb 2022 01:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 03 Feb 2022 01:42 AM IST
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In the case of the death of two people in the encounter, after 18 years, the court ordered to register the case.
शाहजहांपुर। दस्यु उन्मूलन के दौरान पुलिस मुठभेड़ में दो लोगों की मौत के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने जलालाबाद थाने की पुलिस को केस दर्ज करने का आदेश दिया है। पुलिस ने यह मुठभेड़ तीन अक्तूबर, 2004 को हुई थी। वादी की रिपोर्ट दर्ज करने का प्रार्थना पत्र 2012 में अदालत ने अस्वीकार कर दिया था। 2013 में दोबारा रिवीजन डाली गई थी। अदालत ने अब केस दर्ज करने का आदेश दिया है।
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एडवोकेट एजाज हसन खां ने बताया कि जलालाबाद क्षेत्र के गांव चचुआपुर निवासी रामकीर्ति ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था। रामकीर्ति ने बताया कि तीन अक्तूबर, 2004 की सुबह गांव के रामसहाय, रामदास, ओमहरि और धनपाल अपने जानवर चराने कटरी क्षेत्र में गए थे। गांव का प्रह्लाद अपना खेत जोतने गया था। रामकीर्ति अपने भाई प्रह्लाद को खाना देने के लिए खेत में आया था। दोपहर करीब 12 बजे 17-18 पुलिसकर्मी खेत पर आ गए। उन लोगों से उनकी जाति पूछी। धीमर जाति का बताने पर पुलिस वालों ने प्रह्लाद और धनपाल को पकड़कर दोनों के कमर में कारतूस की पेटी बांधी और दोनों के कंधों में बंदूक टांगकर अंगौछे से हाथ बांध दिए। वहां मौजूद अन्य चरवाहों को भगा दिया।
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हालांकि उन लोगों ने थोड़ी दूर से देखा कि पुलिसकर्मी धनपाल और प्रह्लाद को खेत के किनारे पतेल के पास ले गए और चार गोली चलाकर मार दिया। शव को गाड़ी में डाल दिया। रामसहाय को पुलिस वाले ले गए और बंडा थाने से अफीम और डोडा रखने के आरोप में जेल भेज दिया। वह बाद में अदालत से बरी हो गया। पुलिस मुठभेड़ की जांच तत्कालीन जिला मजिस्ट्रेट अमित घोष ने कराई। जांच में पुलिस मुठभेड़ संदिग्ध पाई गई। वहीं पुलिस के मुताबिक मारे गए लोग कुख्यात बदमाश नरेशा धीमर गिरोह के थे।
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मुठभेड़ के दौरान दो पुलिसकर्मियों को भी गोली लगी थी। मुठभेड़ के बाद कुछ पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रोमोशन मिला था। अपर सत्र न्यायाधीश सौरभ द्विवेदी के आदेश पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आभापाल ने जलालाबाद थाने को सुसंगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच करने के लिए आदेशित किया है।

एसपी, एएसपी व सीओ समेत 18 पुलिसकर्मियों पर आरोप
वादी रामकीर्ति ने तत्कालीन एसपी सुशील कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक माता प्रसाद, सीओ तिलहर मुन्नू लाल, सीओ जलालाबाद जयकरन सिंह भदौरिया, सदर सीओ आरके सिंह समेत 18 पुलिसकर्मियों पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया है। रोजा थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह, सेहरामऊ दक्षिणी थाना प्रभारी सूबेदार सिंह, मदनापुर थाना प्रभारी राजेंद्र, जलालाबाद थाना प्रभारी हरपाल सिंह, कांट, जैतीपुर, अल्हागंज, कलान, परौर, मिर्जापुर के थाना प्रभारियों, एसओजी प्रभारी पीके सिंह, एसआई वीके सिंह और कांस्टेबल बदन सिंह के साथ ही उप्र सरकार को भी आरोपी बनाया है।
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