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Shahjahanpur News: गुरु पुष्य योग में सोने-चांदी व वाहनों की हुई जमकर खरीदारी

Fri, 25 Oct 2024 02:25 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Fri, 25 Oct 2024 02:25 AM IST
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Huge purchases of gold, silver and vehicles took place during Guru Pushya Yoga.
शाहजहांपुर के चौक ​स्थित एक शोरूम पर आभूषण खरीदतीं महिलाएं। स्रोत : प्रतिष्ठान
शाहजहांपुर। गुरु पुष्य योग पर बृहस्पतिवार को बाजार में लोग खरीदारी करने के लिए पहुंचे। इस दौरान सोना-चांदी व वाहनों की जमकर बिक्री होने पर व्यापारी खुश नजर आए। अब धनतेरस पर अच्छी खरीदारी होने की उम्मीद है।
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बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11:38 बजे से गुरु पुष्य योग लगा। इस योग में धर्म, कर्म, मंत्र जाप, अनुष्ठान, मंत्र दीक्षा अनुबंध, व्यापार आदि शुरु करने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। इसको ध्यान में रखकर लोगों ने विधिविधान से पूजा-अर्चना की और अनुष्ठान कराए। इसके साथ ही बाजार में खरीदारी करने पहुंचे। बाजार में सोना-चांदी, आभूषण, बर्तन, कपड़े, कार, चार पहिया, इलेक्ट्रॉनिक सामान की सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक खरीदारी हुई। इसके साथ ही लोगों ने भूमि की खरीदारी भी की। ज्योतिष के अनुसार गुरु पुष्य योग इस बार मेष, वृष, सिंह, कन्या, धनु एवं मकर राशि वालों के लिए विशेष लाभकारी रहा।
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सदर सराफा बाजार के जिलाध्यक्ष विनोद गुप्ता ने बताया कि गुरु पुष्य योग के चलते जिले में स्थित सभी शोरूम व दुकानों पर मिलाकर करीब एक करोड़ के आभूषणों की खरीदारी हुई होगी। सुमित्रा मोटर्स के मैनेजर अतुल कपूर के अनुसार बृहस्पतिवार को टाउनहाल स्थित शोरूम से पांच दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई। पूरे जिले में 50 से अधिक दोपहिया वाहन बिके होंगे। जिनकी कीमत 50 लाख के करीब होगी।
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अहोई अष्टमी पर माताओं ने पुत्र की दीर्घायु के रखा निर्जला व्रत

शाहजहांपुर। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर बृहस्पतिवार को माताओं ने अपने पुत्रों की दीघार्यु के लिए निर्जला व्रत रखा। उन्होंने घर में चौकी पर कलश स्थापित करके माता अहोई और भगवान गणेश की पूजा की। शाम को अहोई माता की कथा सुनी और पूजा के बाद तारों को जल अर्पित किया। मान्यता है कि इससे संतान को दीर्घायु, समृद्धि और सुख-शांति प्राप्त होती है। पूरे दिन निर्जला व्रत शाम को तारे को अर्घ्य देने के बाद ही माताओं ने अपना व्रत तोड़ा और भोजन किया। संवाद
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