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दूसरे दिन भी दहशत से उबर नहीं पाए छात्र, नहीं गए स्कूल
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बंडा। जट्रोफा के बीज खाने से बीमार हुए बच्चों को मंगलवार को जिला अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सभी बच्चे घर पहुंच गए हैं और उनकी हालत भी ठीक हैं, लेकिन सोमवार की घटना से सहमे गांव के तमाम बच्चे मंगलवार को स्कूल नहीं आए। शिक्षक के घर-घर जाकर बुलाने के बाद भी 153 के सापेक्ष केवल 28 बच्चे ही स्कूल पहुंचे।
गौरतलब है कि गांव ढुकरी बुजुर्ग के प्राथमिक स्कूल के लगभग 15 बच्चों ने जेट्रोफा के बीज खा लिए थे। स्कूल में प्रार्थना के बाद एक के बाद एक बच्चे को उल्टी, चक्कर आना और जी मिचलाने की शिकायत होने लगी तो प्रधानाध्यापक अजय कुमार केसरवानी सकते में आ गए। उन्होंने बीईओ, बीएसए को सूचना देने के साथ ही 108 सेवा कर कॉल कर एंबुलेंस को बुलवाकर बच्चों को बंडा सीएचसी पर भर्ती कराया था। बाद में बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। जिला अस्पताल में डीएम, एसपी, बीएसए और सीएमओ ने बच्चों का हाल जाना था। मंगलवार को सभी बच्चों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया। बंडा सीएचसी में एक बार फिर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आराम करने की सलाह देकर घर भिजवाया गया। बीमार बच्चे मंगलवार को भी काफी सहमे से नजर आ रहे थे।
उधर मंगलवार सुबह स्कूल खोला गया तो मात्र दो बच्चे ही स्कूल आए। प्रधानाध्यापक अजय कुमार केसरवानी ने बताया कि बच्चों के स्कूल नहीं आने पर वह बच्चों को उनके घर से बुलाने भी गए, लेकिन रोजाना स्कूल आने वाले 153 बच्चों में मात्र 28 बच्चे ही स्कूल आए। काफी समझाने के बाद भी बच्चे स्कूल नहीं आए।
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मूंगफली समझकर खा लिए थे जट्रोफा के बीज
बंडा। अस्पताल से इलाज के बाद घर पहुंचे बच्चों ने बताया कि उन्होंने जट्रोफा के बीच मूंगफली के दाने समझकर खा लिए थे। एक बच्चे को बीज खाते देख दूसरे बच्चों ने भी बीज खा लिए, जिससे वह बीमार पड़ गए। अब वह लोग उस पेड़ के पास कभी नहीं जाएंगे।
एक छात्र की मां ने भी खाए थे बीज, हुई बीमार
बंडा। एक छात्र शोभित जट्रोफा के बीज खुद खाने के साथ ही घर भी ले गए था। शोभित की मां तारावती ने भी बीज खा लिए थे। बच्चों के बीमार होने के बाद उन्हें भी उल्टी और चक्कर आने की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
भविष्य में बच्चों पर ज्यादा सतर्क निगाह रखी जाएगी, जिससे वह इधर उधर न जाएं। बीज खाने का मामला स्कूल खुलने से पहले का है। स्कूल समय से खोला गया था।
अजय कुमार केसरवानी, प्रधानाध्यापक प्राथमिक स्कूल ढुकरी बुजुर्ग-बंडा
अब बच्चों की हालत पूरी तरह से ठीक है। अभिभावकों को बच्चों का ध्यान रखने और उन्हें आराम कराने की सलाह दी गई है। अब कोई समस्या नहीं है।
मनोज मिश्रा, अधीक्षक सीएचसी बंडा
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गौरतलब है कि गांव ढुकरी बुजुर्ग के प्राथमिक स्कूल के लगभग 15 बच्चों ने जेट्रोफा के बीज खा लिए थे। स्कूल में प्रार्थना के बाद एक के बाद एक बच्चे को उल्टी, चक्कर आना और जी मिचलाने की शिकायत होने लगी तो प्रधानाध्यापक अजय कुमार केसरवानी सकते में आ गए। उन्होंने बीईओ, बीएसए को सूचना देने के साथ ही 108 सेवा कर कॉल कर एंबुलेंस को बुलवाकर बच्चों को बंडा सीएचसी पर भर्ती कराया था। बाद में बच्चों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था। जिला अस्पताल में डीएम, एसपी, बीएसए और सीएमओ ने बच्चों का हाल जाना था। मंगलवार को सभी बच्चों को इलाज के बाद घर भेज दिया गया। बंडा सीएचसी में एक बार फिर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आराम करने की सलाह देकर घर भिजवाया गया। बीमार बच्चे मंगलवार को भी काफी सहमे से नजर आ रहे थे।
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उधर मंगलवार सुबह स्कूल खोला गया तो मात्र दो बच्चे ही स्कूल आए। प्रधानाध्यापक अजय कुमार केसरवानी ने बताया कि बच्चों के स्कूल नहीं आने पर वह बच्चों को उनके घर से बुलाने भी गए, लेकिन रोजाना स्कूल आने वाले 153 बच्चों में मात्र 28 बच्चे ही स्कूल आए। काफी समझाने के बाद भी बच्चे स्कूल नहीं आए।
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मूंगफली समझकर खा लिए थे जट्रोफा के बीज
बंडा। अस्पताल से इलाज के बाद घर पहुंचे बच्चों ने बताया कि उन्होंने जट्रोफा के बीच मूंगफली के दाने समझकर खा लिए थे। एक बच्चे को बीज खाते देख दूसरे बच्चों ने भी बीज खा लिए, जिससे वह बीमार पड़ गए। अब वह लोग उस पेड़ के पास कभी नहीं जाएंगे।
एक छात्र की मां ने भी खाए थे बीज, हुई बीमार
बंडा। एक छात्र शोभित जट्रोफा के बीज खुद खाने के साथ ही घर भी ले गए था। शोभित की मां तारावती ने भी बीज खा लिए थे। बच्चों के बीमार होने के बाद उन्हें भी उल्टी और चक्कर आने की शिकायत होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
भविष्य में बच्चों पर ज्यादा सतर्क निगाह रखी जाएगी, जिससे वह इधर उधर न जाएं। बीज खाने का मामला स्कूल खुलने से पहले का है। स्कूल समय से खोला गया था।
अजय कुमार केसरवानी, प्रधानाध्यापक प्राथमिक स्कूल ढुकरी बुजुर्ग-बंडा
अब बच्चों की हालत पूरी तरह से ठीक है। अभिभावकों को बच्चों का ध्यान रखने और उन्हें आराम कराने की सलाह दी गई है। अब कोई समस्या नहीं है।
मनोज मिश्रा, अधीक्षक सीएचसी बंडा