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बारिश का असर : दो हजार से गिरकर महज 300 पर पहुंच गई ओपीडी
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बरिश के चलते खचाखच भरे रहने वाले मेडिकल कॉलेज में कम रहे मरीज। संवाद
शाहजहांपुर। दो दिन से जारी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। जलभराव और खराब मौसम का सबसे बड़ा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर देखने को मिल रहा है। बारिश के कारण जिला राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीजों की संख्या दो हजार से घटकर सिर्फ सवा तीन सौ पहुंच गई है।
रोजाना हजारों मरीजों से खचाखच भरे रहने वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में शनिवार सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा। शनिवार को केवल 324 मरीज ही ओपीडी में पहुंचे। शुक्रवार को 1526, बृहस्पतिवार को 1642 और बुधवार को 2009 की ओपीडी हुई थी। शनिवार को चिकित्सकों के कक्ष खाली पड़े नजर आए। जिस पर्चा काउंटर पर पैर रखने तक की जगह नहीं होती थी, वहां इक्का-दुक्का मरीज ही नजर आए। सिर्फ ट्राॅमा सेंटर में भी मरीज नजर आए।
प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार के अनुसार, मौसम खराब होने के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। ओपीडी में केवल वही लोग पहुंच रहे हैं जिन्हें बेहद गंभीर समस्या है।
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जलभराव से मौसमी और संक्रामक बीमारियों का बढ़ेगा खतरा
बारिश से हुए जलभराव के बाद मौसमी और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए अस्पताल प्रशासन अलर्ट पर है। वहीं, बारिश के चलते एक दिन की दवा लेने के बजाय मरीजों ने तीन-चार दिन की दवा लेकर रख ली है। सामान्य मरीजों के तीमारदारों ने अस्पताल जाने के बजाय मेडिकल स्टोर से दवा ली।
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ये सावधानियां बरतें
- अच्छी तरह उबला या फ़िल्टर किया हुआ, शुद्ध पानी पिएं।
- पानी जमा न होने दें, कूलर व गमलों को साफ रखें।
- सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
- ताजा और गर्म भोजन करें।
- खुले में रखे खाद्य पदार्थ या कटे हुए फल खाने से बचें।
- खाना खाने से पहले साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं।
(जैसा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया)
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रोजाना हजारों मरीजों से खचाखच भरे रहने वाले राजकीय मेडिकल कॉलेज परिसर में शनिवार सुबह से ही सन्नाटा पसरा रहा। शनिवार को केवल 324 मरीज ही ओपीडी में पहुंचे। शुक्रवार को 1526, बृहस्पतिवार को 1642 और बुधवार को 2009 की ओपीडी हुई थी। शनिवार को चिकित्सकों के कक्ष खाली पड़े नजर आए। जिस पर्चा काउंटर पर पैर रखने तक की जगह नहीं होती थी, वहां इक्का-दुक्का मरीज ही नजर आए। सिर्फ ट्राॅमा सेंटर में भी मरीज नजर आए।
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प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार के अनुसार, मौसम खराब होने के कारण लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। ओपीडी में केवल वही लोग पहुंच रहे हैं जिन्हें बेहद गंभीर समस्या है।
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जलभराव से मौसमी और संक्रामक बीमारियों का बढ़ेगा खतरा
बारिश से हुए जलभराव के बाद मौसमी और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए अस्पताल प्रशासन अलर्ट पर है। वहीं, बारिश के चलते एक दिन की दवा लेने के बजाय मरीजों ने तीन-चार दिन की दवा लेकर रख ली है। सामान्य मरीजों के तीमारदारों ने अस्पताल जाने के बजाय मेडिकल स्टोर से दवा ली।
ये सावधानियां बरतें
- अच्छी तरह उबला या फ़िल्टर किया हुआ, शुद्ध पानी पिएं।
- पानी जमा न होने दें, कूलर व गमलों को साफ रखें।
- सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें।
- ताजा और गर्म भोजन करें।
- खुले में रखे खाद्य पदार्थ या कटे हुए फल खाने से बचें।
- खाना खाने से पहले साबुन से हाथ अच्छी तरह धोएं।
(जैसा कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने बताया)