फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Husband's allegation: Negligence in treatment...operation was done again

पति का आरोप : इलाज में बरती गई लापरवाही...दोबारा कर दिया ऑपरेशन

Tue, 22 Apr 2025 12:44 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Tue, 22 Apr 2025 12:44 AM IST
विज्ञापन
Husband's allegation: Negligence in treatment...operation was done again
शाहजहांपुर में ​शि​क्षिका की मौत के बाद अस्पताल में मां को सम्हालते ​शि​​क्षिका के पति मयंक चड् - फोटो : udhampur news
शाहजहांपुर। शिक्षिका चारू की मौत के मामले में पति मयंक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। मयंक ने बताया कि ऑपरेशन के बाद सांस उखड़ने के साथ असहनीय दर्द होने लगा। उसकी मौत होने के बाद भी बताया नहीं गया। चार बजे दोबारा से ऑपरेशन कर दिया। खून के नाम पर परिजनों को दौड़ाते रहे।
विज्ञापन


मामले में शिक्षिका के पिता मुकेश आहूजा ने चौक कोतवाली में तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि प्रसव पीड़ा होने पर चारू को ब्रजदीप नर्सिग होम में भर्ती कराया था। ऑपरेशन के बाद पुत्री को जन्म दिया। चारू को दिनभर शौच की दिक्कत रही। पूरे मामले में डॉ. दीपा सक्सेना लापरवाही करतीं रहीं। मरीज को डॉ.पाठक और डॉ.पवन अग्रवाल व अन्य डॉक्टरों के साथ आईसीयू में रखा गया। हालत बिगड़ने पर डॉ.दीपा स्वयं एंबुलेंस से कमला नर्सिंग होम में लेकर आईं। डॉ.दीपा कोई बीमारी नहीं होने का बहाना बनाती रहीं। शिक्षिका की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है। वहीं, इस मामले में पंजाबी महासभा के पदाधिकारियों ने डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह से मुलाकात की। उन्हें पूरे प्रकरण की जानकारी देते हुए पैनल से पोस्टमॉर्टम व वीडियोग्राफी कराने की मांग की गई।
विज्ञापन


-----------

प्रदेश अध्यक्ष ने रखा अपना पक्ष

-वरिष्ठ फिजिशियन व आईएमए के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.पीके अग्रवाल ने बताया कि रात नौ बजे मरीज को गंभीर अवस्था में उपचार के लिए लाया गया था। उसकी ह्रदय गति बंद होने पर तत्काल उसे वेंटिलेटर पर लिया। कॉर्डियक मसाज कर ह्दयगति को पुन: चालू करने में सफलता मिल गई। मरीज के परिजनों को बताया था कि मरीज की हालत के मद्देनजर शीघ्र ही बाहर किसी अच्छे सेंटर पर ले जाएं। रिश्तेदारों की सहमति से एंबुलेंस में शिफ्ट करने के लिए नीचे लाया गया। मरीज एंबुलेंस में पहुंच पाता, तब तक मरीज के परिजन किसी अस्पताल के स्टाफ को ले आए और अस्पताल परिसर में इलाज शुरू करा दिया। उसने जो दवा मांगी, वह उपलब्ध करा दी गई। लगभग आधा-पौन घंटे के बाद उसने मरीज को पुन: आईसीयू में ले जाने की सलाह दी। डॉ. अग्रवाल के मुताबिक, उसी समय मरीज को कॉर्डियक मॉनीटर से देखा तो ह्नदय गति बंद हो चुकी थी। इसी वजह से उन्होंने उसे तत्काल मृत घोषित कर दिया और पुलिस को सूचना दी। सारी कार्रवाई सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed